गाजर है “सुपर फूड” खाने के हैं अद्भुत फायदे

गाजर खाने के फायदे

त्वचा निखार के लिए

प्रतिदिन गाजर का सलाद खाने से या गाज़र का जूस पीने से चेहरे पर चमक आती है। गाजर रक्त की विषाक्ता कम करता है और इसके सेवन से कील-मुहासों से भी छुटकारा मिलता है।

आंखों के लिए लाभदायक

गाजर में विटामिन ‘ए’ अधिक मात्रा में पाया जाता है. इसलिए अगर गाजर का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो आंखों की रोशनी बढ़ सकती है।

पाचनशक्ति होगी स्ट्रांग

गाजर का जूस पीने से शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाती हैं, और गाजर में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता हैं जो शरीर की पाचनशक्ति को बढ़ाता हैं।

हृदय रोगी भी खा सकते हैं गाजर

गाजर में कैरोटीनायड होता है, जो हृदय रोगियों के लिए अच्छा होता है। यह माना जाता है कि गाजर का प्रतिदिन सेवन कालेस्ट्राल के स्तर को कम करता है।

सफेद दाग होंगे दूर

गाजर का सेवन करने से सफेद दाग दूर किए जा सकते हैं।

डायबिटीज़ के मरीजों के लिए

गाज़र के प्रतिदिन सेवन से रक्त में शर्करा का स्तर ठीक रहता है।

दांतों की बढ़ेगी चमक

इसे खाने से मसूड़ों से ब्लड आना बंद हो जाता है और दांतों की चमक बढ़ती है।

स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली

गाजऱ में बीटा कैरोटीन होती है और यह प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए अच्छा होता है।

खाँसी में राहत

गाजर के रस में मिश्री व काली मिर्च मिलाकर पीने से खाँसी ठीक हो जाती है तथा कफ कि समस्या में भी आराम मिलता है।

कैंसर से बचने के लिए

गाज़र खाने से, पेट और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम कम होता है।

खून की होगी बढ़ोतरी

शरीर में खून की कमी को दूर करने गाजर का उपयोग काफी असरदार माना गया हैं। गाजर का जूस पीने से शरीर में खून बढ़ता हैं।

मुंह के छालो से राहत

मुंह में छाले होने पर गाजर का रस पीने से आराम मिलता है।

चहरे की बढ़ेगी चमक

रोजाना गाजर को सलाद के रूप में खाने या फिर गाजर का जूस पीने से चेहरे पर ग्लो आता है क्योकि गाजर शरीर के रक्त को शुद्ध करने का काम करती है।

महिलाओं के लिए अत्यंत लाभदायक

गर्भवती या मां बन चुकी महिलाओं को गाजर को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए क्योंकि गाजर से दूध की गुणवत्ता बढ़ जाती है जो उनके बेबी के लिए बहुत आवश्यक होती है।

दिल की बीमारी रहेंगी दूर

गाजर खाने से दिल की बीमारियां होने की आशंका कम हो जाती है।

आरक्षण की सूचना के साथ मध्‍य प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू

भोपाल प्रदेश में सोमवार से त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत हो गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने वार्ड और पदों के आरक्षण का कार्यक्रम घोषित कर दिया। पंचायत के वार्ड, सरपंच पद, जनपद और जिला पंचायत के वार्ड, जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद के आरक्षण के लिए सोमवार को प्रारंभिक सूचना का प्रकाशन कर दिया गया। 27 जनवरी को पंचायतों के वार्ड और सरपंच पद का आरक्षण होगा।
वहीं, 30 जनवरी को जनपद व जिला पंचायत के वार्ड के साथ जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद का आरक्षण किया जाएगा। जिला पंचायत के अध्यक्ष के आरक्षण की कार्रवाई राज्य स्तर से होगी। इसका कार्यक्रम भी अलग से घोषित किया जाएगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव की ओर से घोषित पंचायतों के आरक्षण कार्यक्रम में कलेक्टरों से कहा है कि वे ही आरक्षण संबंधी सभी सूचना और अधिसूचनाएं जारी करेंगे। तीन फरवरी तक कलेक्टर को आरक्षण प्रक्रिया पूरी करके रिपोर्ट आयुक्त पंचायतराज के कार्यालय और राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी। प्रमाणित प्रतिलिपि विशेष वाहक से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गैर अनुसूचित क्षेत्र के सरपंच और जनपद पंचायत के अध्यक्ष चक्रानुक्रम से विभिन्न् वर्गों के लिए लाट (लॉटरी) निकालकर आरक्षित किए जाएंगे। अनुसूचित क्षेत्र की सभी पंचायत के सरपंच और जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रखे जाएंगे।
अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए वार्ड आरक्षण आबादी के हिसाब से होगा। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए पद चक्रानुक्रम से लाट निकालकर आरक्षित किए जाएंगे। लाट से आरक्षण तय करने के पांच दिन पहले सूचना प्रकाशित करनी होगी, ताकि सभी लोग इसमें हिस्सेदारी कर सकें। आधे स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित रखे जाएंगे।

राजगढ़ की डिप्टी कलेक्टर की सफाई पहले हुई थी उनकी पिटाई

भोपाल

मध्य प्रदेश के राजगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में एक रैली निकाली। रैली के दौरान हंगामा बढ़ा और बीजेपी वर्कर्स अभद्रता पर उतर आए। राजगढ़ की डेप्युटी कलेक्टर प्रिया वर्मा स्थितियों पर नियंत्रण के लिए टीम के साथ तैनात थीं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके बाल खींचे और धक्कामुक्की भी की। वह कहती हैं कि जब मैं उन्हें समझा रही थी तभी किसी ने मुझे पीछे से लात भी मारी थी।
शिवराज सिंह चौहान ने सरकार के समर्थन में काम करने का आरोप लगाया है, वहीं दिग्विजय सिंह ने आपका समर्थन किया है…इस पर प्रियंका कहती हैं, ‘मैं सिर्फ अपना काम कर रही थी। मुझे मैजिस्ट्रेट की ड्यूटी निभानी थी। मैं किसी के भी पॉलिटिकल अजेंडे में शामिल नहीं हूं। यदि आप विरोध रैली निकाल रहे हैं तो भी मेरा कर्तव्य बनता है कि मैं स्थितियों को काबू में रखूं, समर्थन रैली में भी हमारी यही कोशिश रहती है।’

‘पीठ पर किसी ने लात मारी थी’
प्रिया ने कहा, ‘कार्यकर्ताओं ने कोई बात नहीं मानी। धारा 144 लागू थी लेकिन ये लोग 19 तारीख को ही रैली निकालने पर अड़ गए। इनके बड़े नेताओं के घर जाकर हमने बात की। हमने इनसे 116 के बॉन्ड भी भरवाए थे लेकिन इन लोगों ने हुड़दंग मचाया। इन्होंने कार्यपालक मैजिस्ट्रेट और मेरे कपड़े खींचे। हमने इन कार्यकर्ताओं से कहा कि थाने चलिए, वहां बात की जाए लेकिन ये लोग खुद को छुड़वाकर भाग रहे थे। किसी ने मेरी पीठ पर बहुत तेजी से लात मारी थी।’

‘लोगों को हम समझाने में जुटे थे’
राजगढ़ की डेप्युटी कलेक्टर प्रिया कहती हैं, ‘हम रविवार को हुई घटना से पहले ही लोगों को समझाने में जुटे थे कि वे रैली में शामिल न हों। हम मैजिस्ट्रेट हैं तो हमारा दायित्व बनता है कि शांति व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन की ओर से रैली निकालने की इजाजत नहीं दी गई थी। दरअसल, पिछले वर्ष 26 जनवरी को खुजनेर में कानून व्यवस्था की बहुत बड़ी घटना हो गई थी। इसी वजह से इजाजत नहीं दी गई। कहा गया था कि रैली 26 जनवरी के बाद निकालिए क्योंकि हम राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों में जुटे हुए थे। इनसे पहले भी दो रैलियां निकली हैं, जो शांतिपूर्वक ढंग से निकलवाई गई थीं।’

