i20, इको स्पोर्ट्स और Brezza…तो ये था आतंकियों का दिल्ली दहलाने का पूरा प्लान

देश की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर की शाम सात बजे लाल किले के पास हुए बम धमाके के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है इस साजिश की नई-नई परतें खुल रही हैं. आतंकियों के दिल्ली को दहलाने का पूरा प्लान सामने आ रहा है. इस फिदायीन हमले को अंजाम देने के लिए एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन-तीन कारों का इस्तेमाल किया गया है जिसमें तीसरे कार यानी की अब  Brezza का भी पता चल गया है

इको स्पोर्ट्स के बाद मिली ब्रेजा कार

दरअसल जिस आई20 कार का इस्तेमाल डॉक्टर उमर ने लाल किले के पास धमाके के लिए किया था उसे कई बार खरीदा-बेचा गया था और उसका आखिरी मालिक पुलवामा का रहने वाला आमिर राशिद था. 

इसके अलावा फरीदाबाद में भी सुरक्षा एजेंसियों ने खण्डवाली गांव से लावारिस हालत में एक लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार बरामद की है. इस कार को डॉक्टर उमर का रिश्तेदार फहीम वहां पार्क कर गायब हो गया था. अब पुलिस फहीम तक पहुंच चुकी है और उससे पूछताछ कर रही है.  
शुरुआती जांच में पता चला है कि फहीम का इस हमले के मुख्य आरोपी और फिदायीन हमलावर डॉक्टर उमर से पारिवारिक संबंध हो सकता है. इसके अलावा इस बात की भी जांच हो रही है कि फहीम ने कार को खण्डवाली में पार्क क्यों किया, उसे कार किसने दी थी और वह इस हमले के बारे में कितना जानता था.

अल फलाह यूनिवर्सिटी के अंदर मिली ब्रेजा कार

अब एजेंसियों ने इस हमले में इस्तेमाल की गई उस  Brezza कार को भी तलाश लिया है जिससे इस साजिश के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सकता है. ये ब्रेजा कार अल फलाह यूनिवर्सिटी के अंदर किसी जगह पार्क थी. एजेंसी अब कार की जांच में जुट गई है.
इस धमाके को अंजाम देने वाला डॉक्टर उमर और डॉक्टर मुजम्मिल इसी ब्रेजा कार का भी इस्तेमाल किया करते थे. धमाके में मारे गए आतंकी डॉक्टर उमर और इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों को इस यूनिवर्सिटी से किसी न किसी प्रकार से संबंध है.
बता दें कि दिल्ली में बम धमाके को अंजाम देने वाले डॉक्टर उमर का डीएनए उसकी मां के डीएनए से पूरी तरह मैच कर गया है. सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है कि डॉक्टर उमर ने आई20 कार के साथ ही खुद को भी उड़ा लिया था. इस हमले में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है.

तुर्की में बैठे हैंडलर के संपर्क में था उमर

रिपोर्ट के मुताबिक जांच में ये भी सामने आया है कि उमर का तुर्की के अंकारा में बैठे अपने हैंडलर ‘UKasa’ (संभावित कोडनेम) के साथ संपर्क होता था, जिसके लिए वह सेशन ऐप  का यूज करता था. सूत्रों के मुताबिक मार्च 2022 में कुछ लोग भारत से अंकारा गए थे. 

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