ज्येष्ठ अमावस्या को लगेगा पहला सूर्यग्रहण, शनिदेव की भी होगी पूजा 

Solar Eclipse in Bihar खगोल विज्ञानियों के अनुसार अगले महीने लगने वाला सूर्यग्रहण वलयाकार के रूप में दिखाई देगा। इस बार सूर्यग्रहण के दिन सुहागिन का पवित्र त्योहार वट सावित्री का पर्व भी है। यहां आप ग्रहण की टाइमिंग और असर के बारे में जान सकेंगे।

Solar Eclipse in Bihar: हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन गुरुवार को इस साल का पहला सूर्यग्रहण लगेगा। यह ग्रहण कंकणाकृति सूर्य ग्रहण है। खगोल विज्ञानियों के अनुसार 10 जून को लगने वाला सूर्यग्रहण वलयाकार के रूप में दिखाई देगा। इस बार सूर्यग्रहण के दिन सुहागिन का पवित्र त्योहार वट सावित्री का पर्व भी है। इसके साथ रवि के पुत्र शनि की भी जयंती मनाई जाएगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए व्रती अपने घरों में ही वट वृक्ष की पूजा कर अखंड सुहाग की कामना करें।

पांच घंटे से ज्यादा होगा ग्रहणकाल

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को लगने वाला साल का पहला सूर्यग्रहण वृष राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लग रहा है। यह दोपहर 01:42 बजे से आरंभ होकर शाम 6:41 बजे तक रहेगा। ग्रहण का समयकाल लगभग पांच घंटे 39 मिनट का होगा। सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले ही लग जाता है। वलयाकार सूर्यग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के 97 फीसद भाग को इस प्रकार ढंक देता है कि सूर्य बीच से ढंका हुआ प्रतीत होता है, लेकिन उसके किनारे का भाग प्रकाशवान रहता है। इससे सूर्य छल्ला या अंगूठी के समान दृश्य होता है।

दस जून को लगेगा वर्ष का पहला सूर्यग्रहण, नहीं होगा सूतक काल

दोपहर 1:42 बजे से आरंभ होकर शाम 6:41 बजे तक रहेगा ग्रहण का प्रभाव

ग्रहण की दृश्‍यता के आधार पर लगता है सूतक

यह भारत को छोड़कर उत्तर अमेरिका के उत्तरी भाग, यूरोप व एशिया के आंशिक भाग, कनाडा के उत्तरी पूर्व भाग, रूस, मंगोलिया, चीन के पश्चिमी भाग और ग्रीनलैंड में पूर्णरूप से दिखाई पड़ेगा। ज्योतिष के अनुसार जिस जगह पर सूर्यग्रहण दिखाई पड़ता है, वहां सूतक काल होता है। ऐसे में भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा। कोई भी ग्रहण दृश्य होने पर धार्मिक महत्व को प्राप्त करता है। इसका सीधा मतलब है कि भारत और बिहार में इस ग्रहण का कोई असर नहीं पड़ेगा।

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