सबके राज खोलने को तैयार हूं…’, एपस्टीन की गर्लफ्रेंड ने ट्रंप से लगाई माफी की गुहार

एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से दुनिया सन्न है. इस फाइल ने ऐसी सच्चाइयां उजागर की है जिस पर सहसा यकीन नहीं होता है. अब वीवीआईपी चेहरों को एक्सपोज करने वाली इस स्कैंडल की एक अहम किरदार और इस कांड के मुख्य दोषी जेफरी एफस्टीन की गर्लफ्रेंड घिसलेन नोएल मैरियन मैक्सवेल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से क्षमादान की मांग की है. 

घिसलेन मैक्सवेल और जेफरी एपस्टीन की कहानी एक जटिल और अंधेरे स्कैंडल की ओर इशारा करती है, जो सेक्स ट्रैफिकिंग, शोषण और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़ी हुई है. घिसलेन मैक्सवेल और जेफरी एपस्टीन की कभी न सिर्फ अमेरिका बल्कि वर्ल्ड पॉवर कॉरिडोर में तूती बोलती थी. जहां दुनिया भर के रईस अपनी कुत्सित और गंदी इच्छाएं पूरी करने के लिए जमा होते थे.
एपस्टीन और मैक्सवेल जैसे लोग दौलत और कनेक्शन्स का इस्तेमाल करके नाबालिग लड़कियों को जाल में फंसाते थे. उनके नेटवर्क में राजनीतिज्ञ, सेलिब्रिटी और बिजनेसमैन शामिल थे. 

सोशलाइट की बेटी मैक्सवेल, अब जेल की अंधेरी कोठरियों में बंद

घिसलेन मैक्सवेल (Ghislaine Maxwell) ब्रिटिश सोशलाइट और पूर्व मीडिया मोगुल रॉबर्ट मैक्सवेल की बेटी हैं. 1961 में पैदा हुई मैक्सवेल जेफरी एपस्टीन की पूर्व गर्लफ्रेंड और करीबी साथी के रूप में जानी जाती हैं.

मैक्सवेल पर आरोप था कि उन्होंने एपस्टीन के साथ मिलकर नाबालिग लड़कियों को सेक्स ट्रैफिकिंग के लिए लुभाया और उनका शोषण किया. 2020 में उन्हें गिरफ्तार किया गया, और 2021 में न्यूयॉर्क की अदालत में चाइल्ड सेक्स ट्रैफिकिंग और अन्य अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया. अमेरिकी अदालत ने उन्हें 20 साल की जेल की सजा सुनाई. मैक्सवेल फिलहाल टेक्सास की एक फेडरल जेल में सजा काट रही हैं. 
मैक्सवेल ने राष्ट्रपति ट्रंप से अपनी सजा माफ करने की अपील की है. लेकिन अब तक असफल रही हैं. 
9 फरवरी 2026 को अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमिटी ने मैक्सवेल से एपस्टीन केस से जुड़े सवालों के लिए जेल से ही मैक्सवेल की पेशी हुई. 

… माफी मिले तो ‘सच’ बोलने को तैयार एपस्टीन की गर्लफ्रेंड

लेकिन मैक्सवेल ने फिफ्थ अमेंडमेंट का हवाला देकर कोई सवाल का जवाब नहीं दिया. 5वां संशोधन अमेरिकी संविधान का वह प्रावधान जो खुद पर आरोप लगाने से बचाता है. 
हालांकि उनके वकील डेविड ऑस्कर मार्कस ने कमिटी को बताया कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हेंक्षमा या सजा में कमी दें, तो मैक्सवेल पूरी तरह से और ईमानदारी से बोलने को तैयार हैं. यानी कि ऐसी स्थिति में मैक्सवेल एपस्टीन से जुड़े सभी राज खोलने को तैयार हैं.

