PM मोदी संग बैठक में CJI ने बताया ऐसा नियम, CBI चीफ के लिए सरकार की पसंद के 2 कैंडिडेट हुए आउट

नई दिल्ली
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI)के नए निदेशक की नियुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति ने सोमवार चर्चा की। सूत्रों के हवाले से यह बताया जा रहा है कि इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने एक नियम का जिक्र किया जिसके बाद सरकार की ओर से शॉर्टलिस्ट किए गए दो नाम रेस से बाहर हो गए हैं।

सूत्रों की मानें तो बैठक में चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को पुलिस चीफ जैसे पदों पर नहीं बिठाना चाहिए जिनका कार्यकाल 6 महीने से कम बचा हो। चीफ जस्टिस ने कहा कि पैनल को नियम के आधार पर ही किसी नाम पर विचार करना चाहिए।

चीफ जस्टिस के इस बात के बाद दो नाम रेस से बाहर हो गए हैं। बीएसएफ चीफ राकेश अस्थाना का नाम रेस से बाहर बताया जा रहा है। राकेश अस्थाना 31 अगस्त को रिटायर होने वाले हैं। दूसरा नाम नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी एनआईए चीफ वाई सी मोदी का जो 31 मई को रिटायर होने वाले हैं।

नए निदेशक के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक सुबोध कुमार जायसवाल, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक कुमार राजेश चंद्रा और केंद्रीय गृह मंत्रालय में विशेष सचिव वी. एस. के. कौमुदी ही रेस में बचे हैं। जायसवाल 1985 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं और वह पूर्व में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक पद पर रहे हैं।

वर्तमान में वह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक हैं।चंद्रा भी 1985 बैच के आईपीएस हैं और वह बिहार कैडर के अधिकारी हैं। वर्तमान में वह एसएसबी के महानिदेशक हैं जबकि कौमुदी 1986 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग में विशेष सचिव हैं।

वर्तमान में 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी और सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक प्रवीण सिन्हा सीबीआई निदेशक का प्रभार संभाल रहे हैं। सिन्हा को यह प्रभार ऋषि कुमार शुक्ला के सेवानिवृत्त होने के बाद सौंपा गया था। वह दो साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद फरवरी में सेवानिवृत्त हुए थे।

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