2024 में क्या विपक्ष को फायदा पहुंचाएगा जातीय गणना को मुद्दा बनाना? जनता के जवाब जानकर रह जाएंगे हैरान

विपक्षी दल सरकार से देशभर में जातिगत जन गणना की मांग रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि इससे सरकारी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी. सबसे पहले यह मुद्दा जनता दल यूनाइटेड (JDU) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने उठाया था. उसके बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी जातिगत गणना की मांग की.

वहीं, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी जातीय जनगणना करवाने से परहेज कर रही है. ऐसा माना जाता है कि अगर बीजेपी जातीय जनगणना करवाती है तो इससे हिंदू वोट बैंक में सेंध लग सकती है और हिंदू वोट बंट सकता है, जिसे बीजेपी ने कई सालों की मेहनत के बाद एकजुट किया है.  

जातीय गणना को मुद्दा बनाने से विपक्ष कितना फायदा?
ऐसे में विपक्ष 2024 में जातीय गणना को बड़ा मुद्दा बना सकता है. इस बीच abp न्यूज के लिए सी-वोटर ने 2024 का पहला ओपिनियन पोल किया है. इस पोल में लोगों से पूछा गया है कि क्या जातीय गणना को मुद्दा बनाने से विपक्ष को फायदा होगा?

इस सवाल के जवाब में लोगों की प्रतिक्रिया हैरान करने वाली है. ओपिनियन पोल में 37 फीसदी लोगों ने कहा है कि ‘हां’ इस मुद्दे से विपक्ष को लाभ हो सकता है, जबकि 46 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इससे विपक्ष को कोई फायदा नहीं होगा. वहीं, 17 पर्सेंट लोग इस सवाल पर अपनी कोई राय नहीं दे सके.

543 लोकसभा सीटों पर हुआ सर्वे

बता दें कि सर्वे में सभी 543 लोकसभा सीटों पर 13 हजार 115 लोगों से बात की गई है. यह सर्वे 15 दिसंबर से 21 दिसंबर के बीच किया गया है. इसमें मार्जिन ऑफ एरर प्लस माइनस 3 से प्लस माइनस 5 फीसदी है.

गौरतलब है कि 1951 से केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का डेटा जारी किया जाता है, लेकिन ओबीसी और दूसरी जातियों का डेटा जारी नहीं होता है. मंडल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक देश में ओबीसी की आबादी 52 फीसदी हो सकती है.

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