रूस -यूक्रेन और ईरान – इजरायल के बीच छिड़ी जंग के बीच फाइटर स्टेल्थ जेट चर्चा में हैं. इन विमानों को सबसे खास माना जा रहा है. भारत के पास राफेल फाइटर जेट जरूर है लेकिन उसे इसीलिए 4.5 जेनरेशन का जेट कहा जाता है, क्योंकि वो स्टेल्थ नहीं है. आमतौर पर ये फाइटर जेट पांचवीं पीढ़ी के होते हैं. चीन जरूर पाकिस्तान को ऐसा फाइटर जेट देने जा रहा है. भारत खुद इसे विकसित कर रहा है, लेकिन इसमें उसे समय लगेगा.
सबसे पहले जानते हैं कि स्टेल्थ जेट क्या होते हैं. दुनियाभर में अब इनकी मांग क्यों बढ़ रही है. इनकी कौन सी तकनीक उन्हें दूसरे फाइटर विमानों से अलग करती है.
स्टेल्थ जेट क्या होते हैं?
स्टेल्थ जेट ऐसे लड़ाकू विमान होते हैं जिन्हें इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि वे दुश्मन के रडार, इन्फ्रारेड सेंसर और अन्य डिटेक्शन सिस्टम से आसानी से छुप सकते हैं. इन विमानों की बॉडी खास मटीरियल और एंगल्स से बनाई जाती है, जिससे रडार की तरंगें इनसे टकराकर वापस नहीं जातीं और विमान की लोकेशन छुपी रहती है. स्टेल्थ तकनीक का मतलब है – छुपा हुआ या गुप्त, यानी ये विमान दुश्मन की नजर में आए बिना उसके इलाके में घुस सकते हैं या हमला कर सकते हैं. स्टेल्थ जेट्स आधुनिक युद्ध में गेमचेंजर माने जाते हैं क्योंकि ये दुश्मन की नजर से बचकर, गुप्त मिशन अंजाम दे सकते हैं
भारत के पास क्या ऐसे विमान हैं?
.फिलहाल भारत के पास ऑपरेशनल स्टेल्थ फाइटर जेट नहीं हैं, लेकिन भारत ने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट के निर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है. यह प्रोजेक्ट अब मिशन मोड में है और उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत का खुद का स्टेल्थ फाइटर जेट तैयार कर लेगा. अब तक अमेरिका, रूस और चीन के पास ही ऐसे उन्नत स्टेल्थ फाइटर जेट्स हैं. भारत भी जल्द ही इस क्लब में शामिल होने जा रहा है.
क्या होती हैं स्टेल्थ जेट्स की खासियतें
रडार और सेंसर से छुपने की क्षमता –
इनकी बनावट और मटीरियल रडार वेव्स को अब्सॉर्ब या डाइवर्ट कर देता है, जिससे ये आसानी से पकड़े नहीं जाते. इन्फ्रारेड और विजुअल सिग्नेचर कम – इंजन और बॉडी डिजाइन ऐसे होते हैं कि गर्मी और रोशनी का भी कम पता चलता है. इंटरनल वेपन अरेंजमेंट – हथियार विमान के अंदर छुपे रहते हैं, जिससे बाहरी आकार में कोई बदलाव नहीं आता और स्टेल्थ बनी रहती है. मल्टीरोल क्षमता – ये विमान एयर-टू-एयर, एयर-टू-ग्राउंड दोनों तरह के मिशन कर सकते हैं. सुपरसोनिक स्पीड और एडवांस्ड एवियोनिक्स – ये जेट तेज रफ्तार, लंबी दूरी और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से लैस होते हैं
भारत कैसे स्टेल्थ जेट तैयार कर रहा है
– दो इंजन वाला, पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट – सुपरसोनिक स्पीड (लगभग 2500 किमी/घंटा) – 11 हार्डपॉइंट्स जिसमें अधिकतर हथियार अंदर छुपे रहेंगे – एडवांस्ड सेंसर, डेटा फ्यूजन, नेटसेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता – पूरी तरह स्वदेशी निर्माण और डिजाइन
क्या पाकिस्तान के पास स्टेल्थ जेट हैं
हां, पाकिस्तान अब स्टेल्थ जेट्स हासिल कर रहा है. चीन ने पाकिस्तान को अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट J-35 देने की डील फाइनल कर दी है. भारत को इसी अगस्त तक J-35A स्टेल्थ जेट्स की 30 विमानों की पहली खेप मिल सकती है. कुल मिलाकर पाकिस्तान को 40 J-35 स्टेल्थ जेट्स मिलने की पुष्टि की गई है.
