जल रहे कराची-लाहौर-इस्लामाबाद… पाकिस्तान में हालात आउट ऑफ कंट्रोल

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में मौत की खबर के बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद, कराची और लाहौर शहर में हालात बेकाबू हो गए हैं. साथ ही साथ पीओके में स्थित स्कर्दू शहर में भी भी बवाल मचा है. कराची में तो सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारी अमेरिकी कांसुलेट के बाहर जमा हो गए. शुरुआत में जुलूस शांतिपूर्ण था, लेकिन दोपहर के बाद स्थिति हिंसक रूप ले गई. इस दौरान 12 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. वहीं, लाहौर में भी भारी संख्या में लोग अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए. 

राजधानी इस्लामाबाद में खामेनेई की मौत को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं ताकि कराची जैसे हालात इस्लामाबाद में न हो जाए.
रिपोर्ट के अनुसार, कराची में प्रदर्शनकारियों ने कांसुलेट के मुख्य गेट पर हथौड़ों और लोहे की रॉड से हमला किया. गेट टूट गया और भीड़ परिसर के अंदर घुसने लगी. प्रदर्शन के दौरान आग के गोले फेंके गए, जिससे कांसुलेट की इमारत के कई हिस्सों में आग लग गई. काले धुएं का गुबार आसमान में फैल गया.

सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया. इसके बाद गोलीबारी की खबर भी सामने आई. इस हिंसक झड़प में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें प्रदर्शनकारी, रेंजर्स और एक आम नागरिक शामिल हैं. कई लोग घायल भी हुए हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कांसुलेट के गेट तोड़ते हुए लोग, जलती इमारतें और भागती भीड़ देखी जा सकती है. दीवारों पर नारे लिखे गए हैं और काले झंडे लहराते युवाओं की तस्वीरें भी सामने आई हैं.

यह सारी घटनाएं अमेरिका-इजरायल के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के बाद हुई हैं, जिसमें ईरान के कई शीर्ष नेताओं की मौत और न्यूक्लियर साइट्स को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है. ईरान ने इसके जवाब में मिसाइल हमले किए हैं. इस गंभीर तनाव का प्रभाव पाकिस्तान सहित पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है.

ईरान पर हमले को लेकर क्या है अपडेट?

शनिवार को शुरू हुए “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” ने मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक परिस्थितियों को पूरी तरह बदल दिया. इस ऑपरेशन में ईरान के 500 से ज्यादा महत्वपूर्ण टारगेट्स को निशाना बनाया, जिनमें मिसाइल साइट्स, न्यूक्लियर फैसिलिटी और ईरान के प्रमुख मुख्यालय शामिल थे. 
इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत समेत उनकी बेटी बोशरा, दामाद, बहू जहरा हद्दाद अदेल, IRGC कमांडर मोहम्मद पकपूर, डिफेंस मिनिस्टर अमीर नासिरजादेह, अली शमखानी, इस्माइल कानी सहित 40 से ज्यादा शीर्ष नेता भी मारे गए. कुल मिलाकर ईरान में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई और लगभग 747 लोग घायल हुए. इस हमले के बाद इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया कि ईरान की सैन्य और मिसाइल क्षमता अब समाप्त हो चुकी है.

ईरान ने इस हमले का जवाब ज़ोरदार पलटवार करते हुए दिया. ईरान ने तेल अवीव और जेरूसलम में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हुई और 121 लोग घायल हुए. इसके अलावा गल्फ देश जैसे सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, और कुवैत पर भी हमले किए गए. जॉर्डन ने 49 मिसाइलों को सफलता पूर्वक इंटरसेप्ट किया. साथ ही, ईरान ने अमेरिकी बेसों पर भी हमले किए. ईरान के अधिकारियों ने साफ कहा है कि वे हर हमले का भरपूर और सशक्त जवाब देंगे. इसके चलते पूरे क्षेत्र का एयरस्पेस भी बंद कर दिया गया है.

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