राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान में ‘कई ऐसे टार्गेट्स को खत्म कर दिया है, जिनकी लंबे वक्त से तलाश थी.” मिडिल-ईस्ट संघर्ष पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “ईरान के लिए आज का दिन बहुत बड़ा है. हमारी महान सेना ने, जो दुनिया की सबसे बेहतरीन और सबसे घातक सेना है, कई ऐसे टार्गेट्स को नष्ट कर दिया है, जिनकी लंबे समय से तलाश थी. ईश्वर आप सभी का भला करे.”
ट्रंप का यह पोस्ट उस बयान के कुछ ही वक्त बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के खिलाफ जंग से वहां सत्ता परिवर्तन हो गया है. उन्होंने ‘एयर फ़ोर्स वन’ विमान में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “वहां सत्ता परिवर्तन हो चुका है. अब हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं, जिनसे पहले किसी ने भी नहीं निपटा था. यह लोगों का एक बिल्कुल ही अलग ग्रुप है. इसलिए मैं इसे सत्ता परिवर्तन ही मानूंगा.”
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मुझे ईरान के साथ किसी समझौते की उम्मीद नज़र आ रही है. हो सकता है कि यह जल्द ही हो जाए.”
जंग का पांचवा हफ्ता…
मिडिल ईस्ट संघर्ष ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों से शुरू हुआ था, अब अपने पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर बमबारी करके इसका कड़ा जवाब दिया है. तेहरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ को भी रोक दिया है, जो दुनिया भर में तेल और गैस की कुल आपूर्ति के पांचवें हिस्से के लिए एक अहम रास्ता है. इस नाकेबंदी की वजह से ग्लोबल लेवल पर क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल आया है.
ईरानी संसद के स्पीकर MB ग़ालिबफ़ ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह कूटनीति की बातें तो करता है, लेकिन साथ ही ज़मीनी हमले की योजना भी बना रहा है. सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA द्वारा जारी एक बयान में उन्होंने कहा, “दुश्मन खुले तौर पर बातचीत और संवाद के संदेश भेजता है, जबकि गुपचुप तरीके से ज़मीनी हमले की योजना बना रहा होता है.”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे लोग ज़मीन पर अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतज़ार कर रहे हैं, जिससे उन्हें आग के हवाले कर सकें और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को हमेशा के लिए सज़ा दे सकें.” पिछले कुछ हफ़्तों में अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में और ज्यादा सैनिक तैनात किए हैं, जिससे ज़मीनी हमले की योजना को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं.
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