जब भी पीएम मोदी का काफिला कहीं से गुजरता है तो लोगों की लंबी कतार लग जाती है उनके काफिले को देखने के लिए, पीएम के काफिले में अक्सर ब्लैक कलर की चमचमाती हुई कारें होती हैं, एक बार फिर पीएम मोदी एक कार को लेकर चर्चाओं में है, ये कोई आम कार नहीं है बल्कि ये चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पसंदीदा कार है. जिसे पीएम मोदी को चीन ने दो दिवसीय यात्रा के लिए दिया है. इस कार का उपयोग शी जिनपिंग अपने आधिकारिक यात्राओं के दौरान करते हैं. इसी कार का इस्तेमाल उन्होंने 2019 में महाबलीपुरम में पीएम मोदी से मिलने के लिए किया था. जानिए क्यों खास है ये कार.
यही कार लेकर आए थे जिनपिंगपीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन शामिल होने के लिए चीन पहुंचे हैं. इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक यहां पर पीएम मोदी चीन की प्रतिष्ठित Made in China होंगची कार से सफर कर रहे हैं. इस कार को रेड फ्लैग के नाम से भी जाना जाता है. यह कार चीन की प्रतीकात्मक कार है, इस कार को सरकारी कंपनी फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स बनाती है. इस कंपनी ने पहली कार 1958 में लांच की थी और इसे कम्युनिस्ट पार्टी के टॅाप लीडर्स के लिए बनाया गया था. इस कार की चर्चा इसलिए भी और ज्यादा हो रही है क्योंकि साल 2019 में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में इस कार का इस्तेमाल शी जिनपिंग ने किया था.
क्यों खास है ये कार मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस कार की कीमत करीब 5.6 करोड़ रुपए है. Hongqi L5 चीन में बनी सबसे महंगी कार है. यह चीन की सरकार की आधिकारिक कार है. खास बात यह है कि यह कार केवल चीन में ही बेची जाती है. अपनी शान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चीनी राष्ट्रपति इस कार का इस्तेमाल करते हैं. इसमें टर्बो चार्ज्ड इंजन V8 इंजन लगा है जो कि 402 हार्स पॉवर के साथ आती है. सिंगल गैस टैंक फुल होने पर 500 मील तक दौड़ सकती है. इसके अलावा बता दें कि 8 सेकंड में ये कार 100 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ लेती है.
अपनी कार से आए पुतिन एक तरफ पीएम मोदी को चीन ने अपनी प्रतिष्ठित कार सौंपी है. वहीं दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी पसंदीदा कार “ऑरस” लेकर आए हैं. इसी से वो सफर कर रहे हैं. उनकी कार को चीनी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट दिया गया है. यह एक लग्जरी कार है. यह कार रूस की ऑटोमोबाइल कंपनी Aurus Motors बनाती है.
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