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10वीं बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए छात्र-छात्राओं ने किया प्रदर्शन:ग्वालियर में सड़क पर बैठे 26 विद्यार्थी; आरोप- स्कूल के गेट जल्दी बंद किया, दोबारा एग्जाम हो

ग्वालियर में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने समय पर न पहुंचने पर छात्र-छात्राओं को एग्जाम नहीं देने दिया गया। गुरुवार को शासकीय पदमा राजे विद्यालय के बाहर छात्र-छात्राओं 26 छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि वे सुबह 8:22 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे, इसके बावजूद भी उन्हें स्कूल में एंट्री नहीं दी गई।

उन्होंने जल्दी स्कूल का गेट बंद करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि परीक्षा न दे पाने से उनका एक साल का भविष्य दांव पर लग गया है। हंगामे की सूचना मिलने पुलिस के अलावा स्कूल शिक्षा विभाग से DEO अजय कटियार, जॉइंट डायरेक्टर दीपक पांडेय और एसडीएम भी मौके पर पहुंचे थे।

हालांकि मौके पर पहुंचे एसडीएम ने छात्राओं के समय पर न पहुंचने की बात कही है। वहीं शिक्षा अधिकारी ने दोबारा एग्जाम देने का आश्वासन दिया तो बच्चियां हटीं।

छात्र-छात्राओं का कहना है कि स्कूलों में टीचर भी लेट आते है, फिर हम तो छात्र है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से गुहार लगाई है कि उनकी परीक्षा कराई जाए।

मुख्यमंत्री से पेपर दिलाने की मांग 

छात्र शकुंतला शाक्य का कहना है कि हम पेपर देने आए थे हमें पेपर नहीं देने दिया गया है,आज हमारा दसवीं कक्षा का पेपर था। हमारी मुख्यमंत्री से मांग है कि हमें पेपर दिया जाए हमारी पूरी साल बर्बाद हो जाएगी। छात्रा अंजलि तनवर ने बताया कि आज उसका हिंदी का पेपर था और उसे स्कूल में एग्जाम देने के लिए प्रवेश नहीं दिया गया है।

एग्जाम देने का समय 8:45 का था मैं 8:22 पर ही स्कूल पहुंच गई थी फिर भी मुझे और अन्य बच्चों को स्कूल में नहीं आने दिया गया। हम सही बच्ची किसी तरह स्कूल के एग्जाम जो तक पहुंच गए थे, लेकिन वहां से खोला गया कि कलेक्टर मैडम के पास जाओ और उनसे आदेश लेकर आओ तब हम तुम्हें एग्जाम देने देंगे। छात्र का कहना था कि जब तक हमें एग्जाम नहीं देंगे तब तक हम नहीं उठाएंगे।

दोबारा एग्जाम दिलाने का आश्वासन दिया

 हंगामे की सूचना पर पहुंचे SDM विनोद सिंह का कहना है कि प्रवेश पत्र के पीछे एंट्री का समय दिया गया है। ऐसे में लेट आने पर परीक्षा नहीं हो सकती है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार का कहना है कि एमपी बोर्ड सभी परीक्षाएं पूरी होने के बाद जो भी छात्र अनुपस्थित या फेल हो जाते हैं उनके लिए अलग से परीक्षा का आयोजन कराया जाता है, ऐसे में बाकी बचे इन सभी छात्र-छात्राओं को भी एग्जाम देने का फिर से मौका दिया जाएगा।

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