अमेरिका ने ईरानी परमाणु ठिकानों पर बमबारी की:ट्रम्प बोले- 3 एटमी फैसिलिटी तबाह किए; इजराइल के 14 शहरों पर ईरान का मिसाइल हमला, 86 घायल

अमेरिका ने ईरान में 3 परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। ये ठिकाने फोर्डो, नतांज और इस्फहान हैं। हमला भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 4:30 बजे हुआ।

ट्रम्प ने ईरान पर हमले के 3 घंटे बाद देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान की अहम न्यूक्लियर साइट्स ‘obliterate’ यानी कि पूरी तरह से तबाह कर दी गई हैं। फोर्डो पर बमों की एक पूरी खेप गिरा दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अब उसे शांति कायम करना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो उस पर और बड़े हमले किए जाएंगे।

अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उन्होंने इजराइल पर सबसे बड़ा अटैक किया है और 14 अहम ठिकानों को निशाना बनाया है।


वहीं, टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, हाइफा और तेल अवीव के मिलिट्री और रिहायशी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें गिरी हैं। इजराइल में अब तक 86 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

अमेरिका ने 400 मील दूर से मिसाइलें दागीं


अमेरिका ने इस्फहान और नतांज में 30 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागी हैं। इन्हें 400 मील (643 किमी) दूर अमेरिकी पनडुब्बियों से लॉन्च किया गया था।

अमेरिका ने फोर्डो पर 6 बंकर बस्टर बम गिराए

फॉक्स न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी सेना ने फोर्डो में न्यूक्लियर साइट पर 5 से 6 B2 बॉम्बर से GBU-57 बम गिराए हैं। पहले यह अनुमान लगाया गया था कि फोर्डो न्यूक्लियर साइट को तबाह करने के लिए दो बंकर बस्टर की जरूरत पड़ेगी।

ईरान बोला- अमेरिका के हमले से रेडिएशन लीक नहीं हुआ

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था (AEOI) ने कहा है कि अमेरिका के मिसाइल हमलों के बाद भी फोर्डो, नतांज और इस्फहान में कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर बताया कि इलाके की जांच और रेडिएशन मापने वाली मशीनों से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक इन जगहों के आसपास रहने वालों के लिए कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि इन स्थलों की सुरक्षा अब भी सामान्य और स्थिर है।

ईरानी विदेश मंत्री बोले- हमारे पास आत्मरक्षा का अधिकार

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने अमेरिका के हमलों पर कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा का अधिकार हमारे पास है और ईरान अपने लोगों, संप्रभुता और हितों की रक्षा के लिए हर विकल्प अपनाएगा।
अराकची ने कहा कि अमेरिका खुद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है। उसने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों पर हमला कर गंभीर अंतरराष्ट्रीय कानून, UN चार्टर और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा, “आज सुबह जो हुआ वह बेहद खतरनाक, अवैध और आपराधिक है। इसका असर हमेशा के लिए रहेगा। दुनिया के हर देश को इस पर चिंता होनी चाहिए।”

ईरान पर हमले के बाद IAEA ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई

ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी (IAEA) ने सोमवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाने का ऐलान किया है। IAEA चीफ राफेल ग्रोसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी।

सऊदी अरब ने अमेरिकी हमलों के बाद ईरान से संयम बरतने को कहा

सऊदी अरब ने ईरान में अमेरिकी हवाई हमलों के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह ईरान में खासकर उसकी परमाणु साइटों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता में है।
बयान में सऊदी अरब ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे संयम बरतें, तनाव को और बढ़ने न दें और स्थिति को संभालने की कोशिश करें ताकि हालात और न बिगड़ें।

ब्रिटेन ने ईरान पर अमेरिकी हमले का समर्थन किया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। उन्होंने ईरान से अपील की है कि वह बातचीत के जरिए इस संकट को खत्म करने में मदद करे।
स्टार्मर ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु ठिकानों पर रात में जो हमले किए, वे इसी खतरे को कम करने के लिए किए गए हैं।
स्टार्मर के मुताबिक, फिलहाल मध्य पूर्व की स्थिति बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है और वहां स्थिरता बनाए रखना पूरी दुनिया की एक जरूरी प्राथमिकता होनी चाहिए।

अमेरिका ने ईरान को पहले ही हमले की जानकारी दी थी: रिपोर्ट

अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले की जानकारी एक दिन पहले ही दे दी थी। मीडिल ईस्ट बेस्ड न्यूज वेबसाइट अमवाज मीडिया के मुताबिक ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका ने हमले से पहले ईरान को एडवांस में नोटिस भेज दिया था।
ईरानी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया है कि 21 जून को ट्रम्प प्रशासन ने ईरान को बताया था कि उसका मकसद ईरान के साथ युद्ध करना नहीं है और वो सिर्फ फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु सुविधाओं पर हमला करने वाला है।

ईरान बोला- खतरनाक जंग की शुरुआत कर रहा अमेरिका

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने उसके परमाणु ठिकानों पर हमला करके अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन किया है। यह हमला उस समय हुआ जब कूटनीतिक बातचीत चल रही थी।
ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह इजराइल जैसे आक्रामक देश का साथ देकर एक खतरनाक जंग की शुरुआत कर रहा है। ईरान ने साफ कहा कि वह अपने देश की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से जवाब देगा। ईरान ने अमेरिका को एक गैर-जिम्मेदार देश बताया जो किसी भी नियम का पालन नहीं करता।

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