निवाड़ी: मध्य प्रदेश की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज करते हुए भगवान श्रीराम की नगरी ओरछा में 14 साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का भव्य शुभारंभ हो गया है। ऐतिहासिक होटल राजमहल में आयोजित इस उच्चस्तरीय महामंथन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत राज्यभर के करीब 350 दिग्गज प्रतिनिधि जुटे हैं। बैठक की शुरुआत रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण और ध्वजारोहण के साथ की गई।
मिशन 2028-29 का बन रहा रोडमैप
इस दो दिवसीय महामंथन का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर संगठन को धरातल पर और अधिक मजबूत करना है। बैठक में ‘हर बूथ, सबसे मजबूत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कार्यसमिति के प्रत्येक सदस्य को एक-एक विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा ‘विकसित भारत 2047’, ‘समरसता का संकल्प’ और केंद्र तथा राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
भगवान श्रीराम यहां राजा भी हैं और आराध्य भी। रामराज्य की स्थापना ही भारतीय जनता पार्टी का मूल लक्ष्य है, और इसी दिशा में हमारा संगठन लगातार कार्य कर रहा है।
शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री
दिग्गजों के तीखे तेवर और गुटबाजी पर विराम
बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने संगठन की एकजुटता पर विशेष जोर दिया।पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्राने मीडिया से चर्चा करते हुए पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी की चर्चाओं को पूरी तरह ‘काल्पनिक’ करार दिया और कहा कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में पूरी मजबूती से आगे बढ़ रही है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आगामी तीन महीनों के संगठनात्मककार्यक्रमों की रूपरेखातय करते हुए कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए कमर कसने के निर्देश दिए हैं।
1. ओरछा में 14 साल बाद आयोजित हो रही है बीजेपी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक।
2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ सुनने के साथ महामंथन की हुई औपचारिक शुरुआत।
3. 350 से अधिक प्रतिनिधि बूथ लेवल से लेकर राज्य स्तर तक की चुनावी रणनीति बना रहे हैं।
4. ‘विकसित भारत 2047’ और ‘समरसता’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
5. सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला के जरिए आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की दिशा तय होगी।
बैठक के दूसरे दिन यानी सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला के माध्यम से सुशासन, सेवा और संगठन विस्तार के नए आयाम तय किए जाएंगे। इस महामंथन के जरिए पार्टी का पूरा जोर आगामी चुनावों से पहले सांगठनिक कसावट लाने और नए राजनीतिक समीकरणों को साधने पर है।