जेफरी एपस्टीन की पूर्व गर्लफ्रेंड घिसलेन मैक्सवेल ने सोमवार को हाउस के सांसदों से कहा कि अगर प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप उनकी जेल की सज़ा खत्म कर देते हैं, तो वह यह गवाही देने को तैयार हैं कि न तो उन्होंने और न ही पूर्व प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन ने एपस्टीन के साथ अपने कनेक्शन में कुछ गलत किया था. 
यह एक तरह से clemency के बदले सरकारी गवाह बनने का ऑफर है.  कमिटी के चेयरमैन जेम्स कोमर ने इसे खारिज किया और कहा कि मैक्सवेल दया की पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे एक “बहुत बुरी इंसान” हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने मैक्सवेल की मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. बता दें कि ट्रंप का नाम भी घूम फिरकर एपस्टीन फाइल में आता रहता है.
एपस्टीन फाइल की जांच कर रही अमेरिकी एजेंसियां ऐसे किसी भी व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं जो एपस्टीन से जुड़ा था और जिसने उसके गलत काम में मदद की हो. अब तक खुलासों से पता चला है कि कैसे ट्रंप और क्लिंटन दोनों ने 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में एपस्टीन के साथ समय बिताया था, लेकिन उन पर गलत काम करने का आरोप नहीं लगाया गया है. 

एपस्टीन की गर्लफ्रेंड घिसलेन मैक्सवेल: चकाचौंध रातों का स्याह चेहरा

जेफरी एपस्टीन और उसकी गर्लफ्रेंड घिसलेन मैक्सवेल सेक्स ट्रैफिकिंग स्कैंडल से जुड़ी है. यह 2000 के दशक से शुरू हुआ. एपस्टीन एक अमीर फाइनेंशियर था जो अमीर और प्रभावशाली लोगों के साथ जुड़े था. 
जेफरी एपस्टीन नाबालिग लड़कियों को सेक्सुअल एब्यूज के लिए इस्तेमाल करता था, और इस स्याह काम में मैक्सवेल उसकी मुख्य रिक्रूटर थीं. मैक्सवेल लड़कियों को लुभातीं, ट्रेन करतीं और एपस्टीन के पास ले जातीं थी. 
एपस्टीन और मैक्सवेल पीड़ितों को जानबूझकर टारगेट करते थे, जैसे गरीब परिवारों से आईं लड़कियां, फोस्टर केयर में रहने वालीं या ड्रग एडिक्ट – और उन्हें ग्रूमिंग के जरिए फंसाते थे. ये लोग अपने एजेंटों के जरिये बच्चियों को विश्वास में लेते थे फिर ये प्रक्रिया शोषण में बदल जाती है. इस पूरी प्रक्रिया में पीड़ितों को “ट्रैश” कहकर डिह्यूमेनाइज करना एक सामान्य पैटर्न था. 
2005 में इस मामले की पहली शिकायत आई, लेकिन एपस्टीन को 2008 में एक हल्की सजा मिली. 2019 में उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया, लेकिन जेल में उसकी मौत हो गई. इस मौत पर कई रहस्य और राज हैं. 
एपस्टीन की मौत के बाद फोकस मैक्सवेल पर आया. तब वह छिपी हुई थीं, लेकिन 2020 में FBI ने उसे गिरफ्तार किया और फिर पाप का घड़ा फूट गया.

2026 में एपस्टीन फाइल्स की जांच चल रही है, जहां अनरेडैक्टेड डॉक्यूमेंट्स की समीक्षा हो रही है. मैक्सवेल का clemency ऑफर इसी जांच के दौरान आया है, क्योंकि कमिटी एपस्टीन के कनेक्शन्स पर और जानकारी चाहती है. ये कनेक्शन ट्रंप और क्लिटंन से जुड़ा है. कुछ सांसदों ने मांग की है कि मैक्सवेल को मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में वापस भेजा जाए. यह केस अभी भी विवादास्पद है, क्योंकि इसमें कई हाई-प्रोफाइल नाम जुड़े हैं.

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