पार्लियामेंट मानसून सत्र Live: ‘हां, मैं चीन गया था… लेकिन सीक्रेट समझौता करने नहीं’, लोकसभा में बोले विदेश मंत्री जयशंकर

लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत होनी थी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को संसद में इस महाबहस की शुरुआत करनी थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण ऐसा नहीं हो सका.  दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही जब चौथी बार शुरू हुई, तब ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू हो सकी.
बीजेपी की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बाद तेजस्वी सूर्या और बैजयंत पांडा के नाम भी वक्ताओं की लिस्ट में हैं. वहीं, कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई पहले वक्ता होंगे. प्रियंका गांधी का नाम भी वक्ताओं की लिस्ट में है. कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर सदन में मौजूद रहने के लिए कहा है

हां, मैं चीन गया था… लेकिन सीक्रेट समझौता करने नहीं’, बोले विदेश मंत्री जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हां, मैं चीन गया था. चीन गया था सीमा पर तनाव कम करने पर चर्चा, ट्रेड और अन्य विषयों पर अपना स्टैंड क्लियर करने गया था. सीक्रेट समझौते करने नहीं गए थे.  इस पर विपक्ष की ओर से टोका-टाकी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अमित शाह ने कहा कि आपको प्रोटेक्शन देना चाहिए. कल बताऊंगा कि कितनी असत्य बातें कही गईं. बैठे-बैठे इतनी बातें कही जा रही हैं, हम भी अपने सदस्यों को समझा नहीं पाएंगे. जयशंकर ने कहा कि डोकलाम में जब हमारी सामने चीन के साथ आमने-सामने थी, विपक्ष के नेता अपने घर पर चीन के राजदूत से ब्रीफिंग ले रहे थे. विदेश मंत्री ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद की चुनौती अब भी कायम हैं, जिसके लिए न्यू नॉर्मल हमारी पोजिशन है. उन्होंने न्यू नॉर्मल के पांच स्तंभ भी बताए. अरविंद सावंत का नाम लेकर उन्होंने कहा कि आपकी जानकारी गलत है. हर डेलिगेशन को पूरा सम्मान मिला. सातों डेलिगेशन ने देश को गौरवान्वित किया. हर सदस्य ने आतंक पर जीरो टॉलरेंस की भारतीय नीति को मजबूती से दुनिया के सामने रखा. आतंक पर किसी तरह का कोई विभाजन नहीं होना चाहिए और सदन से जीरो टॉलरेंस का संदेश जाना चाहिए.

पाकिस्तान-चीन साझेदारी का इतिहास 60 साल पुराना- जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि विपक्ष के नेता ने इतिहास की क्लास मिस कर दी होगी. टू फ्रंट 1948 में शुरू हुआ था, पीओके के लिए. 1963 में शुरू हुआ था चीन-पाकिस्तान की ओर से. 1966 में चीन की पहली सैन्य सप्लाई पाकिस्तान पहुंची थी. 11986 में परमाणु सहयोग दोनों का चरम पर था, जब राजीव गांधी पाकिस्तान गए थे. उन्होंने पाकिस्तान और चीन के बीच समझौतों का इतिहास गिनाते हुए कहा कि पाकिस्तान-चीन सहयोग का इतिहास 60 साल का है. इस पर विपक्ष की ओर से किसी ने कुछ कहा. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आपने सवाल उठाया, तो जवाब भी सुनना पड़ेगा. सुनो जवाब अब, जैसे सवाल करोगे, वैसे जवाब भी सुनने पड़ेंगे. जयशंकर ने अपना जवाब जारी रखते हुए कहा कि जो लोग एफएटीएफ के सात बिलियन डॉलर के पैकेज पर हाय-तौबा मचा रहे हैं, उनके समय में 15 बिलियन डॉलर का पैकेज उसे मिला था.

विदेश मंत्री बोले- पीएम मोदी और ट्रंप में कोई बात नहीं हुई, शाह बोले- इन्हें किसी और देश पर भरोसा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सदन को नौ मई की सुबह अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की फोन कॉल को लेकर जानकारी दी. उन्होंने सदन को बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तानी बड़ा हमला कर सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे साफ कह दिया कि भारत मुंहतोड़ जवाब देगा. जयशंकर ने किसी भी तरह की मध्यस्थता से इनकार करते हुए कहा कि सीजफायर की पहल पाकिस्तान की ओर से हुई थी. हमने साफ कह दिया था कि पाकिस्तान अगर युद्ध रोकना चाहता है तो उसके डीजीएमओ हमारे डीजीएमओ से बात करें. विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 22 अप्रैल से 17 जून तक कोई फोन कॉल नहीं हुई. इस पर विपक्ष के हंगामे पर गृह मंत्री अमित शाह खड़े हुए और कहा कि भारत का विदेश मंत्री यहां बोल रहा है, इनको विदेश मंत्री पर भरोसा नहीं है. किसी और देश पर भरोसा है. इसीलिए ये वहां बैठे हैं, अगले 20 साल तक वहीं बैठने वाले हैं.

हमने पाकिस्तान को सबक सिखाया- जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी हमले की निंदा की. पाकिस्तान ने टीआरएफ का बचाव किया. सात मई की सुबह मैसेज दिया गया और पाकिस्तान को सबक सिखाया गया. हमने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. हमने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. अपने नागरिकों की रक्षा करना भारत का अधिकार है और भारत अब परमाणु ब्लैकमेलिंग नहीं सहेगा. भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मध्यस्थ नहीं था. सीज फायर की पहल पाकिस्तान की ओर से हुई. पाकिस्तान ने सीज फायर की गुहार लगाई. क्वॉड देशों ने घटना की निंदा की, अमेरिका से तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण हुआ, ये हमारी डिप्लोमेसी है. फ्रांस, जर्मनी और यूरोपीय यूनियन ने एक स्टैंड लिया, ये हमारी डिप्लोमेसी है.

रेड लाइन पार कर गई, तब सख्त कदम उठाने पड़े- जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की मीटिंग से लेकर पाकिस्तानी दूतावास के सदस्यों को पर्सन ऑफ नॉन ग्रेटा घोषित किए जाने तक, सरकार के कदम गिनाए. उन्होंने कहा कि दूतावासों को ब्रीफिंग देने के साथ ही मीडिया में भी यह जानकारी दी गई कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का अधिकार है. पाकिस्तान सुरक्षा काउंसिल का सदस्य है, हम नहीं हैं. हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के बारे में बताया. हमारी रेड लाइन पार कर गई, तब हमें सख्त कदम उठाने पड़े. हमने दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब किया. सिक्योरिटी काउंसिल में पाकिस्तान समेत केवल तीन देशों ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया. यूएन के 193 में से तीन सदस्यों ने ही इस ऑपरेशन का विरोध किया.

पहलगाम में सुरक्षा क्यों नहीं थी? सरकार को देना चाहिए जवाब- अभय सिन्हा

राष्ट्रीय जनता दल के अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि जो आतंकी आते हैं, उनका तो उद्देश्य ही यही होता है कि धार्मिक उन्माद बढ़े. देश में भी कई लोग उसमें बह जाते हैं. पहलगाम मैं भी गया था. वहां सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी, क्या सरकार ने इसकी जांच कराई. इस पर जवाब दिया, नहीं दिया. सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए. कश्मीर का पर्यटन उद्योग चौपट हो गया. 3337 पर्यटक उसी दिन कश्मीर से निकलकर अपने घर चले गए. हमारे गृह मंत्री कहते रहे कि कश्मीर आईए, घूमिए, कोई दिक्कत नहीं है. पर्यटक भारी संख्या में पहुंचे और यह सरकार की ओर से सुरक्षा की गंभीर चूक है. कुंभ मेले में जिस तरह से सुरक्षा व्यवस्था नहीं की और कई श्रद्धालुओं की जान गई. उसी तरीके से कश्मीर को लेकर भी कहा गया और लोग गए. जिस तरह से ये घटना घटी और जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर चला, हमले के सूत्रधार आज भी जिंदा हैं. सरकार से मांग करना चाहते हैं कि संसद एक सर्वदलीय समिति गठित करे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों पर मीडिया के लिए स्वैच्छिक गाइडलाइंस तैयार करे. मृतकों को मुआवजा दिया जाए. सैयद आदिल हुसैन के परिवार को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने का प्रयास किया जाए.

