यास तूफान आगे बढ़ा:चक्रवाती तूफान से बंगाल और ओडिशा में तबाही का मंजर, अब झारखंड और बिहार में हाई अलर्ट

बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाने के बाद यास तूफान आगे बढ़ गया है, लेकिन ये तूफान अपने पीछे तबाही का मंजर छोड़ गया है। बंगाल और ओडिशा में तूफान की वजह से 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। बारिश और घरों के टूटने की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई। इनमें 3 ओडिशा और एक बंगाल से है।

बंगाल में पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा, शंकरपुर, मंदारमनी दक्षिण 24 परगना जिले के बाद बकखाली, संदेशखाली, सागर, फ्रेजरगंज, सुंदरबन आदि जगहों से लेकर पूरे बंगाल में 3 लाख लोगों के घर इस तूफान से उजड़ गए हैं। 134 बांध टूट गए हैं, जिन्हें ठीक करवाया जा रहा है। यहां बुधवार को 130-145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 28 और 29 मई को हेलिकॉप्टर से तूफान प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी।

अपडेट्स

गुरुवार दोपहर बंगाल के मुर्शिदाबाद के हरिहरपारा में बिजली गिरने से ताहासेन शेख और सईदुल इस्लाम की मौत हो गई। हादसे में 5 लोग घायल हुए हैं।बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के सागर, सुंदरबन, फ्रेजरगंज, संदेश खाली, बकखाली आदि इलाकों में बारिश का पानी भर गया है।दीघा समुद्र तट पर समुद्र की लहरें पूरे उफान पर हैं समुद्र के तेज लहरों से उठकर भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच पानी लगातार वीआईपी इलाकों में घुस रहा है।ओडिशा के राउरकेला एयरपोर्ट को छोड़कर बाकी सभी हवाई अड्‌डों पर फ्लाइट्स ने आना-जाना शुरू कर दिया है।एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कहा है कि तूफान से रांची एयरपोर्ट पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, दरभंगा और पटना एयरपोर्ट को अलर्ट पर रखा गया है।

झारखंड के 200 गांव में छाया अंधेरा
यास तूफान ने बुधवार रात 1 बजे के करीब पश्चिमी सिंहभूम से झारखंड में प्रवेश किया। इस समय हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे थी। तूफान के कारण रांची सहित झारखंड के 21 जिलों में 24 घंटे से बारिश जारी है। जमशेदपुर और धनबाद में तेज हवाएं चलने से कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। इससे 200 गांवों में अंधेरा छाया रहा।

मौसम विभाग IMD ने 28 मई तक पूरे राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तूफान गुरुवार सुबह 5.30 बजे दक्षिणी झारखंड पहुंचकर कमजोर हुआ और डीप डिप्रेशन में तब्दील होना शुरू हो गया। यहां से तूफान उत्तर की तरफ बढ़ रहा है। ये धीरे-धीरे कमजोर होता जाएगा। तूफान के कारण बिहार के 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यास तूफान बुधवार सुबह करीब 9 बजे ओडिशा के भद्रक जिले से टकराया था। दोपहर करीब 1.30 बजे कमजोर पड़कर वह ‘बेहद खतरनाक’ से ‘खतरनाक’ की श्रेणी में बदल गया।

बारात ले जा रही बोलेरो बाढ़ में बही
तूफान के चलते पूरे झारखंड में 201 शेल्टर होम बनाए गए। पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांदा में 2051 और धालभूमगढ़ में 600 लोगों को शेल्टर होम भेजा। धनबाद में बुधवार देर रात तक 15 मिमी बारिश हुई। लातेहार जिले के तूपु हेसला गांव की धरधरी नदी में बुधवार शाम अचानक बाढ़ आ गई। इस बीच नदी पार कर रही बारातियों से भरी बोलेरो बाढ़ की चपेट में आ गई। बारातियों सहित ड्राइवर ने गाड़ी से कूदकर जान बचाई।

बिहार में 55 kmph की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक तूफान गुरुवार शाम 5.30 बजे तक पटना पहुंचेगा। पटना में 160 और दूसरे इलाकों में 255 मिमी बारिश के आसार हैं। इस दौरान 40 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे (kmph) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। IMD के मुताबिक बिहार में गुरुवार रात से पारा गिरेगा। 28 से दिन और रात के तापमान में 13 डिग्री तक गिरावट हो सकती है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 23 डिग्री रहने का अनुमान है।

बांका और जमुई के रास्ते एंट्री करेगा तूफान
बिहार में तूफान बांका, जमुई, कटिहार, लखीसराय, भागलपुर होते हुए अन्य भागों में असर दिखाएगा। इससे पटना सहित 26 जिलों में भारी बारिश की आशंका है। इससे पहले बुधवार को बांका, जमुई, लखीसराय और कहलगांव में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। पटना में 1.9 मिमी, गया में 31 मिमी, भागलपुर में 9.9 मिमी और पूर्णिया 3.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

जलपाईगुड़ी में भूकंप भी आया
यास तूफान ने बुधवार को भारत के पूर्वी तटों पर दस्तक दी। बंगाल के जलपाईगुड़ी में दोपहर के वक्त पहुंचा और इसी दौरान 3.8 तीव्रता का भूकंप भी रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद यास ओडिशा पहुंचा, जहां भारी बारिश और तेज हवाएं चलने लगीं। इससे पहले 1 लाख लोगों को वहां से सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है।

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