भारत का ‘त्रिशूल 2025’ लॉन्च, पाकिस्तान को खुला संदेश- तैयार रहो!

भारत ने पश्चिमी मोर्चे पर अपनी सबसे बड़ी वार गेम शुरू कर दी है. नाम है- Exercise Trishul 2025. जल, थल और नभ (नेवी-आर्मी-एयर फोर्स) इसमें एक साथ उतर चुकी हैं.

जगह वही, जहां हाल में सबसे ज्यादा बयानबाज़ी हो रही है, Sir Creek के आसपास.

Sir Creek से शुरू हुआ तनाव, अब पूरा मोर्चा गर्म

कुछ ही दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था, “अगर पाकिस्तान ने Sir Creek सेक्टर में हरकत की, तो जवाब ऐसा होगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे.”

Sir Creek, गुजरात के रन ऑफ कच्छ और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच लगभग 96 किलोमीटर लंबा इलाका है. ये जगह हमेशा विवाद में रहती है. कभी मछुआरों की गिरफ्तारी तो कभी सीमा की खींचतान को लेकर.

अब यहीं भारत ने अपनी बड़ी सैन्य एक्सरसाइज़ शुरू कर दी है. यानी, संदेश साफ है- इस बार मज़ाक नहीं चलेगा.

क्या है Exercise Trishul 2025?

त्रिशूल नाम सुनकर पहला सवाल मन ये आता है कि किसी सैन्य अभ्यास का नामकरण ऐसा क्यों किया गया. जवाब साफ है. ये tri-service combat exercise है. मतलब तीनों सेनाएं एक साथ ऑपरेशन कर रही हैं. आइये इस एक्सरसाइज की खास बातों को समझ लेते हैं.

• अभ्यास की तारीख- 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक.
• अभ्यास का क्षेत्र- पश्चिमी बॉर्डर, यानी राजस्थान और गुजरात के सीमांत इलाके.
• अभ्यास का आकार- आर्मी ने 20,000 से ज्यादा जवान झोंक दिए हैं. साथ में टैंक, होवित्जर, हेलिकॉप्टर, मिसाइल सिस्टम और ढेरों हथियार.
• नौसेना की ओर से सौराष्ट्र तट के पास amphibious ऑपरेशन हो रहे हैं.
• वायुसेना के फाइटर जेट और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट दोनों शामिल हैं.
यानी, जमीन से आसमान और समंदर तक, पूरा युद्ध-परिदृश्य एक साथ सिमुलेट किया जा रहा है.

NOTAM जारी, हवा में भी तैयारी  

भारत ने NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया है. राजस्थान और गुजरात के ऊपर कुछ एरिया अब सामान्य उड़ानों के लिए बंद हैं. इधर पाकिस्तान ने भी 28-29 अक्टूबर को अपने सेंट्रल और साउथ एयरस्पेस में रूट्स ब्लॉक किए. दोनों तरफ़ का माहौल बता रहा है कि सीमाओं पर अब सिर्फ़ शब्दों की जंग नहीं, बल्कि सैन्य स्तर पर तैयारी भी चल रही है.

क्यों कहा जा रहा है “Routine but Substantial”?

सरकारी सूत्र कह रहे हैं कि “ये तो हर साल का नियमित अभ्यास है.” लेकिन सैन्य सूत्रों की मानें तो सच्चाई ये है कि समय, जगह और टोन, तीनों चीज़ें इस बार अलग हैं. पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया था कि अगर पश्चिमी सीमा पर ये एक्सरसाइज़ होती है, तो इसे “रूटीन” कहना थोड़ा मुश्किल है. इस बयान के बाद त्रिशूल अभ्यास रूटीन या नहीं, इस पर चर्चाओं का दौर जारी है.

Trishul का एजेंडा क्या है?

किसी भी सैन्य अभ्यास की तरह त्रिशूल एक्सरसाइज का भी एक टारगेट रखा गया है.
• Joint readiness – तीनों सेनाओं का एक साथ रिहर्सल, ताकि किसी भी इमरजेंसी में कोऑर्डिनेशन में कमी न रहे.
• Sir Creek sector की निगरानी – जहां पाकिस्तानी बिल्डअप की रिपोर्ट्स आई थीं.
• Desert warfare + amphibious operations- राजस्थान के रेगिस्तान और सौराष्ट्र के तटीय इलाकों में युद्ध जैसी ड्रिल.
• Made-in-India systems का टेस्ट – स्वदेशी हथियारों और सिस्टम्स की वास्तविक परिस्थितियों में जांच.

Operation Sindoor की याद दिलाने वाला माहौल

याद होगा, मई 2025 में भारत ने Operation Sindoor के दौरान पाकिस्तान और PoK के 9 आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए थे. उस वक्त भी दोनों देशों ने NOTAM जारी किए थे. अब Trishul 2025 ने उसी माहौल को दोबारा ज़िंदा कर दिया है.
पाकिस्तान की तरफ़ से फिर वही बेचैनी सोशल मीडिया पर “no-fly zone” ट्रेंड कर रहा है.

पाकिस्तान के लिए सख्त सिग्नल

भारत का ये कदम किसी भी “misadventure” के पहले का साफ़ संदेश है. यानी अगर पाकिस्तानी सेना Sir Creek या गुजरात सीमा में कोई हरकत करती है, तो जवाब में सिर्फ बयान नहीं आएगा. बल्कि ‘Trishul’ जैसे पूरे ऑपरेशन पहले से एक्टिव हैं. सरल शब्दों में कहें तो “तैयार रहो, क्योंकि अब हिंदुस्तान तैयार है.”

इतिहास भी यही कहता है

1965 के युद्ध में पाकिस्तान ने कच्छ के पास Operation Desert Hawk चलाया था और भारी नुकसान उठाया. उसके बाद से ये इलाका दोनों देशों के बीच बारूदी रेखा बना हुआ है. अब भारत का फोकस इस इलाके पर दोबारा लौट आया है, और इस बार तैयारी कहीं ज़्यादा ठोस है.

इस बार खेल बड़ा है

Exercise Trishul 2025 सिर्फ ट्रेनिंग नहीं है. ये भारत की सामरिक चेतावनी है. Sir Creek से लेकर Saurashtra coast तक भारत ने साफ कर दिया है. अगर पाकिस्तान कोई गलती करता है, तो जवाब सीमा के पार तक जाएगा. राजनाथ सिंह का बयान अब बस बयान नहीं रहा

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