J-35/FC-31 चीन का पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है, जिसे खास तौर पर रडार से छुपने और आधुनिक हवाई युद्ध के लिए डिज़ाइन किया गया है. ये विमान अमेरिका के F-35 और चीन के J-20 जैसे आधुनिक विमानों की श्रेणी में आते हैं, हालांकि J-20 जितने उन्नत नहीं हैं.
इन जेट्स में रडार-एवॉइडेंट डिजाइन, एडवांस्ड एवियोनिक्स, सुपरसोनिक गति, और इंटरनल वेपन बे जैसी खूबियां हैं, जिससे ये दुश्मन के रडार पर आसानी से नहीं आते. पाकिस्तान के पायलट्स को इन विमानों के लिए चीन में ट्रेनिंग भी दी जा रही है.
पाकिस्तान, तुर्की के आगामी कान स्टेल्थ फाइटर जेट में भी रुचि दिखा रहा है. जिसे वह भविष्य में अपने बेड़े में शामिल कर सकता है.
पाकिस्तान के पास स्टेल्थ होने से क्या असर पड़ेगा
अभी भारत और पाकिस्तान का हवाई ताकत का संतुलन बराबर का माना जाता है. दोनों देशों के फाइटर पायलटों को भी दुनिया में बेहतरीन माना जाता है लेकिन पाकिस्तान के पास ये विमान आने के बाद हवा में संतुलन बदल सकता है. ये जेट पाकिस्तान की वायुसेना को तकनीकी दृष्टि से भारत के मुकाबले कुछ समय के लिए बढ़त दे सकते हैं.
भारत कब तक अपना स्टेल्थ जेट बना पाएगा
भारत का पहला स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट फिलहाल विकास के चरण में है. सरकार ने इस प्रोजेक्ट को 2024 में मंजूरी दी थी. अब प्रोटोटाइप बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. उम्मीद है कि ये 2026 के अंत या 2027 के शुरू तक तैयार हो सकता है. इसकी पहली उड़ान पहली उड़ान 2028 या 2029 तक होगी. भारतीय वायुसेना में ये 2034 या 2035 में शामिल होने की संभावना है. उसके बाद बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा.
चीन ने स्टेल्थ फाइटर जेट कब बनाया?
चीन ने अपने पहले पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट J-20 को 2017 में ऑपरेशनल किया. इसके बाद चीन ने अपना दूसरा स्टेल्थ फाइटर जेट, शेनयांग J-35 हाल ही में विकसित कर लिया. ये अब चीन की वायुसेना और नौसेना में शामिल भी किया जा रहा है.
किन देशों के पास स्टेल्थ फाइटर जेट हैं?
दुनिया में फिलहाल सिर्फ कुछ ही देशों के पास असली पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट हैं, इसमें अमेरिका, चीन, रूस, तुर्की, साउथ कोरिया, जापान और स्वीडन शामिल हैं.
वर्तमान में केवल अमेरिका, चीन और रूस के पास पूरी तरह से ऑपरेशनल पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट हैं. अन्य देश जैसे तुर्की, दक्षिण कोरिया, भारत, जापान और स्वीडन इस तकनीक पर काम कर रहे हैं या उनके पास सीमित प्रोटोटाइप हैं.
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