ईरान ने खारिज किया ट्रंप का ‘शांति प्रस्ताव’, कहा- होर्मुज पर संप्रभुता स्वीकार करे अमेरिका

अमेरिका ने पश्चिम एशिया में जारी जंग खत्म करने की कवायद में ईरान को 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर विदेश मंत्री मार्को रुबियो तक ईरान के जवाब का इंतजार कर रहे थे. ईरान ने अब अपना जवाब अमेरिका को भेज दिया है. पाकिस्तान के जरिये भेजे गए इस जवाब में ईरान ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक अमेरिका के भेजे जवाब में इस बात जोर दिया गया है कि अमेरिका इस युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दे. ईरान ने यह भी कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसकी संप्रभुता को भी अमेरिका स्वीकार करे. ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि भेजे गए जवाब से अगर ट्रंप संतुष्ट नहीं हैं, तो यह अच्छा है. ईरान में कोई भी ट्रंप को खुश करने के लिए योजनाएं नहीं बनाता.
तस्नीम के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि बातचीत करने वाली टीम को ईरान के अधिकारों के लिए योजनाएं तैयार करनी चाहिए. ईरान की ओर से भेजे गए जवाब में ईरानी तेल की बिक्री पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की मांग भी की गई है. तस्नीम के अनुसार ईरान ने युद्ध को तत्काल समाप्त करने के साथ ही हर मोर्चे पर युद्ध खत्म करने जरूरत पर जोर दिया है.
ईरान ने इस बात की गारंटी की भी मांग की है कि उस पर फिर हमले नहीं होंगे. ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर के बाद ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त किया जाना भी जरूरी है. पाकिस्तान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईराव का जवाब मिलने की पुष्टि की है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि ईरान ने पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिकी प्रस्ताव पर जवाब भेज दिया है.

उन्होंने कहा है कि क्षेत्र में युद्ध विराम बनाए रखने के प्रयास जारी हैं. गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को ही यह उम्मीद जताई थी कि ईरान की ओर से कुछ ही घंटों में अमेरिकी प्रस्ताव पर जवाब मिल जाएगा. ्अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ईरान का जवाब जल्द मिलने की उम्मीद जताई थी.

हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस बात के संकेत पहले ही दे दिए थे कि वह अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करने जा रहे. ईरानी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर साफ कहा था कि हम कभी भी दुश्मन के सामने सिर नहीं झुकाएंगे. उन्होंने दो टूक कहा था कि संवाद या बातचीत की बात उठती है, तो तो इसका मतलब आत्मसमर्पण या पीछे हटना नहीं है. ईरानी राष्ट्रपति अपनी इस पोस्ट में यह भी कहा था कि हमारा लक्ष्य ईरान के अधिकारों को कायम रखना, पूरी मजबूती से इनकी रक्षा करना है.

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