स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के मामले में केस दर्ज, FIR में इनका भी नाम

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो और अन्य आरोपों में FIR दर्ज कर ली गई है. एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने आईपीसी की धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3, 4(2), 5, 6, 16 और 17 के तहत इन दोनों और 2-3 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- आशुतोष ब्रह्मचारी खुद अपराधी

एफआईआर के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुद को निशाना बनाने वाले वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर आरोप लगाए और कहा कि उनके खिलाफ कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं. उन्होंने आशुतोष को अपराधी बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई उनके द्वारा की गई धार्मिक लड़ाइयों से प्रेरित है.

क्या बोले आशुतोष ब्रह्मचारी?

वहीं, आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस आरोप का सख्त खंडन किया. उनका कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों ने उनके खिलाफ 21 मुकदमों की फर्जी सूची वायरल की, जिस पर उन्होंने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है. पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि इस सूची को उन्होंने स्वामी को उपलब्ध नहीं कराया और न ही उस पर कोई मोहर लगी है. आशुतोष ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है.

अविमुक्तेश्वरानंद की तुलना कालनेमी से की

आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कृत्यों को गलत बताया और कहा कि वे इस मामले में सिर्फ सूचनाकर्ता हैं. उनका कहना है कि बच्चों को न्याय मिलना चाहिए और फर्जी सूची से उनके खिलाफ कोई असर नहीं होगा. उन्होंने स्वामी की तुलना कालनेमी से करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उन्हें उनके किए की सजा मिले.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ सनातन न्याय यात्रा निकालने की बात

आगे आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि सनातन न्याय यात्रा निकाली जाएगी, जो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पूरी पोल खोलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि माघ मेले में स्वामी एक डिप्टी सीएम के इशारे पर धरने पर बैठे थे, जिसकी जांच के लिए डीजीपी को पत्र भेजा गया है.
पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और आशुतोष ब्रह्मचारी ने पूरा सहयोग देने की बात कही है. इस मुकदमे के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है.

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