मैंने सती या पद्मावती को कायर नहीं कहा’, जौहर बयान पर मचा बवाल! फूटा स्वरा भास्कर का गुस्सा, बोलीं- दो गाली

स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए ‘जौहर’ सीन पर अपने हालिया बयान को लेकर हो रही ट्रोलिंग पर जवाब दिया है. दिल्ली में ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक इवेंट का उनका एक क्लिप वायरल होने के बाद, एक्ट्रेस ने कहा कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया और उन्हें रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं के खिलाफ बयान के तौर पर गलत तरीके से पेश किया गया. मंगलवार (1 सितंबर) को इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में स्वरा ने साफ किया कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती को “कायर” नहीं कहा. इसके बजाय उन्होंने कहा कि उनका कमेंट उस मैसेज के बारे में थी जो उन्हें लगा कि फिल्म का क्लाइमेक्स रेप सर्वाइवर्स को दे सकता है – ऐसे समाज में जहां रेप कल्चर एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है.
स्वरा भास्कर का कहना है कि ‘पद्मावत’ पर उनकी टिप्पणी का ‘पूरी तरह से गलत ट्रांसलेट’ किया गया. वायरल क्लिप से जुड़े विवाद के बारे में बताते हुए स्वरा ने कहा, “आज सुबह सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है. यह कल के एक इवेंट का था, जहां मुझसे पूछा गया कि ‘पद्मावत’ देखने के बाद मैंने संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर क्यों लिखा था. अपनी बात समझाते हुए मैंने कुछ ऐसा कहा जिसका अब पूरी तरह से गलत ट्रांसलेशन किया जा रहा है और गलत तरीके से फैलाया जा रहा है, यह दावा करते हुए कि मैंने कहा था कि रानी पद्मावती और जौहर करने वाली अन्य महिलाएं कायर थीं.”

उन्होंने आगे साफ किया, “मैं बिल्कुल साफ करना चाहती हूं कि मैंने यह नहीं कहा कि रानी पद्मावती कायर थीं या महल की दूसरी महिलाएं कायर थीं. जो लोग मुझे गाली देना चाहते हैं, वे दे सकते हैं, लेकिन कम से कम सही बात के लिए गाली दें. मैंने कहा था कि क्लाइमेक्स देखते समय, मैंने सोचा – भगवान न करें- अगर मैं रेप सर्वाइवर होती, तो अपनी जान न लेने के कारण खुद को कायर महसूस करती”.

स्वरा के मुताबिक फिल्म के क्लाइमेक्स को क्रिटिसाइज करने के पीछे यही मेन वजह थी. उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे समाज में जो बड़े पैमाने पर यौन हिंसा से जूझ रहा है, किसी महिला की इज्जत को उसकी मौत से जोड़ने का विचार सर्वाइवर्स को परेशान करने वाला मैसेज दे सकता है. देश में यौन हिंसा की व्यापक सच्चाई का जिक्र करते हुए, जिसमें दिल्ली में हाल ही में हुआ कथित गैंग-रेप का मामला भी शामिल है, उन्होंने कहा, “यह हमारे देश की सच्चाई है. क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो यह संदेश दें कि एक महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है? क्या हमें रेप सर्वाइवर से यह कहना चाहिए कि अगर वह मर जाती तो बेहतर होता, और हमले के बाद जिदा बचना कोई बुरी बात थी?”

उन्होंने निर्भया मामले का भी जिक्र किया और कहा कि उस युवा महिला की हिम्मत को कभी नहीं भूलना चाहिए जिसने अपनी आखिरी सांस तक अपने छह बलात्कारियों का मुकाबला किया. स्वरा ने कहा कि निर्भया में जीने की मजबूत इच्छाशक्ति थी और इस बात पर जोर दिया कि किसी महिला की जीवित रहने की इच्छा और दृढ़ संकल्प को कभी कम नहीं आंकना चाहिए.