फीस के लिए बेइज्जती,  4 घंटे तक क्लास के बाहर खड़ी थी 11वीं की छात्रा, फिर स्कूल की छत से कूदी, मौत

हरियाणा के फरीदाबाद में 11वीं की छात्रा के सुसाइड मामले में स्‍कूल प्रशासन के खि‍लाफ कई चौंकाने वाले आरोप लग रहे हैं. छात्रा के पिता ने आरोप लगाया था क‍ि एक शिक्षक से सजा मिलने के बाद छात्रा ने यह कदम उठाया.  अब दूसरे अभिभावक ने चौंकाने वाले दावे क‍िए हैं. आरोप है कि स्कूल में कड़ी सजा आम बात थी. दावा है कि सजा के तौर पर छात्रों को घंटों तक खड़ा रखा जाता था. अभिभावक का आरोप है कि छात्रों की पिटाई भी की जाती थी. छात्रों को सबके सामने ज़लील और अपमानित किया जाता था. अभि‍भावक ममता देवी ने कहा, “मेरी बेटी ने मुझे इन घटनाओं के बारे में बताया, मैं बस सोच ही सकती हूं कि जिस लड़की की मौत हुई, उसने क्या कुछ सहा होगा.”
ममता देवी ने कहा, “हमारे बच्चों को भी ऐसी ही सजा दी जाती थी. फीस न भरने पर भी उन्हें सजा मिलती थी. अगर फीस देने में देर हो जाती, तो बच्चों को एक बार में चार-चार घंटे तक खड़ा रखते और उन्हें मारते-पीटते भी थे.”  कहा जाता था, ‘तुम्हारे माता-पिता ने तुम्हें यही सिखाया है. तुम्हारे माता-पिता बदतमीज़ और असभ्य हैं.’ मेरी बेटी ने मुझे ये सारी बातें बताईं. मैं समझ सकती हूं कि जिस लड़की की मौत हुई, उसे कितना दुख और तकलीफ सहनी पड़ी होगी.” ममता देवी ने कहा क‍ि टीचर्स दूसरी लड़कियों के सामने बच्चों को बेइज्‍जत करते थे, कभी-कभी उन्हें अलग ले जाकर भी बेइज्‍जत करते थे. उन्हें कई लोगों के सामने शर्मिंदा महसूस कराया जाता था.

टीचर से सजा मिलने के बाद छात्रा के सुसाइड का आरोप

बता दें क‍ि 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने मंगलवार को अपने स्कूल की इमारत की तीसरी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर आत्‍महत्‍या कर ली थी. छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि एक टीचर से सजा मिलने के बाद उनकी बेटी ने सुसाइड कर ल‍िया. हालांकि, गाजीपुर रोड स्थित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाध्यापक आरके शर्मा ने छात्रा को सजा दिए जाने के आरोपों से इनकार किया है.