रोक सको तो रोक लो… अमेरिका से तनाव के बीच सरकार के ताबड़तोड़ फैसले, 18541 करोड़ के प्रोजेक्‍ट्स को हरी झंडी

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में सेमीकंडक्टर मैन्‍यूफैक्‍चरिंग यूनिटें स्थापित करने की योजना भी शामिल है। इस पर लगभग 4600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा, लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण (1B) को भी मंजूरी दी गई है। इसमें 11.165 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा। इस पर 5801 करोड़ रुपये का निवेश होगा। अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में 700 MW की तातो-II जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 8146.21 करोड़ रुपये के निवेश को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। अमेर‍िका से तनाव के बीच इन प्रोजेक्‍टों को मंजूरी दी गई है। इससे अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार बढ़ने की उम्‍मीद है।

अब इन चार नई परियोजनाओं को भी मंजूरी मिल गई है। ये प्रस्ताव SiCSem, कॉन्ट‍िनेंटल डिवाइस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड CDIL), 3D ग्‍लास सॉल्‍यूशंस इंक. और एडवांस्‍ड सिस्‍टम इन पैकेज (ASIP) टेक्‍नोलॉजीज की ओर से आए हैं।

चार प्रोजेक्‍ट में लगेगा 4600 करोड़
इन चार परियोजनाओं में लगभग 4,600 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे 2034 कुशल लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने के क्षेत्र में भी तेजी आएगी। कई अप्रत्यक्ष नौकरियां भी पैदा होंगी। इन चार नई परियोजनाओं के साथ, ISM के तहत कुल स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या 10 हो गई है। इनमें लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। ये परियोजनाएं 6 राज्यों में शुरू की जाएंगी।

है। इन मांगों को पूरा करने के लिए, ये चार नई सेमीकंडक्टर परिमेंजनाएं ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

SiCSem और 3D Glass की इकाइयां ओडिशा में स्थापित की जाएंगी। CDIL की इकाई पंजाब में होगी, जबकि ASIP की यूनिट आंध्र प्रदेश में स्थापित की जाएगी। SicSem ब्रिटेन की Clas-SiC Wafer Fab Ltd के साथ मिलकर भुवनेश्वर (ओडिशा) के इंफो वैली में सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) आधारित कंपाउंड सेमीकंडक्टर की इकाई स्थापित करेगी। यह देश की पहली कमर्शियल कंपाउंड फैब होगी। इस परियोजना में सिलिकॉन कार्बाइड डिवाइस बनाए जाएंगे। इस कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब की सालाना क्षमता 60,000 वेफर्स और 9.6 करोड़ यूनिट पैकेजिंग की होगी। इन उत्पादों का इस्‍तेमाल मिसाइलों, रक्षा उपकरणों, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), रेलवे, फास्ट चार्जर, डेटा सेंटर रैक, उपभोक्ता उपकरणों और सोलर पावर इनवर्टर में किया जाएगा।

क‍िन पर‍ियोजनाओं को म‍िली हरी झंडी?ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में चार नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट 4,594 करोड़
शहरी परिवहन को मजबूत बनाना: लखनऊ मेट्रो फेज 1बी 5,801 करोड़
स्वच्छ विकास: टाटो-II जलविद्युत परियोजना (700 मेगावाट) 8,146 करोड़
कुल 18,541 करोड़

लखनऊ मेट्रो के फेज 1बी को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण (1B) को भी मंजूरी दी है। यह 11.165 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 12 मेट्रो स्टेशन होंगे। इस पर 5,801 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें 7 स्‍टेशन अंडरग्राउंड और 5 एलिवेटेड होंगे। पहले चरण (1B) के शुरू होने के बाद लखनऊ शहर में 34 किलोमीटर का सक्रिय मेट्रो रेल नेटवर्क होगा। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना का पहला चरण (1B) शहर के बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण कदम है। यह शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क का एक बड़ा विस्तार है।

इस चरण का उद्देश्य पुराने लखनऊ के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ना है, जिनमें शामिल हैं:- अमीनाबाद, यहियागंज, पांडेगंज और चौक जैसे वाणिज्यिक केंद्र- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (मेडिकल कॉलेज) जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र- बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, भूल भुलैया, क्लॉक टॉवर और रूमी दरवाजा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल- शहर की समृद्ध और ऐतिहासिक खाद्य संस्कृति के लिए जाने जाने वाले पाक गंतव्य
जलविद्युत परियोजना को हरी झंडी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में 700 MW की तातो-II जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 8146.21 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना को 72 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है।इस परियोजना की स्थापित क्षमता 700 MW (4 x 175 MW) होगी। इससे 2738.06 MU ऊर्जा का उत्पादन होगा। इस परियोजना से उत्पादित बिजली अरुणाचल प्रदेश राज्य में बिजली सप्‍लाई की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेगी। राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलित करने में भी मदद मिलेगी।

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