क्या कोविड के बाद आ रहा है सबसे बड़ा ‘LOCKDOWN’, कैसी है दुनिया की तैयारी?

तेल संकट से कोविड के बाद सबसे बड़ा लॉकडाउन आ रहा है!

ईरान जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का आना-जाना रुक गया है. दुनिया का बहुत सारा तेल इसी रास्ते से गुजरता है. अब तेल की कीमतें $112 प्रति बैरल तक पहुंच रही हैं. अमेरिका में गैस की कीमत $5 प्रति गैलन हो गई है. हर चीज महंगी हो रही है क्योंकि ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ गया है.
दुकानों में सब कुछ महंगा होता जा रहा है. खाद्य सुरक्षा भी खतरे में है क्योंकि खाद्य पदार्थ बनाने के लिए जरूरी खाद भी होर्मुज से आता है. किसान ज्यादा पैसे देंगे तो खाना भी महंगा होगा

एयरलाइंस उड़ानें कम कर रही हैं, यात्रा मुश्किल

यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस हफ्ते ही 5% उड़ानें काट दी हैं. दूसरे देशों की एयरलाइंस भी उड़ानें कम कर रही हैं. आपकी हवाई यात्रा महंगी और कम हो जाएगी. सरकारें कह रही हैं बेवजह यात्रा कम करें. यह ठीक वही भाषा है जो कोविड में इस्तेमाल हुई थी – केवल जरूरी काम के लिए बाहर निकलें.

दुनिया भर में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई

कई देश पहले से ही तेल राशनिंग कर रहे हैं. जापान में फ्यूल राशनिंग लागू है. एनर्जी वाउचर बांटे जा रहे हैं. दक्षिण कोरिया में भी राशनिंग चल रही है. बांग्लादेश, फिलीपींस और श्रीलंका में पेट्रोल की लंबी कतारें लग रही हैं. ऑस्ट्रेलिया सरकार कह रही है कि गैर-जरूरी यात्राएं कम करें. भारत में 80% तेल होर्मुज से आता है. पाकिस्तान पहले से आर्थिक संकट में है. तेल की मार और बढ़ गई है.

IEA का प्लान – एनर्जी लॉकडाउन का ब्लूप्रिंट

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने 10 पॉइंट प्लान जारी किया है जिसका नाम है Sheltering from Oil Shocks. इसमें सरकारों को कहा गया है…
• लाइसेंस प्लेट के आधार पर दिन तय करें – आज आपकी गाड़ी चल सकती है, कल नहीं.  
• हर हाईवे पर स्पीड लिमिट कम करें. 
• हवाई यात्रा जहां संभव हो कम करें.  
• गैस चूल्हे की जगह इलेक्ट्रिक चूल्हा इस्तेमाल करें.  
• जहां संभव हो घर से काम करें.

ये सुझाव नहीं, बल्कि सरकारों के लिए तैयार प्लान है. IEA कह रही है कि कोविड में यह काम आया था, वैसे ही अब एनर्जी क्राइसिस में काम आएगा. सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लॉकडाउन नहीं कहेंगी, लेकिन असर एक ही होगा – आप घर से बिना इजाजत बाहर नहीं निकल पाएंगे.
कोविड में सरकारें स्वास्थ्य के नाम पर लॉकडाउन लगाती थीं. अब ऊर्जा के नाम पर वही काम हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, फिलीपींस पहले से राशनिंग कर चुके हैं. अमेरिका में गैस की कीमतें बढ़ी हैं. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. यह सब अभी शुरू हो चुका है. 

आगे क्या होगा और आपको क्या करना चाहिए?

अगर तेल की कीमतें और बढ़ीं तो ट्रांसपोर्ट, उड़ानें, खेती सब महंगा हो जाएगा. सरकारें धीरे-धीरे राशनिंग और स्पीड लिमिट लगाएंगी. IEA का प्लान कई देशों में लागू होने वाला है. यह स्थायी व्यवस्था बन सकती है – डिजिटल परमिट सिस्टम, जहां आपकी गाड़ी, यात्रा और घरेलू उपकरण भी नियंत्रित होंगे.  

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