डोनाल्ड का मुंह बदं कराओ या मैकडोनाल्ड को बंद कराओ’, हुड्डा ने सरकार को घेरा

हुड्डा ने कहा कि हमारे समय में जब आंख दिखाने की बारी आई, तब हमने अमेरिका को आंख भी दिखाई और हाथ मिलाने की बारी आई तो हमने हाथ भी मिलाया. मुंबई हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद के सेफ हैवन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बीजेपी की विदेश नीति बदल गई है, क्या संघ की विदेश नीति भी बदल गई है. आप यही य नहीं कर पा रहे हो कि अमेरिका से हाथ मिलाना है या आंख दिखाना है. या तो डोनाल्ड का मुंह बंद कराओ या मैकडोनाल्ड को बंद कराओ. भारत एक महाशक्ति है. उसे भी यह पता चलना चाहिए कि भारत और पाकिस्तान को एक तराजू पर नहीं तौल सकते. अमेरिका को भी चुनना होगा कि उसको भारत से कैसे संबंध चाहिए. जब टर्की ने पाकिस्तान की मदद की, तो पीएम साइप्रस गए. अच्छा संदेश गया. लेकिन असली दुश्मन चीन को संदेश देना था तो ताइवान चले जाते. विदेश मंत्री बीजिंग चले गए और कहा कि हमारे संबंधों में सुधार हो रहा है. दीपेंद्र हुड्डा ने अग्निवरी योजना और सैन्य बजट में कटौती का जिक्र कर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि यूपीए के समय में 41 स्क्वॉड्रन मंजूर हुए थे, आज धरातल पर 31 स्क्वॉड्रन हैं. हमारी फौज को आधुनिकता से लैस किया जाए, बजट बढ़ाया जाए. आज तीन फ्रंट की बात चल रही है. देश की फौज को मजबूत करने का काम करो.

11 साल से आप विदेश घूमकर क्या कर रहे थे, जब सांसदों पर आना पड़ा- हुड्डा

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए कहा कि देश की फौज को नमन करने का प्रस्ताव लाइए, हम साथ हैं. नहीं तो हम लाते हैं, आप साथ दीजिए. फौज का पराक्रम चर्चा का विषय नहीं है. फौज ने अपना काम किया, सत्ता ने क्या किया. भारत की फौज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ फौज में से एक है. विपक्ष ने पूरा समर्थन दिया, कहा कि हम साथ हैं. आपने क्या किया. सर्वदलीय बैठकों में प्रधानमंत्री नहीं आए. आपने 12 बजे रात में भी बैठक रखी होती तो हमारे नेता शामिल होने के लिए तैयार थे. आप दुनिया में एकजुटता दिखाने का मौका चूक गए. नौ तारीख को हम एडवांटेज में थे. देश की भावना थी कि निर्णायक जवाब दिया जाए, 10 तारीख को सीजफायर हो गया. आप बार-बार पीओके की बात बोलते थे, अब किस मुंह से इसकी बात करोगे देश के सामने. आप कह रहे कि पाकिस्तान घुटनों पर था, ऐसा था तो सीजफायर की क्या जरूरत थी. पाकिस्तान की ईंट से ईंट बजाने की भावनाओं पर विराम और युद्ध विराम से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति का ट्वीट. विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को फोन करके आतंकी ठिकानों पर बात कहना भी रणनीतिक चूक है. आप खुद कह रहे हैं कि पाकिस्तान के आतंकी और सेना एक हैं, आपने यह रणनीतिक चूक की. विदेश मंत्रालय का काम दुनिया में दोस्त मुल्कों की संख्या बढ़ाना काम होता है. कितने देश आपके साथ खड़े हुए और कितनों ने पाकिस्तान का साथ दिया, बताइए. एक देश का नाम बताओ, जिसने आतंकी घटना के साथ पाकिस्तान की भी निंदा की हो. पाकिस्तान के साथ चीन, तुर्की, अजरबैजान समेत कई देश हैं. आपने 11 साल में जो विदेश भ्रमण किया, उसका सच यह सामने आया कि आपको सांसदों पर आना पड़ा. 11 साल से आप दुनिया घूम कर क्या कर रहे थे. आईएमएफ ने एक बिलियन का लोन तब दिया, जब टकराव चल रहा था. विश्व बैंक ने 40 बिलियन डॉलर का निवेश प्रस्ताव पारित किया. पाकिस्तान को काउंटर टेररिज्म का को-चेयरमैन बनाया गया.

