Corona Vaccine: वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों के लिए राहतभरी खबर, रिपोर्ट में खुलासा 

Corona Vaccine: कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम को लेकर बड़ी खबर है। जो लोग दोनों डोज लगवा चुके हैं, उन्हें नहीं जा पड़ा अस्पताल।

Corona Vaccine: भारत में कोरोना वायरस(Corona Virus) के कहर के बीच राहतभरी खबर है। जो लोग कोरोना की दोनों डोज लगवा चुकें हैं उनकी सेहत कोरोना से जंग लड़ने के लिए बिल्कुल तैयार हो गई है। इस बारे में हुए अध्ययन से पता चला है कि कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की दोनों डोज ले चुके 94 प्रतिशत लोगों को कोरोना संक्रमित होने पर ICU में भर्ती की जरूरत नहीं पड़ी। जिनमें 77 प्रतिशत लोगों को तो अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत भी नहीं पड़ी।

ऐसे में कोरोना वायरस के खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञ लगातार कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में वैक्सीनेशन प्रोग्राम को बहुत जरूरी बता रहे हैं। वैक्सीनेशन से इंसान की इम्यूनिटी कोरोना वायरस को मात देने के लिए तैयार हो जाती है।

वैक्सीनेशन इतना कारगर

इस बारे में वेल्लूर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज के 10 हजार 600 कर्मचारियों को इस अध्ययन में शामिल किया गया। जिसमें से 84.8 प्रतिशत मतलब कि 8 हजार 990 सदस्य 21 जनवरी से 30 अप्रैल तक कोरोना टीका प्राप्त कर चुके थे।

जिनमें से 93.4 प्रतिशत लोगों को कोविशील्ड लगी थी, जबकि अन्य लोगों ने कोवैक्सीन लगवाई थी। इस अध्ययन में शामिल लोगों में 7 हजार 80 सदस्यों को दोनों डोज मिल चुके थे। जिनसे राहत वाली बात सामने आई।

ऐसे में 679 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए। इनके बीमार होने के बाद 64 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन चार लोगों को ऑक्सीजन थैरेपी की जरूरत लगी। ऐसे में खास बात यह है कि इनमें से केवल दो मरीजों को ICU में दाखिल करने की नौबत आई।

पहली डोज से सुरक्षा मिलना शुरू

सबसे ज्यादा बड़ी बात तो ये है कि इस दौरान कोई मौत नहीं हुई। इसके साथ ही मेयो क्लीनिकल प्रोसीडिंग्स में प्रकाशित हुई ‘Protective Effect of Covid-19 Vaccine Among Healthcare Workers During the Second Wave of the Pandemic’ के लेखकों ने यह साफ तौर पर बताया है कि फ्रंटलाइन वर्कर्स को जल्द से जल्द टीका लगाया जाना बेहद जरूरी है।

इस अध्ययन में पता चला है कि दोनों डोज प्राप्त करने से अस्पताल में भर्ती, ऑक्सीजन थैरेपी की जरूरत और ICU में दाखिले को कम कर देते हैं। ऐसे में सूत्रों से सामने आई रिपोर्ट में अध्ययन के लेखक डॉक्टर जेवी पीटर्स की तरफ से कहा गया है कि पहले डोज के बाद से ही सुरक्षा मिलना शुरू हो जाती है। वैक्सीन का सिंगल डोज ICU में भर्ती होने से 95 प्रतिशत सुरक्षा देता है।

आगे उन्होंने कहा, ‘यह एफिकेसी नहीं ऑब्जर्वेशनल स्टडी थी। इसमें हमने सीमित समूह की स्टडी की, लेकिन हमें हर स्तर पर वैक्सीनेशन के फायदे नजर आए।’ साथ ही उन्होंने बताया, ‘केवल एक ही स्टाफ सदस्य था, जिसकी महामारी की शुरुआत में मौत हो गई थी। उन्हें कई बीमारियां थी और वैक्सीन भी नहीं ली थी।’

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