झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) की बहाली रद्द की गई थी. हाईकोर्ट की ओर से सरकार के फैसले पर स्टे मिलने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस स्टे से आखिर कितने अभ्यर्थियों को सीधी और फौरी राहत मिली है
JPSC 11वीं-13वीं सिविल सेवा: 342 अभ्यर्थी
JPSC की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (11वीं से 13वीं) के जरिए कुल 342 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति हुई थी. इनमें से कई अधिकारी पहले से अलग-अलग जिलों में सेवा दे रहे थे, कुछ ट्रेनिंग पूरी कर चुके थे और कुछ नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे थे. हाईकोर्ट के स्टे के बाद इन 342 अभ्यर्थियों के निलंबन, बर्खास्तगी या सेवा से हटाने की कार्रवाई पर तुरंत रोक लग गई है. कई लोगों को काम पर वापस लौटने का रास्ता साफ हो गया है.
फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO): 56 पद
स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के तहत विज्ञापन संख्या 18/2023 के जरिए 56 पदों पर भर्ती हुई थी. इनमें से 54 अभ्यर्थी अंतिम रूप से चयनित हुए थे और कई पहले से पदस्थापित भी हो चुके थे. सरकार के रद्दीकरण आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है, जिससे इन लगभग 54-56 अधिकारियों को भी फिलहाल राहत मिली है.
कुल फौरी राहत
इस एक अदालती फैसले से लगभग 396 से 398 चयनित/नियुक्त अभ्यर्थियों की नौकरियां फिलहाल सुरक्षित हो गई हैं. ये वो अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने याचिका दायर की थी या जिनकी नियुक्तियां सीधे प्रभावित हो रही थीं. सोनम कुमारी, सौरभ सिंह समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह अंतरिम राहत दी है.
JSSC-CGL वाले अभी इंतजार में
JSSC-CGL के करीब 1,932 सफल अभ्यर्थी भी इसी फैसले की निगाह में हैं. हालांकि इस स्टे का सीधा लाभ फिलहाल JPSC 11वीं-13वीं और FSO वाले अभ्यर्थियों को ही मिला है. JSSC-CGL की याचिकाओं पर आगे की सुनवाई का इंतजार है.नोट: हाईकोर्ट का यह आदेश अंतरिम है. राज्य सरकार को 15 दिनों में काउंटर एफिडेविट दाखिल करना है. अंतिम फैसला आने तक ये नौकरियां सुरक्षित रहेंगी.
बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से जुड़े मामलों में बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने दोनों परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.
कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट के साथ अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इस फैसले के बाद दोनों परीक्षा मामलों के याचिकाकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से काम पर वापस लिए जाने का रास्ता साफ हो गया है. मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर स्टे दिया, जिसके तहत दोनों परीक्षाओं से संबंधित कार्रवाई की गई थी. अब सरकार को कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष और संबंधित दस्तावेज पेश करने होंगे.
बता दें कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर 26 दिनों से चल रहा आंदोलन बुधवार को फिलहाल स्थगित हो गया. सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद 2014 से अब तक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और एक आउटसोर्स एजेंसी के जरिए आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया. इसके अलावा 23 अन्य परीक्षाओं की जांच कराने का आदेश दिया गया है.