कांग्रेस ने किए राष्ट्रीय हितों के सरेंडर- बैजयंत पांडा

ओडिशा के केंद्रपाड़ा से बीजेपी के सांसद बैजयंत पांडा ने कहा कि भारत ने हर बार शांति का हाथ बढ़ाया और पाकिस्तान ने हर बार खून बहाया. ऑपरेशन सिंदूर रिएक्शन नहीं, मोदी डॉक्ट्रिन है. ये हमारी नीति में बदलाव का न्यू नॉर्मल है. उन्होंने गौरव गोगोई के सरेंडर वाले बयान पर पलटवार करते हुए पीओके से लेकर संयुक्त सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के प्रस्ताव और अक्साई चिन तक, कांग्रेस की सरकार के समय के घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कई बार राष्ट्रीय हितों का सरेंडर किया.

‘…तो PM को सिर पर लेकर नाचते’, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान क्यों बोले अरविंद सावंत

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद गणपत सावंत ने कहा कि जब आतंकियों को पकड़ा नहीं जाता है, आपके दिल में कुछ नहीं होता. बिहार में जाकर राजनीतिक कार्यक्रम में भाषण देते हो. ढोल हम सेना का बजाएंगे, आपका नहीं बजाएंगे. आपकी उसमें क्या शूरता-वीरता थी. आप कह रहे थे कि पाकिस्तान के अधिकारी गिड़गिड़ा रहे थे, तो  वे शरणार्थी थे. आपने क्या शर्तें लगाईं, बिना शर्त के युद्ध रोक दिया. अमेरिका के राष्ट्रपति तो आज भी कह रहे हैं. हमारे इर्द-गिर्द जितने राष्ट्र हैं, एक राष्ट्र हमारे साथ नहीं आया. हम तो विश्व गुरु हैं. 200 देशों में गए. प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं, 200 में से एक देश आपके साथ नहीं आया. आपके साथ इजरायल खड़ा हुआ, जिसकी वजह से ईरान से आपके रिश्ते भी बिगड़ गए. किसने-किसने इस युद्ध में पाकिस्तान की मदद की, चीन तो कर ही रहा था, तुर्की भी कर रहा था. हमको यह सोचने की जरूरत है कि एक भी देश हमारे साथ क्यों खड़ा नहीं हुआ. ये बार-बार अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से पैसा नहीं देने की बात कह रहे थे, फिर भी युद्ध के हालात में आईएमएफ ने पैसा दिया. ट्रंप मेहमान के रूप में कनाडा गए पीएम मोदी को फोन कर बोलते हैं इधर आ जाओ. अच्छा किया पीएम ने, नहीं गए. पूरा विपक्ष डटकर सरकार के साथ खड़ा रहा. आपने सात टीमें बना दीं, दुनिया में टीम भेज दी. कहीं कोई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, कोई नहीं आया. सब विफल है. सीडीएस ने कहा कि आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता है. इस एक वाक्य में सबकुछ आ गया. यह आत्मनिरीक्षण की बात है. राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा सबसे अहम है. जब पीएम मोदी नवाज शरीफ से मिलने गए थे, बिना बुलाए गए थे. जब लाहौल बस लेकर अटल बिहारी वाजपेयी गए थे, तब बाल ठाकरे ने कहा था कि मत करो. पाकिस्तान वह सांप है, जिसे जितना भी दूध पिलाओ, जहर ही उगलेगा. यही वक्त था पीओके लेने का. किसने मना किया आपको. यही वक्त था पाकिस्तान को सबक सिखाने का. पीओके आप ले लेते, प्रधानमंत्री को सिर पर लेकर हम नाचते. घुसकर मारेंगे वाली बात है ना, ओसामा बिन लादेन को जैसे घुसकर मारा, उसे कहते हैं घुसकर मारना. पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना बंद करो. आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने जा रहे हो, ये मत करो.

विपक्ष को नहीं दिख रही ऑपरेशन सिंदूर की सफलता- ललन सिंह

ललन सिंह ने गौरव गोगोई पर तंज करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सारी मिसाइलें हवा में ध्वस्त हो गईं, पूरे देश ने देखा है कि फूलझड़ी की तरह उड़ गया. कहीं कोई नुकसान नहीं हुआ. आप कितना भी भाषण दे लीजिए, कोई नहीं मानेगा. पूरे देश ने टीवी पर देखा है. इसके बाद जब भारत ने हमला शुरू किया, उनके कमांड और कंट्रोल को ध्वस्त कर दिया. 11 एयरबेस को ध्वस्त कर देने का काम हमारी वायु सेना ने किया. ये ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धि थी. आपको नहीं दिखेगी ये. पाकिस्तान ने चालाकी की, नागरिक विमान का भी परिचालन किया. एक भी नागरिक विमान को खरोंच नहीं आई. आप बात कर रहे हैं कि क्यों रोक दिया. पहले ही प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम युद्ध नहीं करना चाहते. हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है. दोनों देशों के डीजीएमओ ने बैठकर तय किया. पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और इसके बाद सीजफायर हुआ. इसके बाद पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर बंद नहीं, स्थगित हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया कि भारत एक सशक्त देश है और वह अपनी रक्षा करने में समर्थ है. पूरी दुनिया ने उसे सराहने का काम किया है. अमेरिका के राष्ट्रपति की बात आप कर रहे हैं, विदेश मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कह दिया कि कुछ नहीं हुआ. पीएम मोदी ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति से बात कर स्पष्ट कर दिया, उसे भी पूरे देश ने देखा. विपक्षी पार्टियों को प्रधानमंत्री और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता दिखाई नहीं देती है, जिसे पूरे विश्व ने देखा. आप कहते हैं कि प्रधानमंत्री बोलते नहीं हैं, बोलते नहीं हैं. प्रधानमंत्री जी बोलते नहीं हैं, एक्ट करके दिखाते हैं. जो मुख्य विपक्षी पार्टी है, उसका मुख्य आदर्श गॉवेल्स है, जो जर्मनी की कहावत है. एक झूठ को बार-बार बोलने से वह सच हो जाता है. लेकिन यह सही नहीं है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह एक दुष्प्रचार रणनीति है. भारत किसी के दबाव में नहीं आता है. भारत अपना निर्णय स्वयं करता है और इसमें सक्षम है.

यूपीए सरकार में पनपा आतंकवाद’, ललन सिंह ने कांग्रेस को घेरा

जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि गौरव गोगोई ने एक शब्द सेना की वीरता, शौर्य और पराक्रम पर नहीं बोला. आप देशभक्ति की बात कर रहे हैं. आप इस पर बात कर रहे हैं कि कितना जहाज गिरा. 2004 से 2014 तक यूपीए के शासनकाल में आतंकवाद पनपा है, उसे जगह मिली. जब यूपीए की सरकार थी, तब मैं भी सदन का सदस्य था. यूपीए शासन के समय आतंकी घटनाओं में 615 लोग मारे गए. 2006 लोग घायल हुए. आप बात कर रहे आतंकवाद की. मुंबई ट्रेन में 209 लोग मारे गए, 800 लोग घायल हुए. क्या किया आपने. 26-11-2008 को पूरे मुंबई महानगर पर आतंकियों का कब्जा था, आपको बताना चाहिए था कि कैसे घुसे आतंकी. क्या किया आपने. उसमें 29 विदेशी नागरिक थे, मुंबई पुलिस के दो अधिकारी थे. क्या किया था आपने. आप घड़ियाली आंसू बहा रहे थे. आपने सदन में चर्चा करके गृह मंत्री को विदा करके आतंकवाद को पनपने दिया. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने की यूपीए सरकार में न साहस था, न दम. बस खानापूर्ति करते थे. मुंबई की घटना का मुख्य कर्णधार जो अमेरिका में छिपा था, उसको देश में लाकर मुकदमा चलाने का काम प्रधानमंत्री मोदी ने किया. भारत ने पहली बार आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का जो संकल्प लिया, वह 2016 में हुआ. आप मोदी जी को बताइएगा कि आतंकवाद से कैसे लड़ें. सबसे ज्यादा तो आप ही की सरकार रही देश में. आपने तो कुछ किया नहीं. बता रहे थे कि किन उद्देश्यों के साथ आतंकी पहलगाम में घुसे. अरे आपसे पूछ के घुसे थे क्या. विश्वसनीयता समाप्त हो ही रही है, आने वाले समय में कोई पूछेगा भी नहीं.

कांग्रेस को बिहार में आंबेडकर की तस्वीर चरणों में रखने वाले के साथ रहना है- शांभवी चौधरी

शांभवी चौधरी ने ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए कहा कि पहलगाम में जिस तरह से नागरिकों पर अटैक हुआ, वह मानवता पर अटैक है. पूरा देश वह चित्र कैसे भूल सकता है, जब एक नवविवाहित महिला लाल चूड़ी पहनकर अपने पति के शव के पास बैठी थी. यहां कुछ लोग हैं, जिन्हें पहलगाम से ज्यादा दुख फिलिस्तीन के लिए हुआ. यह नया भारत है, जो मोमबत्तियां नहीं जलाता. खतों का दौर गया, अब फरमान भेजे जाते हैं, जो करते हैं भारत पर वार, वो सीधे कब्रिस्तान भेजे जाते हैं. 1971 का क्रेडिट कांग्रेस पार्टी कभी जगजीवन राम को नहीं देते, जिन्हें बांग्लादेश ने वॉर हीरो घोषित किया था. कांग्रेस दलित नेतृत्व को कभी स्वीकृति नहीं दे सकती. इनको तो आंबेडकर की फोटो चरणों में रखने वाले का साथ देना है. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के हौंसले पस्त कर दिए हैं. एक युवा नेता दुश्मन देश में है, एक विपक्ष में हैं. दोनों के सवाल एक कैसे हो सकते हैं. जब सेना सरहद पर लड़ रही होती है, तो उससे सवाल नहीं पूछे जाते, सलामी दी जाती है. सरेंडर से इनका विशेष लगाव इसलिए है, क्योंकि इतिहास गवाह है कि इन्होंने कई बार भारत का सिर शर्म से झुका दिया. वेस्टर्न मीडिया ने भारत को धोखेबाज देश कहा था. 1985 में सीआईए की क्लासीफाइड रिपोर्ट है कि विदेशी तंत्र भारत को चलाता है. 2001 में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर पर हमला हुआ, और ये लोग चुप बैठे रह गए. 2008 में मुंबई पर हमला हुआ, इन्होंने जवाब नहीं दिया. राजनीति के लिए ये कहते हैं कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता, ये दोहरा चरित्र क्यों है इनका. जिस सनातन को मुगलों की तलवार, अंग्रेजों की तोप नहीं खत्म कर पाई, उसे ये क्या खत्म कर पाएंगे. आतंकियों ने हमारे नागरिकों से कहा कि कलमा पढ़कर सुनाओ, मैं महाभारत सुनाना चाहती है. पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखकर दुनिया को बता दिया है कि एक चुटकी सिंदूर की कीमत क्या होती है.

लोकसभा की कार्यवाही रात 12 बजे तक बढ़ाई गई

लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा जारी है. सदन की कार्यवाही का समय रात 12 बजे तक बढ़ा दिया गया है.

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