केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड ने एक बार फिर कई जिंदगियां लील लीं. बारिश के बीच कंस्ट्रक्शन साइट पर हुए भूस्खलन से 2 लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए. इस हादसे की कई भयावह वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दिख रहा है कि कैसे जमीन धसकती जा रही है और दलदली मलबा बहकर आगे बढ़ते हुए सड़क पर मौजूद गाड़ियों-लोगों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है.
टैंकर बना ‘रक्षा कवच’
इस दौरान एक टैंकर लोगों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ जैसा बन गया, जिसके कारण बहुत से लोग बच गए. वीडियो में दिख रहा है कि एक महिला किसी तरह ठीक टैंकर के नीचे से निकलते हुए बची. वहीं जहां टैंकर रुका मलबा भी वहीं तक फैल कर रुक गया. भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है.
आठ लोगों को सुरक्षित बचाया गया
राज्य के जनसंपर्क विभाग (PRD) के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र से अब तक आठ लोगों को सुरक्षित निकालकर इलाज के लिए मेप्पाडी स्थित WIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों को जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
प्रभावित लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए चुलिक्का सरकारी एलपी स्कूल में राहत शिविर शुरू किया है. भूस्खलन प्रभावित इलाके में रहने वाले परिवारों को एहतियात के तौर पर उनके घरों से निकालकर इस शिविर में पहुंचाया जा रहा है, ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके.
WIMS अस्पताल में भर्ती लोगों में हीरा कुमार, दिलीप, सूरज यादव, संजय ठाकुर, रजनीश, तनमय घोष, कूपामल (जया), कुंजू और संतोष कुमार शामिल हैं. प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है तथा प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार राहत कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है.
‘भागो- भागो, जल्दी भागो’
इस भीषण भूस्खलन के एक और डरावने में वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स लोगों को चिल्लाकर कह रहा है, भागो-भागो… जल्दी भागो… भाई.. जल्दी भागो!
सड़क-सुरंग प्रोजेक्ट पर चल रहा था निर्माण
इसके कुछ ही सेकंड बाद मिट्टी का विशाल ढेर अचानक सड़क और पुल की ओर तेजी से खिसकने लगता है. यह हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ, जहां कोझिकोड और वायनाड को जोड़ने वाली अनाक्कमपोयिल-मेप्पाडी सुरंग सड़क प्रोजेक्ट का निर्माण जारी है.
लगातार बारिश के कारण निर्माण स्थल पर जमा मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया. मिट्टी के साथ कई पेड़ उखड़ गए और निर्माण स्थल पर लगाए गए लोहे व कपड़े के बैरिकेड भी बह गए. सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है कि कई लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, जान बचाने के लिए भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन मिट्टी का तेज बहाव उन्हें अपनी चपेट में ले लेता है.
मिट्टी के साथ बहकर दूसरी ओर पहुंच गया टैंकर
पुल पर खड़ा एक टैंकर ट्रक भी मिट्टी के साथ बहता हुआ दूसरी ओर पहुंच गया और वहां खड़ी एक जीप से टकरा गया. चमत्कारिक रूप से एक शख्स और एक महिला ट्रक और जीप के बीच से बाहर निकल आए. दोनों पूरी तरह मिट्टी से लथपथ थे, लेकिन उनकी जान बच गई. कुछ अन्य लोग भी घायल अवस्था में बाहर निकलते दिखाई दिए.
भूस्खलन की चपेट में आकर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक निजी बस भी पास की नदी में जा गिरी और आधी पानी में डूब गई. हादसे के बाद पूरा पुल और आसपास का इलाका मोटी मिट्टी की परत से ढक गया.
पिछले साल शुरू हुआ था निर्माण
पुलिस और National Disaster Response Force (एनडीआरएफ) की टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं. प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति फंसा तो नहीं है. अनाक्कमपोयिल-मेप्पाडी सड़क परियोजना का निर्माण कार्य पिछले वर्ष शुरू हुआ था.
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