जेलेंस्की को धोखा दे रहे ट्रंप? रूस मिसाइलें मार रहा, लेकिन यूक्रेन ये नहीं कर पा रहा, पता है क्यों?

अमेरिका कई महीनों से यूक्रेन को रूस पर लंबी दूरी वाली मिसाइलों का इस्तेमाल करने से रोक रहा है. इसके कारण यूक्रेन रूस पर कोई बड़ा हमला (Russia Ukraine War) नहीं कर पा रहा. ये बड़ा खुलासा अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (WSJ) ने वहां के अधिकारियों के हवाले से किया है. 

अधिकारियों ने बताया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग के एक हाई लेवल अप्रूव्ल प्रोसेस के जरिए यूक्रेन को अमेरिका में बने लंबी दूरी वाले मिसाइल सिस्टम ATACMS को रूस पर चलाने से रोक दिया गया है. हालांकि, सार्वजनिक रूप से अभी इसकी घोषणा नहीं हुई है. दो अधिकारियों ने WSJ को बताया है कि कम से कम एक बार यूक्रेन ने रूस के अंदर एक टारगेट पर ATACMS दागने की मंजूरी मांगी थी, लेकिन अमेरिका ने साफ मना कर दिया.

अमेरिका से मंजूरी लेने की जरूरत क्यों है?

दरअसल, अमेरिकी रक्षा विभाग में नीति मामलों के अंडरसेक्रेटरी एल्ब्रिज कोल्बी ने एक जांच प्रणाली (रीव्यू मैकेनिज्म) बनाई है. इसके जरिए ये तय किया जाता है कि यूक्रेन अमेरिका में बने लंबी दूरी वाले हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है या नहीं. इसमें वो हथियार भी शामिल हैं जो यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को दिए हैं, लेकिन उनमें अमेरिकी तकनीक और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है.

इस रिव्यू प्रोसेस के कारण आखिरी फैसला अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के हाथ में चला जाता है कि यूक्रेन ATACMS का इस्तेमाल रूस पर हमला करने के लिए कर सकता है या नहीं.

यूक्रेन के साथ ऐसा क्यों कर रहा है अमेरिका?

इस अमेरिकी रोक की वजह से यूक्रेन रूस पर लंबी दूरी वाली सैन्य कार्रवाई नहीं कर पा रहा. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन रूस से समझौता करे और शांति स्थापित करे. वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक बयान में कहा,
राष्ट्रपति ट्रंप इस बात पर बिल्कुल स्पष्ट हैं कि यूक्रेन में युद्ध समाप्त होना जरूरी है. इस समय रूस-यूक्रेन के सैन्य रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

हालांकि, 21 अगस्त 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक विरोधाभासी पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा,
किसी आक्रमणकारी देश पर हमला किए बिना युद्ध जीतना बहुत मुश्किल है. ये किसी खेल की एक बेहतरीन टीम की तरह है, जिसका डिफेंस तो जबरदस्त है, लेकिन उसे आक्रामक खेलने की इजाजत नहीं है. जीतने की कोई संभावना नहीं है! यूक्रेन और रूस के साथ भी यही है.
धूर्त और बेहद अक्षम जो बाइडेन ने यूक्रेन को जवाबी हमला करने की नहीं, बल्कि सिर्फ बचाव करने की इजाजत दी. ये कैसे हुआ? अगर मैं राष्ट्रपति होता, तो ये युद्ध कभी नहीं होता. इसकी कोई संभावना नहीं थी.

खबर लिखे जाने तक, इस मामले को लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग या यूक्रेन का कोई पक्ष सामने नहीं आया है.

डॉनल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन के फैसले को पलटा है

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने कार्यकाल के अंतिम साल में, यूक्रेन को रूस के अंदर ATACMS के साथ हमला करने की अनुमति दी थी. लेकिन डॉनल्ड ट्रंप की सरकार ने कुछ महीनों पहले बाइडेन के उस फैसले को पलट दिया.

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