हफ्तों से जारी तनातनी और लामबंदी के बीच ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला कर दिया है. ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार सुबह से ही धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है. कई इमारतों से काला धुआं उठता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, दोनों ही इन हमलों को खुद पर खतरा बताते हुए जरूरी बताया है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि ‘हमने ईरान के खिलाफ पहले हमला किया, ताकि इजरायल के लिए खतरे दूर हो सकें.’
सुबह राजधानी तेहरान में बड़े धमाके सुने गए लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं मिली है. बताया जा रहा है कि तेहरान के अलावा इस्फहान, कजर और करमानशाह जैसे बाकी ईरानी शहरों में भी हमला हुआ है.
महीनों से चल रही थी हमले की प्लानिंग
ईरान के चारों ओर कई दिनों से अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा था. हमले के बाद ट्रंप ने कहा कि ‘कुछ समय पहले अमेरिकी सेना ने ईरान में बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है. हमारा मकसद ईरानी सरकार से आने वाले खतरों को खत्म करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है, जो बहुत ही सख्त और भयानक लोगों का ग्रुप है. इसकी खतरनाक गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, हमारे सैनिकों, विदेशों में हमारे बेस और दुनिया में हमारे सहयोगियों को खतरे में डालती हैं.’
वहीं, इजरायली डिफेंस के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ‘ऑपरेशन की तारीख महीनों पहले से की जा रही थी और हमले की तारीख हफ्तों पहले तय की गई थी.’ जबकि, ईरान का कहना है कि इन हमलों का सख्ती से जवाब दिया जाएगा.
ईरान-इजरायल युद्ध: अब तक क्या-क्या पता है?
1. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के दफ्तर के पास हवाई हमला हुआ है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई को पहले ही तेहरान से निकालकर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है. अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने के कारण उन्हें कई दिनों से सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं देखा गया था.
2. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमलों के बाद एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि ‘कुछ घंटे पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान में आतंकी शासन से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है.’
3. न्यूज एजेंसी AFP ने इजरायल के सरकारी ब्रॉडकास्टर KAN के हवाले से बताया है कि ईरान पर उसके बैलिस्टिक मिसाइलों के ठिकानों सहित सरकारी और सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं.
4. तेहरान में हमलों के बाद ईरान और इजरायल दोनों ने कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है. इजरायल ने इमरजेंसी भी घोषित कर दी है.
5. बहरीन की सरकारी न्यूज एजेंसी ने बताया है कि वहां भी कई जगह हमले हुए हैं. एजेंसी ने हमले को बहरीन की संप्रुभता और सुरक्षा का खुला उल्लंघन बताते हुए कहा कि इमरजेंसी उपाय लागू किए जा रहे हैं. खास बात यह है कि बहरीन में अमेरिकी नेवी के फिफ्ट फ्लीट का हेडक्वार्टर है.
6. अब जंग ईरान और इजरायल से आगे बढ़ चुकी है. कतर में मोबाइल फोन पर वॉर्निंग अलर्ट मिल रहे हैं और लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की गई है. कुवैत में भी सायरन और धमाके सुने गए हैं. कुवैत में अमेरिकी सेना का बेस भी है.
7. यमन में ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों ने शिपिंग रूट और इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन अटैक फिर से शुरू करने का फैसला किया है.
8. कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों ने पूरे इलाके में धमाकों की रिपोर्ट के बाद अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है.
9. ईरान में अमेरिकी हमले के बाद रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘ईरान के साथ नेगोशिएशन सिर्फ दिखावा था और एक कवर ऑपरेशन है. किसी को इस पर शक नहीं था. असल में कोई भी कुछ भी बातचीत नहीं करना चाहता था.’
10. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका-इजरायल की जॉइंट स्ट्राइक के बाद ‘अपने देश की रक्षा करने का समय आ गया है.’
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