तथ्यों का पूरी तरह से गलत प्रस्तुतीकरण”:  राहुल के आरोपों पर विदेश मंत्रालय का जवाब, जयशंकर से किए थे सवाल

विदेश मंत्री एस जयशंकर के ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े बयान पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने राहुल के बयान को “तथ्यों का पूरी तरह से गलत प्रस्तुतीकरण” बताया है।

विदेश मंत्रालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर के खिलाफ लगाए गए उन आरोपों का खंडन किया कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने से पहले “पाकिस्तान को सूचित किया”। विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन के अनुसार, जयशंकर ने कहा था कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद शुरुआती चरण में ही पाकिस्तान को चेतावनी दे दी थी। विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन ने कहा, “विदेश मंत्री ने कहा था कि हमने पाकिस्तान को शुरुआत में ही चेतावनी दे दी थी, जो स्पष्ट रूप से ऑपरेशन सिंदूर के शुरू होने के बाद का प्रारंभिक चरण है। इसे गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। तथ्यों को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।” 

राहुल ने सरकार पर लगाया था गलत काम करने का आरोप

विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी की ओर से एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद आई है, जिसमें जयशंकर गुरुवार को दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। राहुल गांधी ने सरकार पर गलत काम करने का आरोप लगाया।

एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा, “हमारे हमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना एक अपराध था। विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत सरकार ने ऐसा किया। 1. इसे किसने अधिकृत किया? 2. इसके परिणामस्वरूप हमारी वायुसेना ने कितने विमान खो दिए?”

विदेश मंत्री जयशंकर ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में कही थी यह बात

दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के बाद गुरुवार को पत्रकारों से बात हुए जयशंकर ने कहा, “यह स्पष्ट है कि कौन गोलीबारी बंद करना चाहता था। हमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझे लगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि ऑपरेशन की शुरुआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हम आतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर, और सेना के पास यह विकल्प है कि वह खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे।”    उन्होंने कहा, “उन्होंने (पाकिस्तान ने) उस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया। उसके बाद 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया। यह स्पष्ट है कि गोलीबारी कौन बंद करना चाहता था।”

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *