पुतिन, किम जोंग और… जिनपिंग के घर क्यों जुटे अमेरिका के दुश्मन, चीन गया ट्रंप का एक भेदिया कौन?,

बीजिंग में आज यानी 3 सितंबर 2025 को बड़ा जुटान हुआ है. यह पश्चिम की ताकत को चुनौती देने वाली शक्तियों का जुटान था. यूं कहिए कि अमेरिका के कट्टर दुश्मनों का जमघट लगा था. मौका था चीन में विक्ट्री डे मिलिट्री परेड की. पुतिन, किम जोंग उन और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान…डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर दुश्मनों के लिए जिनपिंग ने रेड कार्पेट बिछवाया था. शी जिनपिंग के घर में रूस, नॉर्थ कोरिया और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी से अमेरिका में खलबली थी. ऐसा लगा जैसे बीजिंग में एंट्री ट्रंप फ्रंट बना हो. अब सवाल है कि आखिर अमेरिका के कट्टर दुश्मनों की महफिल चीन में क्यों सजी थी? क्या सच में अमेरिका के खिलाफ कोई षडयंत्र रचा जा रहा था? आखिर अमेरिका के कट्टर दुश्मनों की महफिल में ट्रंप का वो भेदिया कौन था?

दरअसल, चीन की राजधानी बीजिंग में चीन ने आज सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया. दुनिया को खतरनाक हथियार दिखाए. चीन की यह सैन्य परेड सेकेंड वर्ल्ड वॉर में जापान की हार की 80वीं वर्षगांठ के लिए थी. मगर इसका मौजूदा संदेश स्पष्ट था. यह संदेश अमेरिका और पश्चिमी ताकतों के लिए था. यह पहली बार था जब अमेरिका के तीन कट्टर दुश्मन शी जिनपिंग, व्लादमीर पुतिन और किम जोंग उन पब्लिकली एक साथ देखे गए. उनके साथ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भी मौजूद थे. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन साथ-साथ रेड कार्पेट पर चलते हुए दिखे. ऐसा लगा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका की अगुवाई वाले पश्चिमी प्रभुत्व वाली व्यवस्था को चुनौती देने के लिए नया वर्ल्ड ऑर्डर तय कर रहे हैं.

क्यों हुआ अमेरिका के कट्टर दुश्मनों का जमावड़ा?

बीजिंग में पुतिन, किम जोंग उन और ईरानी राष्ट्रपति के जुटान की असल वजह चीनी सैन्य परेड ही है. चीन ने बुधवार को अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए जेट लड़ाकू विमान, मिसाइल और लेटेस्ट इलेक्ट्रॉनिक युद्ध हार्डवेयर सहित अपने कुछ आधुनिक हथियारों को पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और ईरान, मलेशिया, म्यांमा, मंगोलिया, इंडोनेशिया, जिम्बाब्वे और मध्य एशियाई देशों के नेताओं सहित 26 विदेशी नेताओं ने इसमें भाग लिया. द्वितीय विश्व युद्ध में जापानी आक्रमण के खिलाफ चीन की जीत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस परेड में सैकड़ों सैनिकों ने भाग लिया. चीन के मेहमानों की लिस्ट में ट्रंप का एक भेदिया भी मौजूद था.

कौन है ट्रंप का भेदिया?

ट्रंप के उस भेदिए का नाम है आसिम मुनीर. जी हां, वही आसिम मुनीर जो अभी पाकिस्तानी आर्मी के चीफ हैं. आसिम मुनीर भी पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के साथ बीजिंग गए हैं. उन्होंने चीनी परेड में हिस्सा लिया. अब सवाल है कि आखिर आसिम मुनीर ट्रंप के भेदिया कैसे हैं? इसमें कोई शक नहीं कि बीते कुछ समय से पाकिस्तान का मोह अमेरिका की तरफ बढ़ा है. वैसे तो पाकिस्तान को चीन का सदाबहार दोस्त कहा जाता है. मगर बीते कुछ समय से पाकिस्तान ट्रंप के पाले में जाता दिख रहा है. यही वजह है कि आसिम मुनीर ऑपरेशन सिंदूर के बाद ट्रंप दरबार में दो बार हाजिरी लगा चुके हैं. पहली बार तो आसिम मुनीर तब गए, जब डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें हलाल वाले बिरयानी की दावत दी. दूसरी बार एक कार्यक्रम में गए थे. ट्रंप आसिम मुनीर को अपना चेला बना चुके हैं. यही वजह है कि उन्होंने आसिम मुनीर को दावत दी थी.

ट्रंप लेंगे टोह?

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने से पहले बिजनेसमैन रह चुके हैं. वह जिस तरह के बिजनेसमैन रहे हैं, उससे यह समझा जा सकता है कि वह बगैर फायदे के आसिम मुनीर को हलाल नहीं ही खिलाएंगे. यही वजह है कि अब सवाल उठ रहे हैं कि आसिम मुनीर कहीं ट्रंप के भेदिया बनकर तो नहीं गए हैं? ऐसा इसलिए कि चीन के मेहमानों की लिस्ट में आसिम मुनीर इकलौते शख्स हैं, जो हाल ही में दो बार अमेरिका दौरा कर चुके हैं. इतना ही नहीं, आसिम मुनीर ने तो ट्रंप को नोबेल देने की वकालत भी कर दी है. पुतिन-किमजोंग उन की मौजूदगी ट्रंप को चीन में एंटी अमेरिका गैंग दिख रहा है. ऐसे में यहां क्या-क्या हुआ, इसकी खबर उन्हें सबसे अधिक विश्वसनीय तरीके से आसिम मुनीर ही दे सकते हैं.

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