अफगानिस्तान में तालिबान राज के कारण कश्मीर में गैर-मुस्लिमों पर हो रहे आतंकी हमले? जानें कैसे

क्या जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में हुई एकाएक बढ़ोतरी के पीछे अफगानिस्तान में हुए सत्ता परिवर्तन की भी भूमिका है? रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान की घटना से आतंकियों के हौसले बढ़े हो सकते हैं।

दरअसल, कश्मीर में पिछले कुछ समय से आतंकी घटनाओं में वृद्धि नजर आ रही है। सुरक्षाबलों के साथ-साथ आम लोगों पर भी आतंकी हमले बढ़े हैं। लंबे समय के बाद आतंकी चुनिंदा लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसे लेकर यह माना जा रहा है कि घाटी में आतंकी घटनाओं का स्वरूप भी बदल रहा है।

रक्षा जानकारों का मानना है कि तालिबान के सत्ता में आने से कश्मीरी आतंकियों के हौसले बढ़े हैं। तालिबान की सफलता उन्हें चौंका रही है। इसलिए सुरक्षाबलों को इस समय आतंकियों के खिलाफ अपने अभियान को तेज करना होगा। आतंकियों की गलतफहमी को दूर करना जरूरी है। पिछले दो-तीन दिनों के दौरान सुरक्षाबलों की व्यापक कार्रवाई में कई आतंकी मारे भी गए हैं।

बता दें कि इसी महीने 5 अक्टूबर को आतंकवादियों ने इकबाल पार्क के पास बिंदरू मेडिकेट के मालिक माखन लाल बिंदरू पर गोलियां बरसाकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। पांच अक्टूबर को ही कश्मीर के दो अन्य स्थानों पर आतंकियों के हमले में दो लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 7 अक्टूबर को आतंकियों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक सरकार स्कूल के अंदर घुसकर प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और शिक्षक दीपक चंद की हत्या कर दी थी। दोनों ही गैर-मुस्लिम समुदाय से थे

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