राफेल F5 लड़ाकू विमान खरीदने को भारत तैयार, फ्रांस ने किया कंफर्म, बनेगा पहला एक्सपोर्ट कस्टमर

पेरिस: फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने कंफर्म किया है कि भारत 90 राफेल F4 फाइटर जेट खरीदने का प्लान बना रहा है। इनमें 24 राफेल F5 का एक्स्ट्रा ऑप्शन भी है। इसे राफेल के आने वाले वेरिएंट के लिए भारत के इंट्रेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है। यह खुलासा फ्रांस के विदेश मंत्रालय की एक एनालिसिस में आया है, जिसके बाद इसे पब्लिक एक्सेस से हटा दिया गया। इस एनालिसिस में मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल के कथित नुकसान को लेकर चीनी मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन के बारे में बताया गया था, जिसे पाकिस्तान ने पूरी दुनिया में फैलाया।

फ्रांसीसी मंत्रालय ने असेसमेंट में क्या लिखा
उन कोऑर्डिनेटेड डिसइन्फॉर्मेशन की कोशिशों के अपने असेसमेंट में, मंत्रालय ने लिखा: “भारत का 90 राफेल F4 का ऑर्डर और 24 राफेल F5 का ऑप्शन उस भरोसे का एक उदाहरण है जो दोनों देशों को बांधता है।” भारत लंबे समय से राफेल को बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन के लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर रहा है। 1953 में डसॉल्ट से भारत को पहला विमान तूफानी मिला था। इसके बाद मिस्टीर IV, नौसेना के लिए एलिज, जगुआर और मिराज 2000 विमान आए।

राफेल खरीदने की तैयारी में भारत
अगस्त 2025 में राफेल के एक फॉलो-ऑन ऑर्डर के बारे में भारत की दिलचस्पी सामने आई। हमारे सहयोगी प्रकाशन द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत सरकार मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत 114 और फाइटर प्लेन के लिए एक डायरेक्ट गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) प्रपोजल तैयार कर रही है। भारतीय वायुसेना ने सिफारिश की कि एक ट्रेडिशनल टेंडर को बायपास कर जल्द से जल्द विमानों को खरीदना चाहिए, ताकि घटती स्क्वाड्रन का दबाव झेला जा सके।

राफेल लड़ाकू विमान को जाने

राफेल एक ट्विन इंजन, कैनर्ड डेल्टा विंग, मल्टीरोल लड़ाकू विमान है। इसे डसॉल्ट एविएशन ने विकसित और निर्मित किया है। यह लड़ाकू विमान हथियारों की विस्तृत श्रृंखला के साथ कई तरह के मिशन को अंजाम दे सकता है। इसमें एयर डोमिनेंस, एयर सुपीरियॉरिटी,ग्राउंड सपोर्ट, डीप स्ट्राइक, एंटी शिप वारफेयर और परमाणु हमले जैसे मिशन शामिल हैं। राफेल का एक अलग वर्जन राफेल मरीन खास तौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए बनाया गया है। भारत ने फ्रांस से अपनी नौसेना के लिए 90 राफेल मरीन खरीदने में दिलचस्पी भी दिखाई है। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के लिए भी अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पर बातचीत जारी है।

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