अमेरिका ने पाकिस्तान को बड़ा गिफ्ट दिया, BLA और मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित किया

अमेरिका के दर पर बार-बार ‘मत्था टेकने’ और डॉनल्ड ट्रंप के साथ लंच की आसिम मुनीर की ‘युक्ति’ काम आने लगी है. सोमवार, 11 अगस्त को अमेरिका के विदेश विभाग ने ऐसा एलान किया है कि पाकिस्तानी फील्ड मार्शल की बांछें खिल जाएंगी. यह एलान बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को लेकर है, जिसे अमेरिका ने अब ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ (Foreign Terrorist Organization – FTO) घोषित कर दिया है. BLA के आत्मघाती दस्ते मजीद ब्रिगेड को भी अमेरिका ने FTO घोषित किया है.

BLA ने बीते दिनों पाकिस्तान में कई सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले किए थे और खुलकर इसकी जिम्मेदारी ली थी. अमेरिका का ये फैसला पाकिस्तान की बड़ी ‘कूटनीतिक जीत’ के तौर पर देखा जा रहा है. 
सोमवार, 11 अगस्त को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बयान जारी करते हुए विदेश विभाग ने कहा,
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और इसके दूसरे नाम ‘मजीद ब्रिगेड’ को विदेशी आतंकवादी संगठन (Foreign Terrorist Organization – FTO) घोषित किया है. साथ ही, मजीद ब्रिगेड को ‘स्पेशली डेजीग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ (SDGT) दर्जे के तहत भी जोड़ दिया गया है, जिसमें BLA पहले से ही शामिल है. 

अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, 
BLA को 2019 में कई आतंकी हमलों के बाद SDGT घोषित किया गया था. साल 2019 के बाद से BLA ने कई और हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें मजीद ब्रिगेड के किए हमले भी शामिल हैं. 2024 में BLA ने कराची एयरपोर्ट के पास और ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स में आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ली थी. 2025 में BLA ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को क्वेटा से पेशावर जाते समय हाईजैक करने की जिम्मेदारी ली, जिसमें 31 नागरिक और सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाया गया था.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि विदेश विभाग का यह कदम डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन की आतंकवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता को दिखाता है. आतंकवादी संगठनों को सूचीबद्ध करना हमारी लड़ाई का अहम हिस्सा है और इससे उनके लिए समर्थन जुटाना मुश्किल हो जाता है.

विदेश मंत्री ने बताया कि आज की ये कार्रवाई अमेरिकी ‘इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट’ की धारा 219 और ‘एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13224’ के तहत की गई है. FTO का दर्जा मिलने के बाद यह आदेश अमेरिकी संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होते ही लागू हो जाएगा.
अमेरिका-पाक में बढ़ती पींगें
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद ट्रंप के सीजफायर के दावे को भारत ने नकार दिया था. इसके बाद, पाकिस्तान को अमेरिका से खास तवज्जो मिलने लगी है. सिंदूर ऑपरेशन के तुरंत बाद मुनीर को ट्रंप ने लंच पर वॉइट हाउस बुलाया था. इसके बाद मुनीर ने भी ट्रंप को नोबल पुरस्कार दिए जाने की वकालत की थी. हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख दोबारा अमेरिका प्रवास से लौटे हैं. 

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