क्या वेनेजुएला पर तीनतरफा हमला करेगा अमेरिका? ट्रंप की सेना के सामने कितने दिन टिक पाएंगे मादुरो

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर सख्त रुख अपना रहे हैं. अमेरिका वेनेजुएला पर तीन तरफ से हमला करने की तैयारी कर रहा है. लेकिन क्या ये सच होगा? या सिर्फ दबाव बनाने की चाल? अमेरिकी सेना कहां-कहां तैनात है, वो जगहें वेनेजुएला से कितनी दूर हैं. और अगर हमला हुआ तो मादुरो की सरकार कितने दिन चल पाएगी?

ट्रंप का प्लान: क्यों तनाव बढ़ा?
ट्रंप ने कहा है कि मादुरो की सरकार ड्रग तस्करी और अवैध खनन में शामिल है. अमेरिका ने पहले ही वेनेजुएला के तट पर कई जहाजों पर हमले किए हैं. अब ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बैठकें की हैं. वहां सेना के बड़े अफसरों ने हमले के विकल्प भी बताए है. इसमें हवाई हमले और सैनिक उतारना शामिल है.
  ट्रंप ने कहा कि हम बातचीत भी कर सकते हैं. फिर भी, समुद्र में अमेरिकी जहाज बढ़ गए हैं. ये सब दक्षिणी कैरिबियन में हो रहा है. वेनेजुएला ने जवाब में अपनी सेना को हाई अलर्ट पर डाल दिया है. मादुरो ने कहा कि हम अमेरिका का मुकाबला करेंगे. लेकिन एक्सपर्ट कहते हैं, वेनेजुएला की सेना कमजोर है.  

अमेरिकी सेना की तैनाती 
अमेरिका ने कैरिबियन क्षेत्र में बड़ी सैन्य तैनाती की है. ये कई सालों में सबसे बड़ी है. दसियों हजार सैनिक, हवाई जहाज और जहाज तैनात हैं. हम बता रहे हैं मुख्य जगहें और वेनेजुएला से दूरी. दूरी राजधानी काराकास से मापी गई है.  

प्यूर्टो रिको (अमेरिका का क्षेत्र)  
• यहां अमेरिका का मुख्य सैन्य अड्डा है. हजारों सैनिक और हवाई जहाज तैनात हैं.  
• दूरी: काराकास से लगभग 892 किलोमीटर. ये इतनी दूरी है जितनी दिल्ली से भोपाल जितनी.  
• यहां से अमेरिकी लड़ाकू विमान आसानी से वेनेजुएला पहुंच सकते हैं. 
त्रिनिदाद और टोबैगो (पड़ोसी देश)  
• अमेरिकी मरीन कोर यहां त्रिनिदाद की सेना के साथ संयुक्त अभ्यास कर रहा है. सैनिक और हथियार भेजे गए हैं.  
• दूरी: काराकास से 621 किलोमीटर. लेकिन वेनेजुएला के तट से सबसे नजदीकी जगह सिर्फ 11 किलोमीटर दूर है.   
• यहां से हमला बहुत तेजी से हो सकता है. 
यूएस वर्जिन आइलैंड्स (अमेरिका का क्षेत्र)  
• कैरिबियन में अमेरिकी जहाज और सैनिक यहां रुके हैं. ये प्यूर्टो रिको के पास है.  
• दूरी: काराकास से 899 किलोमीटर.  
• यहां से नौसेना की निगरानी हो रही है. 

यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड (विमानवाहक पोत)  
• ये दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है. 100,000 टन वजनी, इसमें 75 विमान ले जा सकता है.  
• जगह: कैरिबियन समुद्र में, वेनेजुएला के पास. काराकास से करीब 500-600 किलोमीटर.  
• ये पोत हाल ही में पहुंचा है. इससे हवाई हमले आसान हो जाएंगे. 
फ्लोरिडा (अमेरिका)  
• यहां से अतिरिक्त सैनिक और हवाई जहाज भेजे जा रहे हैं. मायामी के पास बेस हैं.  
• दूरी: काराकास से 2,201 किलोमीटर. दिल्ली से कोलकाता जितनी.  
• लेकिन ये मुख्य सपोर्ट बेस है. 
अन्य जगहें  
• एमवी ओशन ट्रेडर जहाज: वेनेजुएला के पूर्व में 137 किलोमीटर दूर.  
• गुआंतानामो बे (क्यूबा): अमेरिकी नौसेना बेस, काराकास से 1,375 किलोमीटर.  
• कुल: 10 से ज्यादा जहाजों पर हमले हो चुके हैं. समुद्र में और जहाज हैं. 
ये तैनाती ऑपरेशन साउदर्न स्पियर का हिस्सा है. अमेरिका कहता है, ये ड्रग तस्करी रोकने के लिए है. लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं, ये वेनेजुएला पर दबाव है. 

तीन तरफा हमला: क्या होगा प्लान?
अगर हमला हुआ, तो तीन दिशाओं से हो सकता है…  
• उत्तर से: प्यूर्टो रिको और यूएसवीआई से हवाई हमले.  
• पूर्व से: त्रिनिदाद से सैनिक उतारना.  
• उत्तर-पश्चिम से: फ्लोरिडा और पोत से समुद्री हमला.
वेनेजुएला की सीमा पर ये जगहें करीब हैं. हमला 24 घंटे में शुरू हो सकता है.

मादुरो कितने दिन टिकेंगे?
विशेषज्ञों का कहना है, अगर पूरा हमला हुआ तो मादुरो की सरकार 3 से 5 दिन ही चलेगी. वेनेजुएला की सेना में सिर्फ 1.5 लाख सैनिक हैं. हथियार पुराने हैं. अमेरिका के पास 20 लाख सैनिक और आधुनिक हथियार हैं. हवाई हमलों से मादुरो के अड्डे तबाह हो जाएंगे. लेकिन जनता का विरोध भी बड़ा रुकावट बनेगा. कुछ कहते हैं, 7-10 दिन लग सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि मादुरो के दिन गिने-चुने हैं.
दुनिया की प्रतिक्रिया
रूस और चीन मादुरो का साथ दे रहे हैं. लेकिन अमेरिका के सहयोगी चुप हैं. संयुक्त राष्ट्र ने शांति की अपील की है. एक्स (ट्विटर) पर लोग बहस कर रहे हैं. कुछ कहते हैं कि ट्रंप हमला करेगा, तो कुछ कि ये सिर्फ डराना है. 

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