प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दार्शनिक एवं विचारक स्वामी विवेकानंद की 123वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार और उनका दृष्टिकोण हमारे समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।
PM मोदी ने क्या कुछ कहा
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं स्वामी विवेकानंद जी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन करता हूं। उनके विचार और उनका दृष्टिकोण हमारे समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने हमारे इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को लेकर गर्व एवं आत्मविश्वास की भावना जगाई। उन्होंने सेवा और करुणा के मार्ग पर चलने पर भी जोर दिया।’’
योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वामी विवेकानंद को वेदांत के प्रकाश से सनातन संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का श्रेय दिया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”चुनौती जितनी बड़ी होगी, जीत उतनी ही शानदार होगी। सभ्यता, संस्कार और स्वाभिमान के उद्घोष- ‘गर्व से कहो हम हिन्दू हैं’ के द्वारा सोए हुए भारत को जागृत करने वाले युवा संन्यासी, ‘राष्ट्रऋषि’ स्वामी विवेकानंद जी को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि!”
उन्होंने कहा किआपने (स्वामी विवेकानंद ने) वेदांत, सेवा और आत्मबल के आलोक से सनातन संस्कृति को विश्वमंच पर प्रतिष्ठित किया। राष्ट्रनिर्माण की आपकी दृष्टि और ‘उठो, जागो’ का मंत्र, युगों तक युवा भारत का पथप्रदर्शक बना रहेगा।
शिकागो का अविस्मरणीय भाषण
रामकृष्ण मिशन के संस्थापक, आध्यात्मिक नेता, दार्शनिक एवं विचारक स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था और चार जुलाई 1902 को उनका निधन हो गया था। उन्हें 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में अपने अविस्मरणीय संबोधन के लिए याद किया जाता है जहां उन्होंने भारत की संस्कृति और परंपरा को मजबूती के साथ दुनिया के सामने पेश किया था। उनका आध्यात्मिक और दार्शनिक कार्य कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। मोदी अक्सर उन्हें अपनी प्रेरणा बताते हैं।
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