अमेरिका की सेना अब अपने सबसे आधुनिक हथियार डार्क ईगल को मध्य पूर्व में तैनात करने की तैयारी कर रही है. यह हथियार अमेरिकी सेना का पहला हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम है, जिसे आधिकारिक तौर पर लॉन्ग-रेंज हाइपरसोनिक वेपन (LRHW) कहा जाता है.
हाल ही में यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पेंटागन से अनुरोध किया है कि इस मिसाइल को मध्य पूर्व भेजा जाए ताकि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों पर हमला किया जा सके.
ईरान ने अपने ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (TEL) उन जगहों पर ले जाकर रख दिए हैं जो अमेरिका के मौजूदा हथियारों की पहुंच से बाहर हैं. मौजूदा प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) केवल 500 किलोमीटर तक मार कर सकती है. ऐसे में डार्क ईगल की जरूरत पड़ी है.
डार्क ईगल मिसाइल क्या है?
डार्क ईगल एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा तेज उड़ती है, यानी 6174 किलोमीटर प्रति घंटा ऊपर की स्पीड. इसकी रेंज लगभग 2,780 किलोमीटर से ज्यादा है. यह मिसाइल एक ग्लाइड बॉडी ले जाती है जो हवा में अनप्रेडिक्टेबल तरीके से घूम-फिर सकती है.
सामान्य मिसाइलों की तुलना में यह बहुत तेज है. दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम इसे आसानी से पकड़ नहीं पाते. यह हार्डन्ड अंडरग्राउंड सुविधाओं, गहरे दबे कमांड बंकरों और चलते-फिरते मोबाइल मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाने के लिए बनाई गई है. ऐसे टारगेट जो पुराने हथियार समय पर नहीं मार पाते या उनमें घुस नहीं पाते, उन्हें डार्क ईगल आसानी से नष्ट कर सकती है.
क्यों मांगा गया डार्क ईगल?
फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया था. इस ऑपरेशन में ईरान के मिसाइल, ड्रोन, नौसेना और सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए. अप्रैल की शुरुआत में सीजफायर हो गया, लेकिन ईरान के पास अभी भी कुछ मिसाइल स्टॉक बचा हुआ है.
ईरान ने अपनी महत्वपूर्ण मिसाइल लॉन्चरों को उन इलाकों में शिफ्ट कर दिया है जहां मौजूदा अमेरिकी मिसाइलें नहीं पहुंच सकतीं. यही वजह है कि सेंट्रल कमांड ने डार्क ईगल की मांग की. अगर मंजूरी मिली तो यह डार्क ईगल का पहला कॉम्बैट इस्तेमाल होगा. फिलहाल यह सिस्टम 2025 में ऑपरेशनल घोषित हुआ था. 2026 में फील्डिंग पूरी हो रही है.
डार्क ईगल की खासियतें
• स्पीड: 6174 किलोमीटर प्रति घंटा
• रेंज: 2780 किलोमीटर से ज्यादा
• मैन्यूवर: उड़ते समय अनियंत्रित तरीके से दिशा बदल सकती है, जिससे इसे रोकना मुश्किल होता है.
• टारगेट: गहरे बंकर, अंडरग्राउंड फैसिलिटी और मोबाइल लॉन्चर.
यह हथियार अमेरिकी सेना को लंबी दूरी पर सटीक और तेज हमला करने की क्षमता देता है. एक बैटरी में आमतौर पर आठ मिसाइलें होती हैं. अभी इसकी संख्या बहुत कम है, इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर किया जाएगा.
कई विशेषज्ञों का मानना है कि डार्क ईगल को मध्य पूर्व जैसे क्षेत्र में भेजना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इसकी संख्या सीमित है. कुछ का कहना है कि ईरान के बचे हुए मिसाइल स्टॉक को देखते हुए भी इस महंगे हथियार का इस्तेमाल जरूरी है या नहीं, यह बहस का विषय है.
अमेरिका के लिए यह मिसाइल चीन और रूस जैसे बड़े विरोधियों के खिलाफ विकसित की गई थी, लेकिन अब ईरान के खिलाफ पहली बार इसका इस्तेमाल करने की तैयारी है. अगर तैनाती होती है तो यह अमेरिकी हाइपरसोनिक हथियारों के युग की शुरुआत मानी जाएगी.
डार्क ईगल हाइपरसोनिक मिसाइल अमेरिका की सैन्य तकनीक का नया चेहरा है. ईरान के मोबाइल मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाने के लिए CENTCOM का यह अनुरोध दिखाता है कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत करना चाहता है.
अभी तैनाती पर फैसला बाकी है, लेकिन अगर मंजूरी मिली तो डार्क ईगल का पहला युद्ध उपयोग 2026 के बाद देखने को मिल सकता है. यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में तनाव को और जटिल बना सकता है.
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