सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर अल्लाहबादिया को अश्लील कमेंट मामले में कड़ी फटकार लगाई है और अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए कहा है। कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए मामले में दर्ज मुंबई, असम और जयपुर की FIR के विरोध में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हालांकि, कोर्ट ने साफ-साफ कहा है कि रणवीर अल्लाहबादिया ने जो भी कहा, वह निहायत ही शर्मनाक है। कोर्ट ने यह शर्त भी रखी कि रणवीर या उनके सहयोगी आगे सुनवाई पूरी होने तक कोई शो नहीं करेंगे। साथ ही कोर्ट की इजाजत के बिना देश छोड़कर नहीं जाएंगे।
यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया की तरफ से वकील डॉ. अभिनव चंद्रचूड़ ने कोर्ट में जिरह की। डॉ. चंद्रचूड़ पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ के बेटे हैं। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह की बेंच के समक्ष यूट्यूबर ने याचिका दाखिल की थी, और अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामले की एक साथ क्लब करने की अपील की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले में निम्नलिखित 5 निर्देश जारी किए हैं:
1. इंडियाज गॉट लेटेंट शो के आधार पर याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, जो एफआईआर का कारण था।
2. जांच में शामिल होने में बाधा डालने वाले किसी भी खतरे के मामले में याचिकाकर्ता को जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र और असम की स्थानीय पुलिस से संपर्क करने की आजादी होगी।
3. यदि जयपुर में कोई अन्य एफआईआर दर्ज की जाती है, तो उस एफआईआर में भी गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।
4. याचिकाकर्ता को अपना पासपोर्ट ठाणे पुलिस के पास जमा करना होगा।
5. इस अदालत की अनुमति के बिना वह देश नहीं छोड़ सकते।
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