वांगचुक अनशन पर, कचौड़ी-नूडल्स खाते दिखे अभिजीत दीपके, ट्रोल हुए तो दी सफाई

मंगलवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का 10वां दिन पूरा हुआ. इसी बीच सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा. वीडियो में वह कचौड़ी, ब्रेड पकौड़ा और नूडल्स खाते नजर आए, जिसके बाद उन्हें ट्रोल किया जाने लगा. कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब वांगचुक अनशन पर हैं, तो अभिजीत दीपके और उनके साथी भूख हड़ताल पर क्यों नहीं बैठे हैं. इस आलोचना के बाद दीपके ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उन्होंने इसे असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया.

सोशल मीडिया पर मचे इस हंगामे को लेकर दीपके ने इंडिया टुडे डिजिटल के सहयोगी प्लेटफॉर्म दिल्ली तक से खास बातचीत की. उन्होंने अपनी बात रखते हुए साफ कहा कि जो क्लिप्स वायरल की जा रही हैं, उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया है. ब्रेड पकौड़े के साथ नूडल्स खाने का यह वीडियो दरअसल उस समय का है, जब सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे भी नहीं थे. वे उस वक्त एक पर्यावरण सम्मेलन के सिलसिले में यूरोप दौरे पर थे, जिसके करीब दस दिन बाद वे इस आंदोलन से जुड़े. दीपके के मुताबिक, बिना पूरी सच्चाई जाने वीडियो को जानबूझकर काटकर शेयर किया जा रहा है, ताकि इस छात्र आंदोलन को कमजोर किया जा सके.

क्यों अनशन पर अकेले बैठे हैं वांगचुक?

इस सवाल पर कि मंच पर सिर्फ एक ही व्यक्ति क्यों भूखा बैठा है, अभिजीत दीपके ने कूटनीतिक रणनीति का हवाला दिया. उन्होंने बताया कि यह फैसला खुद वांगचुक का ही था. आंदोलन को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरी कोर टीम का ठीक रहना जरूरी है. अगर सभी लोग भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे, तो जंतर-मंतर पर आने वाले हजारों छात्रों को कौन संभालेगा? पुलिस प्रशासन से जुड़ी रोज की छोटी-मोटी दिक्कतों को कौन दूर करेगा? इसके अलावा दीपके ने अपनी एक व्यक्तिगत मजबूरी बताते हुए कहा कि उन्हें माइग्रेन की गंभीर समस्या है, जिसके कारण उनके लिए उपवास रखना बेहद मुश्किल काम है.

दीपके ने आगे कहा कि वे खुद वांगचुक की तेजी से गिरती सेहत को लेकर काफी चिंतित हैं. पिछले कुछ दिनों के भीतर ही उनका वजन 5 किलो तक कम हो चुका है. उन्होंने वांगचुक से अनशन खत्म करने की गुजारिश भी की थी, लेकिन वे अपनी मांग पर पूरी तरह अड़े हुए हैं. वांगचुक का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह अनशन इसी तरह जारी रहेगा.

क्या है प्रदर्शन की मांग?

जंतर-मंतर पर चल रहा यह प्रदर्शन मुख्य रूप से नीट परीक्षा में हुए पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ है, जिसमें  शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है. कॉकरोच जनता पार्टी नाम के इस आंदोलन की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई थी, जो अब सड़कों पर आ चुका है. इस विरोध प्रदर्शन को संजय सिंह, महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेताओं का भी पूरा समर्थन मिला है. हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अब तक इन मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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