सिर्फ संख्या बढ़ाने के लिए आबादी नहीं बढ़ा सकते’, कांग्रेस सांसद ने तमिलनाडु CM के फैसले का किया विरोध

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि वे किसी भी ऐसे प्रोत्साहन या सरकारी कार्यक्रम का पूरी तरह से विरोध करते हैं जो परिवार का आकार बढ़ाना चाहता हो या तीसरे बच्चे को बढ़ावा देता हो. कांग्रेस सांसद की टिप्पणी इसलिए अहम है क्योंकि मंगलवार को ही तमिलनाडु के सीएम विजय ने तीसरे बच्चे को बढ़ावा देने की दिशा में एक फैसले का ऐलान किया है. 

कांग्रेस तमिलनाडु में सीएम विजय के साथ सत्ता में भागीदार हैं. इस लिहाज से भी उनका बयान अहम है. 
मंगलवार को सीएम विजय की सरकार ने तमिलनाडु में सरकारी महिला कर्मचारियों को तीसरे बच्चे की डिलीवरी पर पूरे एक साल की पेड मैरटनिटी लीव देने का भी ऐलान किया था. पहले ये छुट्टी 12 सप्ताह की थी. 

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्ति चिदंबरम ने कहा कि वे तमिलनाडु सरकार के माताओं को मैटरनिटी लीव देने के फ़ैसले का स्वागत करते हैं,  लेकिन उन्हें पैटरनिटी लीव भी देनी चाहिए. 
तमिलनाडु के शिवगंगा से सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि बच्चों की परवरिश का बोझ सिर्फ़ महिलाओं पर नहीं हो सकता. पुरुषों को भी यह ज़िम्मेदारी उठानी चाहिए. 
हालांकि कार्ति ने अगले ही पल तमिलनाडु सरकार की थर्ड चाइल्ड पॉलिसी का विरोध किया. उन्होंने कहा कि वे किसी भी ऐसे कार्यक्रम का विरोध करते हैं जिसका उद्देश्य परिवार का आकार बढ़ाना है. 

कार्ति ने कहा, “मैं किसी भी ऐसे इंसेंटिव या सरकारी प्रोग्राम का पूरी तरह से विरोध करता हूं जो परिवार का आकार बढ़ाना चाहता हो या तीसरे बच्चे को बढ़ावा देता हो.”
उन्होंने कहा कि हमें एक स्वस्थ आबादी की जरूरत है; हमें एक बहुत अच्छी तरह से ट्रेंड आबादी की ज़रूरत है. हम सिर्फ़ संख्या बढ़ाने के लिए आबादी नहीं बढ़ा सकते. टेक्नोलॉजी पर आधारित इस दुनिया में हमें बड़े परिवारों की जरूरत नहीं है, ऐसा हमारा मानना है. एक छोटी, स्वस्थ और ज़्यादा पढ़ी-लिखी आबादी ही काफ़ी है. 
तमिलनाडु में कुल प्रजनन दर (TFR) 1.4 से कम हो गई है, यह रिप्लेसमेंट रेट 2.1 से काफी कम है. जिससे  राज्य में उम्रदराज आबादी और जनसंख्या संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं.