क्या मध्य प्रदेश से शिवराज सिंह चौहान की विदाई होगी ? अमित शाह बदल सकते हैं मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री अटकलों का बाजार गर्म ?

आज कल मध्य प्रदेश के राजनीतिक कलमकारों में चर्चा का एक विषय आम है , कि उत्तराखंड , गुजरात के मुख्यमंत्री बदलने के बाद क्या मध्य प्रदेश की बारी है ।

इससे पहले कर्नाटका में सबसे ताकतवर मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को भी बदल दिया गया था । उस समय भी शिवराज सिंह चौहान के बदले जाने की खबरें हवा में उड़ती-उड़ती रह गई थी लेकिन सब अटकलों पर विराम लग गया था।
अब यह सवाल उठता है कि अगर मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री को बदलना पड़ता है तो उसके क्या कारण हैं। यह तो सभी जानते हैं कि शिवराज सिंह चौहान पिछले विधानसभा चुनाव में ही जनता का विश्वास खो चुके हैं और वर्तमान समय में दल-बदल कर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए विधायकों की वजह से आज सत्ता सुख भोग रहे हैं । ऐसी भी अफवाहें थीं की इस दल-बदल के लिए करोड़ों रुपए की सौदेबाजी हुई थी।
आज सत्ता में शिवराज सिंह चौहान बने हुए हैं इसके लिए मुख्य भूमिका ज्योतिरादित्य सिंधिया की रही थी बदले में उनका भी राजनीतिक पुनः स्थापन हो गया है।
आगे आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए शिवराज सिंह चौहान में वो उर्जा और आकर्षण शक्ति दिखाई नहीं देती है , और न ही जनता और भाजपा के कार्यकर्ताओं में इनके प्रति कोई ललक दिखाई पड़ती है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों की वजह से भाजपा के वफादार और असली जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई देती है।यह भी एक फैक्टर है जो आने वाले विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में नुकसान पहुंचा सकता है ।
डीजल पेट्रोल और घरेलू गैस की बढ़ती कीमतें बिजली कंपनियों के द्वारा भेजे जा रहे अनाप-शनाप बिल । प्रशासन में फैला हुआ भ़ष्टाचार शिवराज सिंह चौहान की अधिकारियों पर ढीली होती पकड़ बहुत से कारण हैं , जो शिवराज सिंह चौहान के पक्ष में नहीं जाते हैं। मनरेगा में हुआ भारी संख्या में भ़ष्टाचार भी एक कारण बनेगा।
सबसे बड़ा कारण यह है कि दूसरे लोगों को भी मौका मिलना चाहिए पार्टी के लिए सब कार्यकर्ता बराबर से मेहनत करते हैं फिर किसी एक आदमी को ही प्राथमिकता दी जाती है प़जातंत्र में गलत है ।
मध्य प्रदेश भाजपा के असंतुष्ट नेता भी सबसे प्रमुख कारण बनेंगे यदि उन्हें मौका नहीं दिया गया तो । बहुत से कद्दावर नेता शिवराज सिंह के बाद उनकी बारी आने का इंतजार कर रहे और उन्हें मौका मिलना भी चाहिए ।
समय ही सब बातों का जवाब देगा हम केवल दर्शक बने रह सकते हैं ।

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