बिहार में अब 3 लाख से ज्यादा वोटर्स को भेजा गया नोटिस, कहा- साबित कीजिए नागरिकता

चुनाव आयोग (ECI) की ओर से ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के तहत, बिहार के तीन लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजा जा रहा है. आयोग का कहना है कि ये वोटर्स संदिग्ध पाए गए हैं. ECI के मुताबिक, इन मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म के साथ जो दस्तावेज जमा कराए हैं, उनमें गंभीर खामियां मिली हैं.

आयोग ने ऐसे वोटर्स को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. संबंधित क्षेत्रों के SDM की जांच रिपोर्ट के आधार पर नोटिस भेजा जा रहा है. इनमें नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से सटे जिलों के वोटर्स हैं. इन जिलों में किशनगंज, पूर्णिया, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, अररिया, सहरसा, मधुबनी और सुपौल शामिल हैं.

जमा करने होंगे जरूरी दस्तावेज

आशंका जताई गई है कि ये तीन लाख वोटर्स, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान से घुसपैठ करके भारत में आने वाले लोग हो सकते हैं. किसी तरह उन्होंने यहां का आधार और मतदाता पहचान पत्र बनवा लिया है. इस बात की भी पड़ताल की जाएगी कि उन्होंने आधार और अन्य दस्तावेज कैसे बनवाए. आयोग का कहना है कि इन मतदाताओं ने अब तक अपनी पहचान के सत्यापन के लिए कोई दस्तावेज जमा नहीं कराया है. इसी कारण से आयोग की ओर से इन्हें नोटिस भेजा जा रहा है.
बिहार में SIR की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है. ECI के अनुसार, 30 सितंबर को बिहार में फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी. जिन लोगों को नोटिस भेजा जा रहा, उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे. ऐसा नहीं करने पर फाइनल लिस्ट से उनके नाम कट सकते हैं. ऐसे में वो आगामी विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे.

ड्राफ्ट रोल से 65 लाख लोगों के नाम गायब

ECI के आधिकारिक सूत्रों ने 28 अगस्त को जानकारी दी कि जिन मतदाताओं ने दावा-आपत्ति दाखिल करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं, उन्हें विभिन्न जिलों में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है.
इससे पहले चुनाव आयोग ने बिहार के वोटर लिस्ट का पहला ड्राफ्ट जारी किया था. इससे 65 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे. हालांकि, आयोग ने उन्हें अपना दावा पेश करने का विकल्प दिया है.

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