भाजपा नेता को 1.75 करोड़ का लगा चुना, आरोपी ने सीएम का रिश्तेदार बताकर धमकाया

भाजपा नेता और ठेकेदार से जमीन के सौदे में 1.75 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। जमीन बेचने वाले ने खुद को निजी कॉलेज में प्रोफेसर बताकर उनसे अपने ससुराल से मिली 10 हजार वर्ग फीट जमीन का सौदा किया था।

बताया सीएम का रिश्तेदार
गुरुवार को आईजी अरविंद सक्सेना के पास इस धोखाधड़ी की शिकायत पहुंची। सचिन तेंदुलकर मार्ग निवासी अमित सिरोठिया(BJP Leader) ने बताया वह पेशे से ठेकेदार हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा से भी जुड़े हैं। रिश्तेदार मनोज दुबे के माध्यम से पिछले साल उनकी मुलाकात झांसी के विजय यादव से हुई थी। विजय ने खुद को बेहट केनिजी कॉलेज का प्रोफेसर होने का हवाला देते हुए सीएम का रिश्तेदार भी बताया था।

विजय का कहना था मेहरा गांव (सिरोल) निवासी गोपाल सिंह यादव उसके ससुर हैं। ससुराल से उसे 10 हजार 400 वर्गफीट जमीन उपहार में मिली है। उस जमीन को अब वह बेचना चाहता है। विजय की बात पर भरोसा कर 25 जून को 4.50 करोड़ रुपए में जमीन का सौदा कर लिया। एग्रीमेंट में 1.75 करोड़ रुपए पेशगी में दे दिए। इस दौरान तय हुआ विजय रजिस्ट्री करेगा तब बाकी रकम का उसे भुगतान किया जाएगा। एडवांस रकम लेने के बाद विजय ने लौटकर जमीन की बात नहीं की। उसने न रजिस्ट्री की और न रकम लौटाई। बुधवार को भाजपा नेता और उनकी पत्नी ने तकादा किया तो उसने दंपती से अभद्रता की। खुद को सीएम का रिश्तेदार और भाजपा के दिग्गज नेताओं का नजदीकी बताकर धमका दिया।
भाजपा के दिग्गजों से कारोबारी ताल्लुक
अमित(BJP Leader) ने शिकायत में बताया, छह महीने तक विजय ने रजिस्ट्री नहीं की तो उन्होनें अपने स्तर पर पता किया। तब खुलासा हुआ कि जिस जमीन को विजय अपना बता रहा वह उसके ससुर की है। इस जमीन में कुछ हिस्सा उसकी पत्नी का है। उनकी अनुमति के बिना विजय जमीन का सौदा नहीं कर सकता। सच सामने आने पर विजय से पैसा लौटाने को कहा तो उसने भापाज के राष्ट्रीय नेताओं व दूसरे दिग्गज नेताओं के साथ कारोबार का हवाला दिया। दलील दीं कि इन नेताओं से कुछ फंड मिलने वाला है तब पैसा लौटा देगा, लेकिन उसकी बातें झूठ साबित हुईं। बुधवार को अमित ने पत्नी प्रीति सिरोठिया और ड्राइवर अजय जाटव के साथ विजय के दफ्तर जाकर तकादा किया तो उसने उनके साथ धक्कामुक्की की। दोनों पक्षों ने थाने जाकर पुलिस से शिकायत भी की थी।

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