असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी आवासीय मदद का ऐलान किया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात कर राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान, किसानों की समस्याओं और ग्रामीण विकास को लेकर चर्चा की. बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 3.8 लाख नए घरों के निर्माण के लिए करीब ₹5,000 करोड़ की मंजूरी दी गई है.
शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में असम के लोगों के साथ खड़ी है. बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए करीब ₹5,000 करोड़ के घरों को मंजूरी दी गई है. यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र परिवार योजना से बाहर न रह जाए, सर्वेक्षण की अवधि भी 15 दिन बढ़ा दी गई है.
चाय बागान श्रमिकों के परिवारों को भी मिलेगा लाभ
असम के चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की तैयारी है. सरकार के मुताबिक, चाय बागान श्रमिकों के पात्र परिवारों को जमीन का पट्टा मिलने के बाद डिजिटल सर्वेक्षण के जरिए PMAY का लाभ दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार के समर्थन के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने 3.8 लाख नए घरों के लिए मंजूरी का दस्तावेज उन्हें सौंपा, जिसमें करीब ₹5,000 करोड़ का निवेश शामिल है. उन्होंने यह भी बताया कि असम के चाय बागान क्षेत्रों में आवास के लिए केंद्र की ओर से अतिरिक्त सहायता का भरोसा दिया गया है.
किसानों के लिए भी करोड़ों रुपये की मंजूरी
बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए भी केंद्र सरकार ने कई योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता मंजूर की है. बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत ₹832.70 करोड़ की कार्ययोजनाओं, कृषि मशीनीकरण के लिए ₹33.36 करोड़ और मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत ₹96.87 करोड़ की मंजूरी दी गई है.
बाढ़ के बाद घर और खेती दोनों को सहारा
असम में हालिया बाढ़ ने बड़ी संख्या में परिवारों, किसानों और ग्रामीण इलाकों को प्रभावित किया है. ऐसे में केंद्र की ओर से आवास और कृषि क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं को पुनर्वास और पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
एक तरफ जहां ₹5,000 करोड़ के आवासीय प्रावधान से बाढ़ प्रभावित परिवारों को दोबारा घर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर राशि किसानों को खेती से जुड़ी गतिविधियों को फिर से शुरू करने में मदद कर सकती है.
क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना?
प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है, योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है.
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत ग्रामीण इलाकों में ऐसे परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिनके पास रहने के लिए पर्याप्त या पक्का आवास नहीं है. वहीं, शहरी हिस्से में योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और कम आय वाले परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करना है.