कई पदों पर दे चुकी हैं सेवा
प्रिया कहती हैं, ‘मैंने 2014 में पीएससी पास किया था। उसका रिजल्ट 2017 में आया। मैंने उज्जैन की भैरूगढ़ जेल में बतौर असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट जेल के रूप में जॉइन किया था। इसके बाद 2015 के पीएससी में मैंने 10वीं रैंक हासिल की, मुझे डीएसपी की पोस्ट मिली थी। वर्ष 2016 में डेप्युटी कलेक्टर में वेटिंग में नाम था। 2017 में मुझे चौथी रैंक मिला, जहां से मुझे डेप्युटी कलेक्टर की रैंक राजगढ़ में मिली। अब मैं आईएएस की तैयारी कर रही हूं।’

‘गालीगलौच करते हुए शख्स आगे आया…’
डेप्युटी कलेक्टर कहती हैं, ‘मेरी ड्यूटी पॉइंट पर सारी जिम्मेदारी मेरी बनती है। मैं भीड़ को तितर-बितर कर रही थी। मैंने लोगों से कहा कि आप लोग आगे न जाइए, वहीं बैठ जाइए, लोगों ने बात भी मान ली। इसी दौरान एक शख्स पीछे से गालीगलौच करते हुए आगे आया। हमने उसे संभालने की कोशिश की, उसके अपशब्दों की वजह से उसे थप्पड़ मारे थे। इसके बाद लोगों ने मेरे साथ अभद्रता करना शुरू कर दिया।’

फर्जी खबरें लोकतंत्र के लिए खतरा, कठिन दौर से गुजर रही है पत्रकारिता-रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रामनाथ गोयनका एक्सलेंस इन जर्नलिज्म कार्यक्रम के दौरान देश की पत्रकारिता को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा पत्रकारिता अपने कठिन दौर से गुजर रही है.

नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पत्रकारिता के मौजूदा हालात पर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा, “पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है. फर्जी खबरें नए खतरे के रूप में सामने आई हैं, जिसका प्रसार करने वाले खुद को पत्रकार के रूप में पेश कर इस महान पेशे को कलंकित करते हैं.”

रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि, “सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को उजागर करने वाली खबरों की अनदेखी की जाती है और उनका स्थान तुच्छ बातों ने ले लिया है. वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने में मदद के बजाय कुछ पत्रकार रेटिंग पाने और ध्यान खींचने के लिए अतार्किक तरीके से काम करते हैं.”

“रामनाथ गोयनका एक्सलेंस इन जर्नलिज्म” पुरस्कार समारोह को यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “ब्रेकिंग न्यूज सिंड्रोम के शोरशराबे में संयम और जिम्मेदारी के मूलभूत सिद्धांत की अनदेखी की जा रही है. पुराने लोग फाइव डब्ल्यू एंड एच के मूलभूत सिद्धांतों को याद रखते थे, जिनका जवाब देना किसी सूचना के खबर की परिभाषा में आने के लिये अनिवार्य था.”

राष्ट्रपति ने कहा, “फर्जी खबरें नए खतरे के रूप में उभरी हैं, जिनका प्रसार करने वाले खुद को पत्रकार के तौर पर पेश कर इस महान पेशे को कलंकित करते हैं. पत्रकारों को अपने कर्तव्य के निर्वहन के दौरान कई भूमिकाएं निभानी पड़ती हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “इन दिनों पत्रकार अक्सर जांचकर्ता और न्यायाधीश की भूमिका निभाने लगते हैं. इसमें कोई शक नहीं है कि पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है. सच तक पहुंचने के लिए एक समय में कई भूमिका निभाने की खातिर पत्रकारों को काफी आंतरिक शक्ति और अविश्वसनीय जुनून की आवश्यकता होती है.”

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “हमारे जैसा लोकतंत्र, तथ्यों के उजागर होने और उन पर बहस करने की इच्छा पर निर्भर करता है और लोकतंत्र तभी सार्थक है, जब नागरिक अच्छी तरह से जानकार हों.”

लड़केे की सास को ले उड़ा उसका बाप

सूरत
गुजरात के सूरत जिले में दो परिवारों के बीच हुए विवाद के बाद एक युवक-युवती की शादी टूट गई। बताया जा रहा है कि दोनों की शादी फरवरी में होनी थी, लेकिन शादी से पहले ही दूल्हे का पिता और दुलहन की मां लापता हो गए। परिवार के मुताबिक, दूल्हे के पिता और दुलहन की मां एक दूसरे को काफी पहले से जानते थे और यह आशंका है कि एक दूसरे के प्यार में पड़कर उन्होंने शादी कर ली।

सूरत के काटरगाम इलाके के रहने वाले दूल्हे की शादी नवसारी की एक युवती से होनी थी। शादी के एक महीने पहले ही जब दुलहन की मां घर से लापता हो गई तो परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस से की। इसी बीच दूल्हे के पिता ने भी घर छोड़ दिया और कोई खबर ना मिलने पर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई।

तहसीलदार से उद्धव ठाकरे ने कहा-ये कुर्सी आपकी है और मुख्यमंत्री खड़े हो गये

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कुछ ऐसा किया कि लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। लोग उनके सौम्य स्वभाव की चर्चा कर रहे हैं। दरअसल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सांगली के वालवा तहसील में मुख्य प्रशासकीय इमारत का उद्‌घाटन करने पहुंचे थे। वहां उद्घाटन के बाद उन्होंने तहसील का मुआयना किया। इसी दौरान वो तहसीलदार के लिए बने कक्ष में पहुंचे। उद्ध‌‌व ठाकरे तहसीलदार के दफ्तर में उसकी कुर्सी पर बैठा गए, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि ये यह कुर्सी तहसीलदार की है, वह फौरन वहां से उठ गए और तहसीलदार रवींद्र सबनीस को खुद उस कुर्सी पर बिठाया।

मुख्यमंत्री के सामने कुर्सी पर बैठने से हिचकिचा रहे तहसीलदार रवींद्र को समझाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह कुर्सी आपकी हैं और आप ही इस कुर्सी पर बैठिए। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सारी बातें तहसीलदार की कुर्सी के पास खड़े होकर कर रहे थे, जबकि रवींद्र अपनी कुर्सी पर बैठे हुए मुख्यमंत्री की सारी बातों को सुन रहा था। तहसीलदार रवींद्र सबनीस को कुर्सी पर बैठाकर उद्धव खुद वहां खड़े रहे, जिसे देखकर लोग उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री उद्ध‌व ठाकरे के इस सहज और सौम्य बर्ताव को देखकर हर किसी ने उनकी तारीफ की है। वहीं उद्धव ठाकरे ने तहसीलदार को समझाते हुए कहा कि यह इमारत आपकी है, यहां के प्रमुख अधिकारी के रूप में आपको काम करना है, यह कुर्सी आपकी है, इस कुर्सी पर मैं खुद तुम्हें बैठा रहा हूं। इसके बाद रवींद्र से जब इसके बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि जब से मुख्यमंत्री ने मुझे खुद उस कुर्सी पर बिठाया है तब से जब-जब मैं इस कुर्सी पर बैठता हूं, मुझे लगता है मुख्यमंत्री मेरे पास खड़े हैं।

नोहरी खुर्द शिवपुरी क्षेत्र में मोरम का अवैध उत्खनन जारी.

करुणेश शर्मा की कलम से
शिवपुरी नोहारी खुर्द केशव महाविद्यालय के पीछे मुरम का अवैध उत्खनन कई दिनों से माफियाओं के द्वारा किया जा रहा है इस उत्खनन की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई किंतु प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया जहां पर मोरम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है वहीं पर हाई टेंशन लाइन विद्युत की होकर गुजरती है जिसके पौधों के आसपास की मिट्टी मोरम खोद दी गई है भविष्य में पुल के गिरने से कोई गंभीर हादसा हो सकता है बिजली के खंभे मोरम हटने के कारण झुकते हुए दिखाई दे रहे हैं यह मोरम ऊंचे दामों पर बाजार में बेधड़क बेची जा रही है प्रशासन से अनुरोध है कि इस अवैध उत्खनन को रुकवा कर वह अपराधियों को दंडित करके मुख्यमंत्री कमलनाथ की माफिया विरोधी अभियान को गति दें एवं शासन के लाखों रुपए के राजस्व को बचाने में सहयोग करें.

