SIR: इस राज्य में वोटर लिस्ट से कट सकता है 1.08 करोड़ वोटरों का नाम

कर्नाटक में SIR प्रक्रिया जारी है. राज्य की पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 1.08 करोड़ वोटरों के नाम हटने की संभावना है. राज्य में घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का काम पूरा हो चुका है. SIR के तहत 5.54 करोड़ ज्यादा फॉर्म राज्य में बांटे गए थे, जिसमें से लगभग 4.46 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं. 
15,28,985 वोटर ऐसे हैं जो मिल नहीं पाए. वहीं 65,61,607 वोटर स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए. 16,38,839 मृत मतदाता हैं तो वहीं 7,07,792 वोटरों का रिकॉर्ड डुप्लीकेट या फ़र्ज़ी पाया गया. 

इन तारीखों को रखें याद

• 24 अगस्त को पहली वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. 
• 24 अगस्त से 23 सितंबर तक वोटर अपनी आपत्तियां या दावे दर्ज कर सकते हैं.
• 27 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा. 
दिल्ली में भी SIR अभियान चल रहा है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान के तहत घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा चुका है. दो बार दिल्ली में SIR की समय सीमा बढ़ाई गई थी. इसके बावजूद राजधानी में अब तक कुल 66.84% फॉर्म ही पुराने वोटर रिकॉर्ड से मैप होकर डिजिटाइज हो पाए हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों की मानें तो दिल्ली की लगभग 1.45 करोड़ वोटरों वाली सूची में 33% से ज्यादा यानी 48 लाख से अधिक फॉर्म अभी तक जमा या डिजिटाइज नहीं हुए हैं. दूसरी बार तारीख बढ़ने के बाद दिल्ली में डिजिटाइजेशन की रफ्तार और धीमी हो गई. अब तक 33% फॉर्म जमा या अपलोड नहीं हो पाए हैं. ऐसे में इन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूट सकते हैं. हालांकि बाद में आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. 
राजधानी दिल्ली समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र-शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) जारी है. ये SIR का तीसरा फेज है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *