इंदौर के अथर्व ने रचा नया अध्याय, टोक्यो इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में AI और Data Science की पढ़ाई के लिए मिला स्कॉलरशिप ऑफर

कक्षा 10 से पहले ही N5, N4 और N3 पास कर जापानी भाषा में बनाई मजबूत पहचान, 16 अगस्त को मुंबई से टोक्यो के लिए होंगे रवाना

जापान और भारत के बीच बढ़ते शैक्षणिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंधों के बीच इंदौर के युवा छात्र अथर्व धामोरिकर ने शहर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का अवसर बनाया है। येन एकेडमी, इंदौर के छात्र अथर्व का जापान की प्रतिष्ठित Tokyo International University में चार वर्षीय AI एवं Data Science पाठ्यक्रम के लिए चयन हुआ है। उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से स्कॉलरशिप के साथ ऑफर लेटर प्राप्त हुआ है। अथर्व 16 अगस्त को मुंबई से टोक्यो के लिए रवाना होंगे।

अथर्व की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने कक्षा 10 में प्रवेश से पहले ही जापानी भाषा के JLPT N5, N4 और N3 स्तर सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर लिए थे। जापानी भाषा की अंतरराष्ट्रीय परीक्षा JLPT के आधिकारिक ढांचे में N5 से N1 तक पांच स्तर होते हैं और N3 को बुनियादी तथा उन्नत स्तरों के बीच महत्वपूर्ण ब्रिज स्तर माना जाता है।

अथर्व ने जापान में उच्च शिक्षा के लिए यूरोप की कुछ यूनिवर्सिटीज से मिले अवसरों के बावजूद Tokyo International University को चुना। उनके अनुसार जापानी भाषा का अध्ययन पहले से करने के कारण जापान में पढ़ाई और वहां के शैक्षणिक वातावरण को समझने में उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय के 2026 English Track में Data Science & AI का चार वर्षीय Bachelor’s कार्यक्रम उपलब्ध है। विश्वविद्यालय विभिन्न छात्रवृत्ति एवं tuition-waiver योजनाएं भी संचालित करता है।

दस वर्ष पहले बोया गया बीज अब बन रहा है वृक्ष

अथर्व की यह सफलता केवल एक छात्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि इंदौर में जापानी भाषा और जापान में शिक्षा एवं रोजगार के प्रति पिछले एक दशक में विकसित हुई रुचि की कहानी भी है। येन एकेडमी से जुड़े चेतन धामोरिकर ने करीब दस वर्ष पहले जापानी भाषा, जापान में शिक्षा और रोजगार के अवसरों को लेकर विद्यार्थियों के बीच जागरूकता का अभियान शुरू किया था। समय के साथ इस पहल से बड़ी संख्या में विद्यार्थी जुड़े और कई छात्र जापानी भाषा सीखकर जापान में शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों की ओर बढ़े।

आज अथर्व उसी लंबे प्रयास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आए हैं। उनकी सफलता ने इंदौर और मध्यप्रदेश के उन सैकड़ों विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया है, जो वर्तमान में जापानी भाषा सीख रहे हैं और जापान में उच्च शिक्षा एवं करियर की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

येन एकेडमी द्वारा पिछले वर्षों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों, छात्र संवादों और जापानी शिक्षाविदों के साथ संपर्क ने विद्यार्थियों को जापानी भाषा के साथ वहां की शिक्षा व्यवस्था, छात्रवृत्ति और रोजगार के अवसरों को समझने का अवसर दिया है। इन प्रयासों की झलक स्थानीय मीडिया में प्रकाशित विभिन्न रिपोर्टों में भी देखने को मिली है।

भारत-जापान संबंधों में शिक्षा बनी महत्वपूर्ण कड़ी

भारत और जापान के संबंध केवल आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं। शिक्षा, कौशल विकास, तकनीक, भाषा और युवा आदान-प्रदान दोनों देशों के संबंधों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। ऐसे में अथर्व जैसे विद्यार्थी दोनों देशों के बीच बढ़ते शैक्षणिक संबंधों के युवा प्रतिनिधि के रूप में देखे जा सकते हैं।

AI और Data Science जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में भारतीय विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि और जापान की उच्च शिक्षा व्यवस्था के बीच बन रहा यह संपर्क आने वाले वर्षों में नए अवसर पैदा कर सकता है।

अथर्व की उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि स्कूली शिक्षा के साथ कम उम्र से ही विदेशी भाषा, तकनीकी कौशल और वैश्विक अवसरों की तैयारी शुरू कर दी जाए, तो मध्यप्रदेश का विद्यार्थी भी दुनिया के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच सकता है।

इंदौर के लिए यह केवल एक छात्र के जापान जाने की खबर नहीं, बल्कि दस वर्ष पहले बोए गए एक छोटे से बीज के वृक्ष बनने और अब उसके फल देने की कहानी है। अथर्व की सफलता आने वाली पीढ़ी के उन सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो जापानी भाषा सीख रहे हैं और भारत-जापान के मजबूत होते शैक्षणिक संबंधों का हिस्सा बनने का सपना देख रहे हैं।

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