राजन कुमार सुभाष चन्द्र बोस बनेंगे. ➖➖➖➖➖➖➖

                 
मुबई।हीरो और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के आइकॉन राजन कुमार को वैसे तो बहुत से पुरुस्कारों और अवॉर्ड्स से नवाजा गया है लेकिन अब उन्हें एक खास सम्मान से नवाजा जाएगा. मुंबई के एक फाइव स्टार होटलों में ‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ब्रेवेरी अवार्ड” का आयोजन हो रहा है.  जहाँ हीरो राजन कुमार एक विशेष प्रस्तुति देंगे. वह सुभाष चन्द्र बोस के लुक में आज के दौर में सुभाष चन्द्र बोस की जरुरत पर जोर देते हुए बच्चों को मोबाइल से दूर रहने की अपील भी करेंगे, जिसको लेकर वह बेहद उत्साहित हैं.

                इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के आइकॉन के रूप में उन्होंने बिहार के मुंगेर जनपद का नाम देश भर में चर्चित किया है. उनके वोटिंग ट्री के न्यू कांसेप्ट की चर्चा इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की पत्रिका में भी की गई है. राजन कुमार चार्ली चैपलिन 2 के नाम से भी दुनिया भर में विख्यात हैं. हजारों लाईव शोज करने की वजह से उनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है. वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी लेखक और एक अच्छे अभिनेता हैं. इन तमाम कारनामों के कारण उन्हें  ‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ब्रेवेरी अवार्ड’ सम्मान दिया जा रहा है. 

                  बता दें कि, हाल ही में ‘श्रेष्ठ नागरिक सम्मान’ से सम्मानित किया गया था. अब तक वह दर्ज़नो अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं. उनकी फिल्म ‘नमस्ते बिहार’ सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी है और वह वर्तमान में एक नई हिन्दी फिल्म की शूटिंग में भी व्यस्त हैं, जो संभवतः इसी साल प्रदर्शित होगी. एक निर्माता ने उन्हें अपनी फिल्म के लिए अनुबंधित किया है, जिसमें वह नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की भूमिका निभाएंगे. 
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MP: CAA: प्रदर्शन कर रहे BJP कार्यकर्ताओं ने महिला डिप्टी कलेक्टर की खींची चोटी

राजगढ़ में CCA के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हुई घटना
शिवराज सिंह ने पूछा- क्या थप्पड़ मारने का आदेश मिला था

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहा है. कई जगहों पर इसके समर्थन में भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं. मध्य प्रदेश के राजगढ़ में CCA के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के बाल खींच दिए.

दरअसल, प्रशासन प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रहा था और बीचे रास्ते में प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां से हटा रहा था. इसी दौरान डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने लगीं. तभी किसी प्रदर्शनकारी ने डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा की चोटी खींच दी.

इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहानका बयान आया है. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा. आज राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर साहिबा ने जिस बेशर्मी से CAA के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को लताड़ा, घसीटा और चांटे मारे, उसकी निंदा मैं शब्दों में नहीं कर सकता. क्या उन्हें प्रदर्शनकारियों को पीटने का आदेश मिला था?

देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के बीच मध्यप्रदेश सरकार साफ कर चुकी है कि वह इस कानून का विरोध करेगी. विरोध में मुख्यमंत्री कमलनाथ और सरकार के सभी मंत्री व कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल मार्च भी निकाल चुके हैं.

बता दें, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का नागरिकता संशोधन कानून पर आधिकारिक बयान आया था जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस बिल को संसद में लाने से पहले केंद्र सरकार ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भरोसे में नहीं लिया गया. उनका कहना था कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र सरकार की जिद के कारण हालात काबू से बाहर हैं और इसलिए इस कानून को लेकर जो कांग्रेस का स्टैंड है वहीं मध्यप्रदेश सरकार का स्टैंड रहेगा.