पीएम मोदी से पहले ही ममता ने कर दिया कोलकाता के अस्पताल का उद्घाटन? क्या है माजरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोलकाता में चितरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (सीएनसीआई) के दूसरे कैंपस का उद्घाटन किया। उद्घाटन कार्यक्रम में मोदी की धुर विरोधी मानी जाने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह कहते हुए विवाद को हवा दे दी कि वह इसका उद्घाटन पहले ही कर चुकी हैं। मोदी ने हालांकि ममता के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

चितरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान केंद्र और राज्य सरकार के साझे प्रयास से 534 करोड़ में बनकर तैयार हुआ है। बजट में केंद्र सरकार का हिस्सा 75% और राज्य का 25% है। ऐसे में ममता के बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जिस संस्थान के लिए केंद्र सरकार ने तीन-चौथाई राशि दी है, उसका उद्घाटन उन्होंने केंद्र को सूचना दिए बिना कैसे कर दिया?

ममता ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम की मौजूदगी में कहा, “केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मुझे दो बार फोन किया था आने के लिए। इसलिए मैंने सोचा कि कोलकाता के प्रोग्राम, जिसमें प्रधानमंत्री ने रुचि दिखाई है उनकी जानकारी के लिए बताना चाहूंगी कि इसका उद्घाटन हमलोगों ने पहले ही कर दिया है। जब कोविड हुआ था और हमें कोविड सेंटर की जरूरत थी तो मैं उधर गई थी और चितरंजन हॉस्पिटल के दूसरे कैंपस को देखा तो पाया कि इससे प्रदेश सरकार भी जुड़ी हुई है और उसमें हमलोगों ने सेंटर बना दिया था।”

ममता के बयान पर पीएम ने नहीं दी प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी के बयान से ही साफ है कि इसका औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ था बल्कि कोविड संक्रमण की पिछली लहर में इसका इस्तेमाल कोविड सेंटर के रूप में किया गया था। ममता बनर्जी के पहले उद्घाटन कर देने वाले बयान पर प्रधानमंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अपनी सरकार द्वारा आम लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए की गईं पहलों का उल्लेख करते प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना आज एक सस्ती और समावेशी योजना के रूप में दुनिया के लिए एक आदर्श है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना के तहत देशभर में दो करोड़ 60 लाख से ज्यादा मरीज, अस्पतालों में अपना मुफ्त इलाज करा चुके हैं।
 
नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि देश के मेडिकल कॉलेजों में आज की करीब डेढ़ लाख सीटों में 66 प्रतिशत संख्या पिछले सात साल में जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या 90 हजार के आसपास थी और पिछले सात वर्षों में इनमें 60 हजार नई सीटें जोड़ी गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में हमारे यहां सिर्फ छह एम्स होते थे, आज देश 22 एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है।

मोदी ने कहा, “कैंसर की बीमारी तो ऐसी है जिसका नाम सुनते ही गरीब और मध्य वर्ग हिम्मत हारने लगता था। गरीब को इसी कुचक्र और चिंता से बाहर निकालने के लिए देश सस्ते व सुलभ इलाज के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। बीते सालों में कैंसर की जरूरी दवाओं की कीमतों में काफी कमी की गई है।” 

90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को लगी वैक्सीन की पहली डोजः पीएम
कोविड टीकाकरण अभियान में प्रगति की जानकारी देते हुए मोदी ने कहा आज भारत की वयस्क जनसंख्या में से 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है। सिर्फ पांच दिन के भीतर ही डेढ़ करोड़ से ज्यादा बच्चों को भी वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार अब तक पश्चिम बंगाल को भी कोरोना वैक्सीन की करीब-करीब 11 करोड़ डोज मुफ्त मुहैया करा चुकी है। बंगाल को डेढ़ हजार से अधिक वेंटिलेटर, नौ हजार से ज्यादा नए ऑक्सीजन सिलेंडर भी दिए गए हैं। प्रदेश में नए 49 पीएसए नए ऑक्सीजन संयंत्र भी शुरू कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, ”यह उपलब्धि पूरे देश की है, हर सरकार की है। मैं विशेष रूप से इस उपलब्धि के लिए देश के वैज्ञानिकों का, वैक्सीन मैन्यूफैक्चरर्स का, हमारे हेल्थ सेक्टर से जुड़े साथियों का धन्यवाद करता हूं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि कि सबके प्रयासों से ही देश ने उस संकल्प को शिखर तक पहुंचाया है, जिसकी शुरुआत हमने शून्य से की थी।

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