पंचायत चुनाव का रास्ता साफ? ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार को SC में मिली बड़ी सफलता

भोपाल: मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है और सुप्रीम कोर्ट के आज दिए गए आदेश से कहा जा सकता है कि राज्य में जल्द ही नगर निकाय के चुनाव हो सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट में सरकार को बड़ी कामयाबी मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की बात मानते हुए 2022 के परिसीमन को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर मध्य प्रदेश सरकार की भी बात सुनी है. कोर्ट ने 1 हफ्ते के अंदर ओबीसी रिजर्वेशन देने का निर्देश दिया है.

कोर्ट ने अपने आदेश में क्‍या-क्‍या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने निकाय चुनावों को लेकर सरकार के 2022 के परिसीमन को मंजूरी दे दी है. इसके चलते अब ओबीसी आरक्षण के साथ ही राज्य में पंचायत चुनाव होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और राज्य चुनाव आयोग को एक हफ्ते में पंचायत चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण 50 फीसदी से ऊपर नहीं जाना चाहिए

वहीं इससे पहले 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने राज्‍य चुनाव आयोग से कहा था कि वो पंचायत चुनाव को लेकर 2 हफ्ते के अंदर अधिसूचना जारी करें. साथ सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मध्यप्रदेश में बिना OBC आरक्षण के ही स्थानीय निकाय के चुनाव होंगे. कोर्ट ने ये भी कहा था कि पिछले दो साल से स्थानीय निकायों के करीब 23 हजार पद खाली पड़े हैं. हर पांच साल में चुनाव कराना सरकार का संवैधानिक दायित्व है. आरक्षण के ट्रिपल टेस्ट को पूरा करने के लिए और समय नहीं दिया जा सकता.

हालांकि इस फैसले के बाद शिवराज सरकार ने कहा था कि पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ ही कराए जाएंगे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और मंत्री भूपेंद्र सिंह ने दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुलाकात की थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ओबीसी आरक्षण के साथ ही मध्य प्रदेश में पंचायत के चुनाव होंगे.

.

http://thenewslight.com/TNL50918
Connect with us

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!