कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर तो कोई प्रोफेसर… 24 साल में 36 घटनाएं, कब-कब सामने आया ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’

दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार को हुए ब्लास्ट केस में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है. इस घटना में व्हाइट कॉलर टेरर मॉडयूल सामने आया है, जिसमें सीधे हथियार उठाने वाले आतंकियों के बजाए शिक्षित और प्रोफेशनल लोग शामिल होते हैं और आतंक की साजिशों में मदद करते हैं. 
इस बीच रिपोर्ट से पता चला है कि 2001 से 2025 के बीच बीच पकड़े गए शिक्षित मुस्लिम आतंकियों की प्रमुख 35 घटनाएं हुई हैं, जिनमें डॉक्टर से लेकर इंजीनियर, प्रोफेसर और पत्रकार आदि शामिल रहे.

जम्मू-कश्मीर  पुलिस ने 10 नवंबर को बड़ी कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद स्थि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल शकील को एंटी टेरर मॉडूयल से जुड़े गंभीर आरोपों में अरेस्ट किया. पुलिस को उनके किराए के कमरे से लगभग 360 किलो संदिग्ध विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ, जो किसी बेहद बड़े आतंकी षडयंत्र की और सीधा संकेत करता है. 

जम्मू कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल शकील को एंटी-टेरर मॉड्यूस से जुड़े गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया. इसके अलावा डॉक्टर मुजम्मिल शकील की सहयोगी शाहीन शाहिद को भी अरेस्ट किया गया है. वह डॉक्टर है. शाहीन की कार से एके-47 राइफल बरामद की गई है. उसके जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों से संबंध पाए गए हैं. शाहीन की कार का ही उपयोग मुजम्मिल किया करता था.

एक और नाम डॉक्टर आदिल अहमद का है, जो जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क को दोबारा सक्रिया करने की कोशिश में था. उसे नौ नवंबर को यूपी के सहारनपुर से अरेस्ट किया गया. वह मूल रूप से काजीगुंड का रहने वाला है और पहले अनंतनाग में राजकीय मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर काम करता था.
तीन अगस्त 2025 को गजवा-ए-हिंद की योजना में शामिल डॉक्टर उसामा माज शेख और अजमल अली को अरेस्ट किया गया. उसामा होम्योपैथिक डॉक्टर था. उसे यूपी एटीएस ने देशविरोधी साजिश रचने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के आरोप में अमरोहा से गिरफ्तार किया था. 
ठीक इसी तरह 20 दिसंबर 2024 को मनोचिकित्सक तालिब ए. को हमला करने की योजना के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. तालिब ने बाजार में वाहन से हमला करने और विस्फोट साजिश करने की साजिश रची थी. अलकायदा से जुड़े मॉड्यूलल संचालक डॉक्टर इश्तियाक को 22 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था. 
आतंकी मोटू डॉक्टर था. उसने कर्नाटक और महाराष्ट्र में 2012 में आतंकी साजिश रची थी. 24 जुलाई 2024 को कर्नाटक हाईकोर्ट ने उसकी याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया था.  डॉक्टर अदनान अली को आतंकी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की साथ 11 अगस्त 2023 को गिरफ्तार किया गया था. उसे एनआईए ने पुणे से अरेस्ट किया था. 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमले का साजिशकर्ता अफजल गुरु एमबीबीएस था. 

वहीं, 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमले का साजिशकर्ता अयमान अल-जवाहिरी एमबीबीएस था. इसके अलावा जुबैर हंगरगेकर महाराष्ट्र के पुणे में एक हाईटेक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. उसे 27 अक्तूबर 2025 को अरेस्ट किया गया. उसनी अपनी QA और कोडिंग स्किल्स को अलकायदा के डिजिटल जिहाद में बदला.
शहनवाज आलम सरकारी स्कूल में टीचर था. उसे दो अक्टूबर 2023 को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया. शहनवाज का नाम एनआईए की मोस्ट वांटेड संदिग्धों की सूची में भी था. मोहम्मद अरशद और मोहम्मद रिजवान अशरफ पेशे से इंजीनियर है. उसे त्योहारों से पहले आतंकी साजिश रचने के आरोप में यूपी से अरेस्ट किया गया था.
वहीं, मंसूर असगर पीरभॉय इंडियन मुजाहिद्दीन के मीडिया सेल का प्रमुख है. 2008 में पुलिस ने देश में हुए कई बम धमाकों में शामिल होन के आरोप में अरेस्ट किया था. वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था.इसी तरह रियाज भटकल, रामजी अहमद यूसुफ, खालिद शेख और ओसामा बिन लादेन भी इंजीनियर थे.
वहीं, अबु बकर अल-बगदादी पीएचडी स्कॉलर था. वह आईएसआईएस का चीफ था. मन्नान बशीर वानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पीएचडी स्कॉलर था. मोहम्मद रफीक  एसिस्टेंट प्रोफेसर था, जो घाटी में हिज्ब के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दे रहा था. मसूद अजहर सावत-ए-कश्मीर पत्रिका का संपादक था. अहलम तमीमी पेशे से पत्रकार थीं. उसने 2001 में यरूशलेम में बम विस्फोट को अंजाम दिया था. 

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *