जून में पिता बने थे स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह, एक महीने बाद ही जगुआर क्रैश में जान चली गई

राजस्थान के चूरू में 9 जुलाई को भारतीय वायुसेना का जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस घटना में दो पायल- स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु और फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई. स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र महीने भर पहले ही पिता बने थे. वायुसेना ने घटना के कारणों की जांच के लिए एक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की है.

शिवानी शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 साल के स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह का जन्म हरियाणा के खेड़ीसाड गांव में हुआ था. बाद में वे अपने परिवार के साथ रोहतक के देव कालोनी में रहने लगे. उनके पिता MDU रोहतक से सुप्रिटेंडेंट के तौर पर रिटायर हुए थे, जबकि माता टीचर थीं.
परिवार ने बताया कि लोकेंद्र बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे. वे नेशनल डिफेंस एकेडमी के छात्र थे. साल 2016 में उन्हें भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन किया गया था. कोविड-19 संकट के दौरान उन्होंने शादी की थी. बीते महीने 10 जून को उनकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था. लोकेंद्र की मौत के वक्त उनकी पत्नी बेटे के साथ मायके में थीं.

वहीं 23 साल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह राजस्थान के पाली के रहने वाले थे. कुछ सालों पहले ही वे वायुसेना से जुड़े थे. हादसे के वक्त वे लोकेंद्र सिंधु के साथ को-पायलट की जिम्मेदारी निभा रहे थे. 
बुधवार 9 जुलाई को रूटीन ट्रेनिंग के दौरान चूरू के भानुदा गांव में जगुआर फाइटर प्लेन दुर्घटना ग्रस्त हो गया. भारतीय वायुसेना ने अपने ऑफिशियल अकाउंट से घटना की जानकारी दी, “इस दुर्घटना में दोनों पायलटों को गंभीर चोटें आईं. किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. भारतीय वायुसेना इस दुखद घटना पर दुःख व्यक्त करती है और प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है. ”

इसके अलावा वायुसेना ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी बनाई है. इसी साल मार्च महीने के बाद से जगुआर फाइटर प्लेन के क्रैश की ये तीसरी घटना सामने आई है. पहला क्रैश 7 मार्च को हरियाणा के अंबाला में रिपोर्ट किया गया. वहीं दूसरी घटना गुजरात के जामनगर में हुई थी.

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