पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइलों ने अहम भूमिका निभाई थी। अब खबर आई है कि भारतीय वायुसेना और नौसेना ने ब्रह्मोस मिसाइलों का एक बड़ा ऑर्डर देने जा रही हैं। ब्रह्मोस मिसाइलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाई थी और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाया था।
जल्द ब्रह्मोस मिसाइल के अधिग्रहण को मिलेगी मंजूरी
एक शीर्ष रक्षा विशेषज्ञ ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि रक्षा मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय बैठक जल्द होगी, जिसमें बड़ी संख्या में ब्रह्मोस मिसाइलों के अधिग्रहण को मंजूरी दी जाएगी। ये खरीद भारतीय नौसेना के युद्धक जहाजों और भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के लिए की जाएगी। ब्रह्मोस एक लंबी दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली है जिसे जमीन, समुद्र और हवा तीनों जगह से प्रक्षेपित (लॉन्च) किया जा सकता है। ब्रह्मोस को डीआरडीओ, भारत और रूस के एनपीओएम द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी हथियारों की तारीफ की
नौसेना अपने वीर-क्लास युद्धक जहाजों में ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल करेगी। वहीं वायुसेना अपने लड़ाकू जहाज एसयू-30 एमकेआई के बेड़े में इन खतरनाक मिसाइलों को तैनात करेगी। हाल ही में प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत में बने हथियारों की तारीफ की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने हमारे स्वदेशी हथियारों की ताकत देखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने हमारे स्वदेशी हथियारों की ताकत देखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल, ड्रोन्स और खासकर ब्रह्मोस मिसाइल ने आत्मनिर्भर भारत की ताकत को साबित किया।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने किए थे पाकिस्तान के दांत खट्टे
बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित लश्कर ए तैयबा के छद्म संगठन टीआरएफ ने ली थी। हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 7 मई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। भारत की कार्रवाई में प्रमुख तौर पर ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। जिसने बेहद सटीकता से आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद पाकिस्तान ने कायराना हरकत करते हुए भारत में नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि भारत के एयर डिफेंस के सामने उसकी एक न चली। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के कई एयरबेस पर एक साथ हमला बोला। चार दिन तक चले संघर्ष के बाद 10 मई को पाकिस्तान ने भारत के सामने घुटने टेक दिए और संघर्ष विराम की गुहार लगाई थी।
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