डेढ़ साल की प्लानिंग और पल भर में रूसी एयरबेस तबाह, ऑपरेशन ‘स्पाइडरवेब’ की 10 बड़ी बातें

रविवार को रूस के चार अहम एयरबेस उस वक्त चौंक गए जब आसमान में अचानक यूक्रेनी ड्रोन मंडराने लगे और देखते ही देखते स्ट्रैटजिक बॉम्बर्स जलकर खाक हो गए. यह हमला सामान्य नहीं था… यह एक डेढ़ साल की तैयारी का नतीजा था जिसे अंजाम दिया यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU ने. ऑपरेशन का नाम था “स्पाइडरवेब”. इसे लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की तक खुद नजर रख रहे थे.

ऑपरेशन स्पाइडरवेब’ में जो तरीका अपनाया गया वह किसी जासूसी फिल्म से कम नहीं लगता. विस्फोटक से लदे ड्रोन लकड़ी की झोपड़ियों की छत के नीचे छुपाए गए थे. इन झोपड़ियों को ट्रकों पर लादकर रूसी एयरबेस के पास पहुंचाया गया. फिर एक रिमोट सिग्नल से छतें खुलीं और ड्रोन आसमान में उड़ चले—रूस की एयरपावर पर सीधा हमला करने. आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक मिशन की 10 सबसे बड़ी बातें—

(1) कोडनेम “Spiderweb” था कोई संयोग नहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ आंद्रेई यरमाक ने ऑपरेशन के दिन टेलीग्राम पर एक “मकड़ी का जाला” इमोजी पोस्ट किया. बाद में पता चला कि यही ऑपरेशन का कोडनेम था – Spiderweb, यानी एक ऐसा जाल जिसमें रूस के बमवर्षक उलझ कर रह गए.
(2) डेढ़ साल की प्लानिंग, पल भर में हमला यह ऑपरेशन एक दिन में नहीं हुआ. यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) ने इसे 18 महीनों की तैयारी के बाद अंजाम दिया. यह लॉजिस्टिक और तकनीकी दोनों स्तर पर बेहद जटिल था.
(3) साधारण दिखने वाले ट्रकों से हुआ असाधारण हमला ड्रोन सीधे उड़ाए नहीं गए. SBU ने पहले ड्रोन लकड़ी के बने छोटे घरों की छतों के नीचे छुपाए, फिर इन घरों को ट्रकों पर लादकर रूसी एयरबेस के पास पहुंचा दिया.

(4) छत खुली, ड्रोन निकले और हुआ हमला लकड़ी की झोपड़ियों की छतें रिमोट से खोली गईं, और तभी भीतर छिपे विस्फोटक-लदे FPV ड्रोन बाहर निकलकर हमला करने उड़ गए. रूस को भनक तक नहीं लगी.

(5) 4 एयरबेस पर एक साथ हमला, 41 विमान तबाह रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेनी ड्रोन ने एक ही दिन में रूस के चार अहम एयरबेस – बेलाया, द्यागिलेवो, ओलेन्या और इवानोवो पर हमला किया और 41 रूसी वॉरप्लेन को निशाना बनाया.
(6) 2 बिलियन से ज्यादा का नुकसान SBU सूत्रों के अनुसार इस ऑपरेशन में A-50, Tu-95 और Tu-22M3 जैसे भारी-भरकम रणनीतिक बमवर्षकों को नुकसान पहुंचा. कुल एविएशन नुकसान का आकलन 2 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा बताया जा रहा है.

(7) हमले की पुष्टि वीडियो और सैटेलाइट से रूसी सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में बेलाया एयरबेस पर जलते हुए बॉम्बर्स दिखे. हालांकि रूस ने अब तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

(8) पेट्रोल पंप बना लॉन्च पैड! ओलेन्या एयरबेस पर हमला करने वाले ड्रोन रूस के ही मुरमांस्क क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप पर खड़े ट्रक से लॉन्च किए गए. यह भी ऑपरेशन की रचनात्मकता और गोपनीयता को दर्शाता है.

(9) ज़ेलेंस्की खुद थे इस मिशन के पीछे RBC-यूक्रेन की रिपोर्ट के अनुसार इस मिशन को राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्वयं मॉनिटर किया और SBU प्रमुख वासिल माल्युक के नेतृत्व में पूरी टीम ने इसे अंजाम दिया.

(10) रूस की गिरफ्तारी का दावा बस दिखावा! यूक्रेनी सुरक्षा सूत्रों ने कहा है कि इस मिशन में शामिल सभी लोग पहले ही सुरक्षित रूप से यूक्रेन लौट चुके हैं. इसलिए अगर रूस किसी गिरफ्तारी का दावा करता है तो वह सिर्फ घरेलू प्रचार का हिस्सा होगा.

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